इंदौर / केंद्र सरकार द्वारा कल वित्त मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्य पत्र जारी करके प्याज पर निर्यात शुल्क 40% लगा दिया गया है जो 31 दिसंबर 2023 तक लागू रहेगा सरकार का कहना है कि बढ़ती हुई कीमतों को लेकर प्याज पर नियंत्रण करने के लिए निर्यात पर शुल्क लगाया गया है
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रामस्वरूप मंत्री व बबलू जाधव का कहना है कि मंडियों में इतने भी भाव नहीं मिल रहे थे प्याज के कि सरकार को तत्काल प्याज निर्यात शुल्क लगाने की आवश्यकता पड़ी क्योंकि मंडियों में ज्यादातर एवरेज प्याज 18 से ₹20 किलो ही बिक रही थी जिसमें किसानों की लागत निकल रही थी क्योंकि ज्यादातर प्याज तो मालवा निमाड़ में बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से काफी नुकसान होने से खराब हो गई थी वही बची हुई प्याज की फसल किसानों ने रोक रखी थी कि उन्हें अपनी फसल का अच्छा दाम मिलेगा परंतु केंद्र सरकार द्वारा प्याज निर्यात शुल्क 40% लगाए जाने से मंडियों में प्याज के दाम काफी कम मिलेंगे किसानों की लागत भी नहीं निकलेगी क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा महंगाई का हवाला देकर किसानों की फसलों को ओने पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर कर दिया जाता है हाल ही में अफगानिस्तान से लहसुन निर्यात करवाई गई गेहूं निर्यात पर रोक लगाई गई चावल पर रोक लगाई गई और अब प्याज पर निर्यात शुल्क लगाने से किसान ठगा सा महसूस कर रहा है और किसानों में केंद्र सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश है संयुक्त किसान मोर्चा के नेता रामस्वरूप मंत्री व बबलू जाधव का कहना है कि तत्काल सरकार को निर्णय को बदलना चाहिए निर्यात शुल्क हटाना चाहिए जिससे किसानों को अपनी फसल का वाजिब दाम मिल सके नहीं तो किसान फिर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।





