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25 हजार व्यापारियों ने दूसरे दिन भी नहीं की खरीदी; 230 मंडियों में छाई विरानी

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भोपाल1

भोपाल करोंद मंडी में छाई विरानी। - Dainik Bhaskar

भोपाल करोंद मंडी में छाई विरानी।

मध्यप्रदेश के करीब 25 हजार अनाज व्यापारियों ने मंगलवार को भी खरीदी नहीं की। इससे प्रदेशभर की करीब 230 मंडियों में विरानी छाई हुई है। मंडियों में खरीदी बंद रखने के बाद अब व्यापारी प्रदेश के विधायक और सांसदों को ज्ञापन देंगे। वहीं, बीजेपी की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान मांगों की तख्तियां लेकर खड़े होंगे।

मप्र सकल अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ समिति के आह्वान पर सोमवार से प्रदेशभर के व्यापारियों ने अनाज की खरीदी बंद कर दी। इससे करोड़ों का कारोबार नहीं हो पाया। मंगलवार को भी मंडियों में विरानी रही। महासंघ के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल ने बताया, अभी सरकार मंडी शुल्क 1.5% ले रही है, जिसे 1% करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। दूसरी ओर, निराश्रित शुल्क समाप्त करने की मांग भी है। यह करीब 50 साल अनावश्यक रूप से लिया जा रहा है। इसका क्या उपयोग हो रहा, यह जानकारी भी नहीं दी जाती। इनके समेत 11 मांगें हैं, जिन्हें लेकर सोमवार से अनाज की खरीदी बंद कर दी है।

अनाज की खरीदी नहीं
सीजन नहीं होने के बावजूद मंडियों में सोयाबीन, गेहूं, मूंग, चना, तूअर समेत अन्य फसलें बिकने आती है। व्यापारियों के खरीदी बंद होने से किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं।

भोपाल मंडी भी विरानी छाई
भोपाल की करोंद अनाज मंडी भी सोमवार से अनिश्चितकालीन बंद हो गई। मंगलवार को भी व्यापारियों ने खरीदी नहीं की। व्यापारी संजीवकुमार जैन ने बताया, प्रदेश स्तरीय आह्वान पर भोपाल ग्रेन एंड ऑयल सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन ने भी मंडी बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके चलते मंडी बंद है।

इन मांगों को लेकर बंद रखेंगे कारोबार

  • मंडी समितियों में पूर्व से आवंटित भूमि या संरचनाओं पर भूमि एवं संवरचना आवंटन नियम-2009 लागू नहीं किया जाए। कलेक्टर गाइडलाइन से लीज दरों का निर्धारण नहीं रखकर नामिनल दरें रखी जाए।
  • मंडी फीस दर एक प्रतिशत की जाए।
  • निराश्रित शुल्क समाप्त किया जाए।
  • मंडी अधिनियम की धारा 19(2), धारा 19(8), धारा 46(ड) एवं धारा 46(च) में संशोधन-2 विलोपन किया जाए।
  • लाइसेंस प्रतिभूति की अनिवार्यता हटाई जाए।
  • वाणिज्य संव्यवहार की पृथक अनुज्ञप्ति व्यवस्था एवं निर्धारण फीस रुपए 25 हजार रुपए की वृद्धि समाप्त कर पूर्व फीस 5 हजार रुपए बहाल की जाए।
  • मंडी समितियों को धारा 17(2)(14) और 30 में प्रदत्त अधिकारी एवं शक्तियों को यथावत रखा जाए।
  • लेखा सत्यापन/पुन: लेखा सत्यापन की कार्रवाई खत्म की जाए।
  • कृषक समिति प्रतिभूति बढ़ाने के दवाब पर रोक लगाई जाए।
  • धारा 23 के अंतर्गत गाड़ियों को रोकने की शक्ति प्रावधान की परिधि के बाहर जाकर मंडी बोर्ड कार्यालय स्तर से गठित किए जाने वाले जांच दलों पर रोक लगाई जाए।

Ramswaroop Mantri

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