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ताजा समाचार:महिला आरक्षण बिल कैबिनेट में मंजूर:L1 पॉइंट की तरफ बढ़ा आदित्य,लोकसभा की कार्यवाही संसद के नए भवन में

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संसद के पुराने भवन में मंगलवार सुबह 9:30 बजे सांसदों का फोटो सेशन होगा। 11 बजे सेंट्रल हॉल में समारोह होगा, जिसके डेढ़ घंटे तक चलने की संभावना है। सेंट्रल हॉल के कार्यक्रम के बाद विधिवत पूजा के साथ नई संसद में प्रवेश शुरू होगा। लोकसभा की कार्यवाही संसद के नए भवन में दोपहर बाद 1:15 बजे शुरू होगी। नए संसद भवन में राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार दोपहर 2:15 से शुरू होगी। 20 सितंबर से नए संसद भवन में नियमित संसदीय कामकाज शुरू हो जाएगा। 

आज के प्रमुख इवेंट्स

  1. आज संसद के स्पेशल सेशन का दूसरा दिन है। सदन के मेंबर्स आज से नई बिल्डिंग में बैठेंगे। अगले चार दिन यहीं कार्यवाही होगी।
  2. रिलायंस जियो आज अपनी एयर फाइबर सर्विस लॉन्च करेगा। जियो एयर फाइबर में 1.5 Gbps तक की इंटरनेट स्पीड मिल सकती है, जो जियो फाइबर के 1 Gbps स्पीड से ज्यादा होगी।

. मंत्री प्रह्लाद पटेल बोले- महिला आरक्षण बिल कैबिनेट में मंजूर, कुछ देर बाद पोस्ट डिलीट की

PM मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी मंत्री शामिल हुए।

PM मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी मंत्री शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ली। इसके बाद न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि महिला आरक्षण बिल को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। बिल में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बिल को मंजूरी मिलने की बात कही। हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया।

 साल 2010 में ये बिल राज्यसभा में पास किया जा चुका है। लेकिन इसे कभी लोकसभा में पेश नहीं किया गया। तभी से महिला आरक्षण बिल पेंडिंग है। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक ये आरक्षण लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में लागू होगा। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने बिल का समर्थन किया है।

संसद के स्पेशल सेशन के बीच सोमवार 18 सितंबर की शाम को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसकी ऑफिशियल ब्रीफिंग तो नहीं आई है, लेकिन ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि महिला आरक्षण बिल को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बिल को मंजूरी मिलने की बात कही। हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया।

मोदी सरकार के मंत्री प्रह्लाद पटेल ने सोशल मीडिया पर कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी।

मोदी सरकार के मंत्री प्रह्लाद पटेल ने सोशल मीडिया पर कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी।

तब लोकसभा में हर तीसरा सदस्य महिला होगी
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि महिला आरक्षण बिल मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में यह 2010 में ही पास हो चुका है। इसमें महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान है। यह बिल पास हुआ तो अगले लोकसभा चुनाव के बाद सदन में हर तीसरी सदस्य महिला होगी।

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक यह आरक्षण लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में लागू होगा। बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति के पास स्वीकृति के लिए जाएगा। कानून बनने के बाद होने वाले चुनावों में यह बिल लागू हो जाएगा।

नड्‌डा की सांसदों को हिदायत- हंगामे की स्थिति न बने
कैबिनेट बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के घर 30 सांसदों के साथ दो घंटे तक बैठक हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में सांसद गौतम गंभीर, मीनाक्षी लेखी, महेश शर्मा, किरेन रिजिजू शामिल हुए।

सूत्रों के मुताबिक, नड्डा ने कहा- पिछली बार जब लोकसभा में महिला आरक्षण बिल लाया गया था, तो काफी विवाद की स्थिति बनी थी इसलिए इस बार सांसदों को ब्रीफिंग दी गई है कि ऐसी कोई स्थिति ना बनने पाए। सांसद तय करें कि बिल पर चर्चा बिना किसी हंगामे के हो।

