अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

अभिनव कला समाज एवं स्टेट प्रेस क्लब का आयोजन ‘का करूँ सजनी..युवा कलाकार स्वरित ने अपनी प्रस्तुति से मन मोह लिया

Share

इंदौर। शहर के प्रतिभाशाली एवं युवा शास्त्रीय गायक स्वरित शुक्ल ने रविवार को अभिनव कला समाज के मंच से शास्त्रीय गायकी के पक्ष को बेहद मजबूती के साथ श्रोताओं तक पहुंचाया।पूरिया कल्याण प्रराग के आलाप अंग को बखूबी ढंग से निभाते हर बड़े ख़्याल और छोटे ख़्याल में द्रुत लय के तानों के साथ ही तिहायियों का संगम कर्णप्रिय था। बड़े ख़्याल के बाद राग परज में स्वरित के श्रोताओं को तराना सुनाया। अंत में स्वरित ने ‘का करूँ सजनी’ ठुमरी पेश की। ठुमरी में उन्होंने बनारसी अंदाज़ और पूरब अंग का समावेश कर माहौल को रसमय कर दिया। मात्र साढ़े तीन वर्ष की आयु से शास्त्रीय कार्यक्रम पेश कर रहे स्वरित को खूब दाद मिली।स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. एवं अभिनव कला समाज द्वारा आयोजित संगीत सभा के आरंभ में आकाशवाणी के पूर्व केंद्र निदेशक पं. रामदास मूंगरे के निधन पर दो मिनिट का शोक रखा गया और आज की संगीत सभा पं. मूंगरे को समर्पित की गई।
प्रारम्भ में अरविंद अग्निहोत्री, प्रकाश शुजालपुरकर, प्रवीण खारीवाल, कमल कस्तूरी, मोहन शुक्ल एवं स्वरित शुक्ल ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस अवसर पर अभिनव कला समाज के प्रधानमंत्री अग्निहोत्री ने बताया कि पिछले तीन माह में संस्था शास्त्रीय संगीत और नाटक के पंद्रह से अधिक आयोजन कर चुकी हैं। आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। शहर के प्रतिभाशाली कलाकार इस ऐतिहासिक मंच से अपनी प्रस्तुति देते रहेंगे।अतिथियों का स्वागत विक्रमजीत सिंह, कपिल पुरोहित, जी.के. गोविंद, पिंटू कसेरा, अभिषेक बड़जात्या, राकेश द्विवेदी, लक्ष्मीचंद ‘लक्खू’ ने क़िया। अंत में डॉ. अर्पण जैन ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम शास्त्रीय गायन की संगीत सभा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी और विशेषकर युवा वर्ग शामिल था।_अभिनव कला समाज एवं स्टेट प्रेस क्लब का आयोजन ‘का करूँ सजनी.._
*युवा कलाकार स्वरित ने अपनी प्रस्तुति से मन मोह लिया
इंदौर। शहर के प्रतिभाशाली एवं युवा शास्त्रीय गायक स्वरित शुक्ल ने रविवार को अभिनव कला समाज के मंच से शास्त्रीय गायकी के पक्ष को बेहद मजबूती के साथ श्रोताओं तक पहुंचाया।पूरिया कल्याण प्रराग के आलाप अंग को बखूबी ढंग से निभाते हर बड़े ख़्याल और छोटे ख़्याल में द्रुत लय के तानों के साथ ही तिहायियों का संगम कर्णप्रिय था। बड़े ख़्याल के बाद राग परज में स्वरित के श्रोताओं को तराना सुनाया। अंत में स्वरित ने ‘का करूँ सजनी’ ठुमरी पेश की। ठुमरी में उन्होंने बनारसी अंदाज़ और पूरब अंग का समावेश कर माहौल को रसमय कर दिया। मात्र साढ़े तीन वर्ष की आयु से शास्त्रीय कार्यक्रम पेश कर रहे स्वरित को खूब दाद मिली।स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. एवं अभिनव कला समाज द्वारा आयोजित संगीत सभा के आरंभ में आकाशवाणी के पूर्व केंद्र निदेशक पं. रामदास मूंगरे के निधन पर दो मिनिट का शोक रखा गया और आज की संगीत सभा पं. मूंगरे को समर्पित की गई।
प्रारम्भ में अरविंद अग्निहोत्री, प्रकाश शुजालपुरकर, प्रवीण खारीवाल, कमल कस्तूरी, मोहन शुक्ल एवं स्वरित शुक्ल ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस अवसर पर अभिनव कला समाज के प्रधानमंत्री अग्निहोत्री ने बताया कि पिछले तीन माह में संस्था शास्त्रीय संगीत और नाटक के पंद्रह से अधिक आयोजन कर चुकी हैं। आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। शहर के प्रतिभाशाली कलाकार इस ऐतिहासिक मंच से अपनी प्रस्तुति देते रहेंगे।अतिथियों का स्वागत विक्रमजीत सिंह, कपिल पुरोहित, जी.के. गोविंद, पिंटू कसेरा, अभिषेक बड़जात्या, राकेश द्विवेदी, लक्ष्मीचंद ‘लक्खू’ ने क़िया। अंत में डॉ. अर्पण जैन ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम शास्त्रीय गायन की संगीत सभा को सुनने के लिए बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी और विशेषकर युवा वर्ग शामिल था।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें