इंदौर
इंदौर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो ट्रेन के लिए पहला इंतजार खत्म हो गया। मेट्रो के तीन कोच बुधवार देर रात इंदौर लाए गए। गुरुवार सुबह 11 बजे मेट्रो के पहले कोच को ट्रैक पर उतार दिया गया। यहां पहले कोच को 100 मीटर चलाकर देखा गया। उसके बाद दूसरे कोच को लाया गया है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा कि सितंबर में ही इसका ट्रायल करना प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार यह तारीख 14 सितंबर या उसके बाद की हो सकती है। ट्रेन का ट्रायल रन गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर एरिया के 5.9 किलोमीटर ट्रैक पर होगा। इस रूट पर पांच स्टेशन आएंगे जिनका काम चल रहा है। हालांकि सरकार का दावा है कि जून 2024 तक गांधी नगर से रेडीसन चौराहे तक का सफर आम लोग कर सकेंगे। यह सफर 17 किमी लंबा होगा।
मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक कोच के कवर अभी नहीं खोले जाएंगे। इससे कोच के डैमेज होने की आशंका है। प्रारंभिक काम करके तीनों कोचों को आपस में जोड़ दिया जाएगा। पूजा के लिए कोच का थोड़ा हिस्सा खोला गया लेकिन पूरी तरह से मेट्रो कोच की दीदार ट्रायल रन के दिन ही हो पाएगा।
सात दिन पहले चले थे गुजरात से
7 दिन पहले कोच 800 किलोमीटर दूर गुजरात के सांवली स्थित प्लांट से ट्राले पर भेजे गए थे। मंगलवार रात तक कोच इंदौर से 120 किलोमीटर दूर थे और बुधवार रात तक ये दूरी भी पूरी कर ली गई। फिर इन तीनों कोच को बड़े कंटेनर में 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से लाया गया। कोच 60-60 टन वजनी है। गुरुवार को इन्हें पूजा-पाठ कर सीमेंटेड प्लेटफॉर्म पर उतारा गया, उसके बाद रेलवे ट्रैक पर लाकर खड़ा किया गया है। कवर पूरी तरह ढांककर रखा गया है।

मेट्रो कोच के फ्रंट का कुछ हिस्सा हटाया गया है। हालांकि इसे पूजा के बाद फिर से कवर दिया जाएगा।
14 सितंबर को मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन संभावित है। गांधी नगर से टीसीएस चौराहे तक 5.9 किलोमीटर ट्रैक पर मेट्रो का ट्रायल रन करना है। इस हिस्से में 5 स्टेशन आएंगे। हर स्टेशन पर 8-8 एस्केलेटर लगना हैं, लेकिन अभी सिर्फ 2 स्टेशन पर 3 एस्केलेटर लगे हैं। एक स्टेशन पर एस्केलेटर का काम जारी है। गांधी नगर में बने डिपो में यार्ड का काम भी अभी अधूरा है। इसी जगह मेट्रो के कोच रख यहीं से मेट्रो ट्रेन को रैंप तक लाने की प्रक्रिया होगी।
मेट्रो कॉरपोरेशन इंदौर भोपाल के डायरेक्टर शोभित टंडन ने कहा कि अभी कोच को पूरी तरह खोलने से उसे देखने वालों की भीड़ जमा हो सकती है। इससे कोच के डैमेज होने के साथ उसकी सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि सितंबर के पहले पखवाड़े में मेट्रो ट्रेन ट्रैक पर नजर आएगी। इसी के साथ ट्रायल व लोकार्पण होगा। यार्ड में 25 ट्रेन कोच रखने की क्षमता है।

सीएम शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘इंदौर में मेट्रो का सपना साकार होने की दिशा में आज एक और उपलब्धि मिली है। गांधी नगर डिपो में पहली रोलिंग स्टॉक ट्रेन का आगमन हुआ है। सांसद शंकर लालवानी सहित मेट्रो के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने ट्रेन को मेट्रो डिपो में उतारे जाने की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ किया। इंदौर मेट्रो का ट्रायल रन सितंबर माह में प्रस्तावित है।’


मेट्रो के दो कोच को आपस में जोड़ने का काम पूरा कर दिया है। कुछ ही देर में तीसरा कोच भी जोड़ दिया जाएगा।

कोचों को पटरी पर पहुंचाने के लिए फोर पाइंट जैक क्रेन मेट्रो डिपो में लाई गई है। बताया जाता है कि इसकी अनलोडिंग में समय लग सकता था। कोच मेट्रो डिपो में बने स्टेब्लिंग यार्ड में ले जाकर टेस्टिंग ट्रैक पर चेक किया, फिर कोच मेट्रो के वायडक्ट पर पहुंचाएंगे।

ट्रैक पर मेट्रो का कोच अनलोड किया गया।
मेट्रो के ट्रैक पर आने की खास बातें
– इंदौर में यलो लाइन मेट्रो निर्माणाधीन है। इसकी कुल लंबाई 31 किमी है। यह प्रोजेक्ट 7500 करोड़ में पूरा होगा। – इसी यलो लाइन का भाग जो सुपर कॉरीडोर स्थित गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरीडोर सटेशन क्रमांक 3 तक की दूरी 6 किमी है। – प्रोजेक्ट के गांधी नगर से रेडीसन चौराहे तक का 17 किमी लंबा समय जून 2024 में आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

मेट्रो कोच को अनलोड करने के लिए भारी भरकम मशीनें लगाई गई हैं।

इसी ट्रॉले में मेट्रो का कोच रखकर लाया गया है।

बुधवार शाम को मेट्रो ट्रेन के तीन कोच इंदौरे चालीस किमी दूर को झलारिया के पास खड़े रहे। देर रात शहर में एंट्री शुरू होने पर उन्हें गांधी नगर स्टेशन तक लाया गया।

पांचवे स्टेशन पर तैयार हो रहा एस्केलेटर।