कांग्रेस का बिल को समर्थन
राहुल गांधी ने कहा कि अब दलगत राजनीति से ऊपर उठें। हम महिला आरक्षण बिल पर बिना शर्त के समर्थन करेंगे। संसद के स्पेशल सेशन के पहले दिन जब पीएम मोदी के बाद कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में बोल रहे थे तो वे कांग्रेस की पूर्व सरकारों के कामों को गिनाने लगे, इस दौरान सोनिया ने उन्हें टोका और महिला आरक्षण पर बोलने को कहा था।

13 साल से पेंडिंग हैं महिला आरक्षण बिल
9 मार्च 2010 को राज्यसभा ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण बिल को बहुमत से पारित कर दिया गया था। तब सपा और आरजेडी ने तत्कालीन यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दे दी थी। इसके बाद बिल को लोकसभा में पेश नहीं किया गया। तभी से महिला आरक्षण बिल पेंडिंग है। सपा और आरजेडी महिलाओं के लिए आरक्षण में SC-ST और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण देने की मांग कर रहे थे।

विपक्ष भी महिला आरक्षण बिल के पक्ष में
तेलंगाना CM केसीआर की बेटी के. कविता ने 13 सितंबर को दिल्ली में 13 विपक्षी दलों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण में वुमन रिजर्वेशन बिल पेश करने की मांग की थी।

कविता ने कहा था कि उनकी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) का विश्वास है कि महिलाओं के लिए रिजर्वेशन के साथ-साथ कोटा के भीतर कोटा पर भी काम किया जाना चाहिए।

वहीं, सपा और आरजेडी की मांग है कि लोकसभा और राज्यसभा में मौजूदा रिजर्वेशन बिल में से एक तिहाई सीट का कोटा पिछड़े वर्गों (OBC) और अनुसूचित जातियों (SC) की महिलाओं के लिए होना चाहिए।

कविता लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग कर रही हैं। इसी मांग को लेकर कविता ने 10 मार्च को दिल्ली में एक दिन की भूख हड़ताल की थी। जिसमें AAP, अकाली दल, PDP, TMC, JDU, NCP, CPI, RLD, NC और समाजवादी पार्टी समेत कई पार्टियां शामिल हुई थीं, लेकिन कांग्रेस ने हिस्सा नहीं लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शिवसेना विधायकों की अयोग्यता पर फैसला टालना गलत
सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना शिंदे गुट के 16 विधायकों की अयोग्यता पर सुनवाई हुई। अदालत ने महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष से कहा कि आप इस मामले पर फैसला लंबे समय तक नहीं टाल सकते। आपको इसकी समय सीमा तय करनी होगी। अदालत ने मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दी।

 शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने जून 2022 में पार्टी से बगावत की थी। इसके बाद भाजपा के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाई और CM बने। फिर शिंदे ने शिवसेना पर अपना दावा कर दिया। शिंदे गुट के 16 बागी विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने करीब 4 महीने पहले फैसला सुनाया था। इसमें कोर्ट ने बागी विधायकों की सदस्यता पर फैसला स्पीकर पर छोड़ दिया था।

धर, कोर्ट ने शिवसेना के नाम और सिंबल से जुड़े मामले की सुनवाई 3 हफ्ते के लिए स्थगित कर दी है। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने दोनों मामले पर सुनवाई की।

कोर्ट में क्या-क्या हुआ…

सुप्रीम कोर्ट- विधानसभा अध्यक्ष संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्यवाही को अनिश्चित काल तक विलंबित नहीं कर सकते। उन्हें कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करना चाहिए। दसवीं अनुसूची में स्पीकर को एक मामले में सुनवाई के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की गई है।

विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता- उन्हें मामले में फैसला करना है। वो देर नहीं कर सकते।

CJI- कोर्ट ने 11 अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष को मामले में जल्द फैसला देने का निर्देश दिया था। उसके बाद से मामले में क्या हुआ है, स्पीकर ने क्या किया है ?

सुप्रीम कोर्ट- शिवसेना के 56 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग को लेकर दोनों पक्षों की ओर से दाखिल 3 याचिकाएं लंबित हैं। इन्हें हफ्तेभर में स्पीकर के पास सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए। कार्यवाही तमाशा बन गई है।

उद्धव गुट के वकील कपिल सिब्बल- 11 मई के फैसले के बाद स्पीकर को कई याचिकाएं दी गईं। इसके बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए हमने कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल की। जब कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय कर दी, तब जाकर स्पीकर ने मामले को 14 सितंबर को सुनवाई के लिए लिस्ट किया। सुनवाई के दौरान स्पीकर ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने जरूरी दस्तावेज दाखिल नहीं किए हैं। फिर उन्हें बिना कोई तारीख दिए सुनवाई स्थगित कर दी।

तुषार मेहता- कपिल सिब्बल कह रहे हैं कि स्पीकर ने कुछ नहीं किया। अध्यक्ष संवैधानिक पद पर हैं। भले ही वो उन्हें पसंद नहीं करते, लेकिन यह स्पीकर से डील करने का तरीका नहीं है।

CJI- आप यह नहीं कह सकते हैं कि मैं इसे उचित समय पर सुनूंगा। आपको तारीखें देते रहना होगा।

तुषार मेहता- तो क्या स्पीकर अपने हर रोज के काम की डिटेल कोर्ट को सौंप सकता है।

CJI- वे कोर्ट के प्रति जवावदेह हैं। उन्हें अदालत की गरिमा का पालन करना होगा। महीने बीत गए, लेकिन मामले में सिर्फ एक नोटिस जारी किया गया है।

शिंदे गुट के वकील नीरज किशन कौल/ महेश जेठमलानी- फैसला आने में देरी के लिए उद्धव गुट जिम्मेदार है। उन्होंने जरूरी दस्तावेज नहीं दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट- यह मामला अनिश्चित काल तक नहीं चल सकता है। स्पीकर मामले में फैसला देने के लिए समय सीमा दें। उम्मीद है कि स्पीकर अदालत के फैसले की गरिमा बनाए रखेंगे। मामले पर दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी।

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले की सुनवाई के लिए शिवसेना के दोनों गुटों के 54 विधायकों को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पेश होने का नोटिस भेजा था।

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले की सुनवाई के लिए शिवसेना के दोनों गुटों के 54 विधायकों को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में पेश होने का नोटिस भेजा था।

पिछले साल एकनाथ शिंदे ने बगावत की थी
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने जून 2022 में पार्टी से बगावत की थी। इसके बाद शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाई और खुद मुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद शिंदे ने शिवसेना पर अपना दावा कर दिया।

16 फरवरी 2023 को चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना मान लिया। साथ ही शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और चिह्न (तीर-कमान) को इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी। उद्धव गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

एकनाथ शिंदे गुट के 16 बागी विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने करीब 4 महीने पहले फैसला सुनाया था। इसमें कोर्ट ने बागी विधायकों की सदस्यता पर फैसला स्पीकर पर छोड़ दिया था। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के नेता सुनील प्रभु ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले पर फिर से विचार करने की अपील की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान गुटों के विधायकों को सेंट्रल हॉल में अलग-अलग जगह पर बैठाया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान गुटों के विधायकों को सेंट्रल हॉल में अलग-अलग जगह पर बैठाया गया।

विधायकों की अयोग्यता पर विधानसभा स्पीकर ने सुनवाई की
महाराष्ट्र में शिवसेना शिंदे गुट और उद्धव गुट की ओर से एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य घोषित करने की याचिकाओं पर 14 सितंबर को सुनवाई हुई। यह सुनवाई विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने विधानसभा के सेंट्रल हॉल में की।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, मामले की सुनवाई 14 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक हुई। इसके बाद शिंदे गुट के वकील अनिल साखरे ने मीडिया से कहा- हमें उद्धव गुट की ओर से दस्तावेज नहीं मिले हैं।

जवाब में ठाकरे गुट के विधायक रवींद्र वायकर ने कहा कि यह शिंदे गुट की रणनीति का हिस्सा है। यह विधानसभा अध्यक्ष का काम है कि वो दोनों गुटों को मामले से जुड़े दस्तावेज मुहैया कराएं। हम चाहते हैं कि इस मामले में 34 याचिकाएं दाखिल की गई हैं, सबको जोड़कर एक साथ सुना जाए।

स्पीकर ने 54 विधायकों को नोटिस भेजा था
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले की सुनवाई के लिए शिवसेना के दोनों गुटों के 54 विधायकों को नोटिस भेजा था। जिसमें सभी विधायकों को विधान भवन में पेश होने का निर्देश दिया गया था। इस दौरान दोनों गुटों के विधायक और उनके वकील मौजूद रहे। फिलहाल मामले की सुनवाई अगले हफ्ते तक के लिए टाल दी गई।

14 सितंबर की सुनवाई में क्या-क्या हुआ
मामले की सुनवाई के दौरान सभी विधायक के वकीलों को सीरियल नंबर दिए गए थे। आगे की सुनवाई और कार्रवाई के लिए उनसे वॉट्सऐप​​​​​ नंबर और ई-मेल आईडी देने के लिए कहा गया है। दोनों गुटों के विधायकों को सेंट्रल हॉल में अलग-अलग जगह पर बैठाया गया था। इसके बाद उनके बयान दर्ज किए गए।

ऐसे समझें, पूरा मामला
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 2019 में चुनाव हुए थे। बीजेपी 106 विधायकों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी गठबंधन में बात नहीं बन पाई। 56 विधायकों वाली शिवसेना ने 44 विधायकों वाली कांग्रेस और 53 विधायकों वाली NCP के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी बनाकर सरकार बनाई।

शिंदे, शिवसेना के उन नेताओं में शामिल थे, जो कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने के खिलाफ थे। 2019 में उद्धव ने शिंदे को विधायक दल का नेता बना दिया था। उस वक्त माना जा रहा था कि शिंदे ही महाराष्ट्र के CM बनेंगे, लेकिन NCP और कांग्रेस उद्धव को ही मुख्यमंत्री बनाना चाहती थी। इस तरह शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए।

मई 2022 महाराष्ट्र सरकार में नगर विकास मंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ बगावत कर दी। एकनाथ शिंदे ने मणिपुर के नबाम रेबिया केस का फायदा उठाया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सत्ता से बागी हुए विधायकों की सरकार बना दी थी। साथ ही शिंदे ने महाराष्ट्र विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया, ताकि डिप्टी स्पीकर शिंदे गुट के 16 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला ना ले पाएं।

इसी बीच राज्यपाल ने उद्धव ठाकरे को बहुमत सिद्ध करने के लिए कह दिया। उद्धव इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद उद्धव ने इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल ने अब शिंदे गुट को तुरंत बहुमत सिद्ध करने के लिए कह दिया।

3. CWC में कांग्रेस नेताओं की मांग- 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद हो सीट बंटवारा

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग 16-17 सितंबर को हैदराबाद में हुई थी।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग 16-17 सितंबर को हैदराबाद में हुई थी।

हैदराबाद में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मीटिंग में पार्टी नेताओं ने हाईकमान से मांग की है कि I.N.D.I.A गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीट शेयरिंग पर चर्चा इस साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद की जाए। ये मांग उन नेताओं ने की है, जिनके राज्य में कांग्रेस का सीधा मुकाबला I.N.D.I.A गठबंधन की दूसरी पार्टियों से है।

 राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में इस साल के आखिर में चुनाव होने हैं। कई कांग्रेस नेताओं को भरोसा है कि पार्टी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेगी, जिससे वे सीट शेयरिंग के दौरान मजबूत स्थिति में रहेंगे। हालांकि अखिलेश और केजरीवाल चाहते हैं कि सितंबर अंत तक सीट शेयरिंग पर सहमति बन जाए।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में इस साल के आखिर में चुनाव होने हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने अब तक तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन संभावना है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में इसका ऐलान हो जाए।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में शामिल सभी नेताओं ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में शामिल सभी नेताओं ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।

माकन समेत कई नेताओं ने AAP का विरोध किया
पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन, प्रवक्ता अलका लांबा और प्रताप सिंह बाजवा समेत दिल्ली और पंजाब के कुछ नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आप नेता पार्टी पर हमले कर रहे हैं और पार्टी नेताओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

अजय माकन ने कहा कि आम आदमी पार्टी उन राज्यों में चुनाव लड़ने की घोषणा कर रही है, जहां कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में है। वहां AAP कांग्रेस नेताओं पर हमले कर रही है। उन्होंने मांग की कि यह बंद होना चाहिए।

पंजाब के नेता AAP के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि वे पंजाब में AAP के साथ गठबंधन करने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि वहां उनके नेताओं पर निशाना साधा जा रहा है। पार्टी हाईकमान ने इस मामले पर अलग से चर्चा करने की बात कही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आश्वासन दिया है कि दूसरी पार्टियों के साथ सीट शेयरिंग पर चर्चा स्टेट यूनिट्स की सलाह पर ही की जाएगी।

मीटिंग के दौरान राहुल गांधी से चर्चा करते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे।

मीटिंग के दौरान राहुल गांधी से चर्चा करते कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे।

अखिलेश-केजरीवाल सितंबर अंत तक चाहते हैं सीट शेयरिंग
I.N.D.I.A गठबंधन हर लोकसभा क्षेत्र में NDA के खिलाफ एक संयुक्त उम्मीदवार खड़ा करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन इसमें कुछ दिक्कतें भी हैं। पंजाब, दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सीट शेयरिंग पर एक राय नहीं बन रही है। AAP के अरविंद केजरीवाल और सपा के अखिलेश यादव चाहते हैं कि सितंबर अंत तक सीटों का बंटवारा हो जाए।

मीटिंग में पार्टी लीडरशिप ने कांग्रेस और I.N.D.I.A गठबंधन दोनों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस पर कुछ नेताओं ने कहा कि I.N.D.I.A गठबंधन को मजबूत बनाने में कांग्रेस को नुकसान नहीं होना चाहिए।

पृथ्वी की ऑर्बिट से L1 पॉइंट की ओर निकला आदित्य, जनवरी में 15 लाख किमी दूर पहुंचेगा
इसरो का आदित्य L1 स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की ऑर्बिट से L1 पॉइंट की ओर निकल चुका है। इसरो ने देर रात स्पेसक्राफ्ट को ट्रांस-लैग्रेंजियन पॉइंट 1 में इंसर्ट किया। इसके लिए यान के थ्रस्टर कुछ देर के लिए फायर किए गए। इसे करीब 110 दिन L1 पॉइंट के करीब की ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा।

आदित्य सूर्य की स्टडी करेगा। ये जनवरी में 15 लाख किमी दूर लैगरेंज पॉइंट-1 तक पहुंचेगा। ये दूरी धरती और सूर्य के बीच की दूरी का महज एक फीसदी है। L1 पॉइंट के आस-पास आदित्य सूर्य को बिना किसी ग्रहण के लगातार देख सकता है। इससे रियल टाइम सोलर एक्टिविटीज और अंतरिक्ष के मौसम पर भी नजर रखी जा सकेगी।

आदित्य L1 को 2 सितंबर को सुबह 11.50 बजे PSLV-C57 के XL वर्जन रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। लॉन्चिंग के 63 मिनट 19 सेकेंड बाद स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की 235 Km x 19500 Km की कक्षा में स्थापित कर दिया था। इसके बाद 4 बार स्पेसक्राप्ट के थ्रस्टर फायर कर उसकी ऑर्बिट बढ़ाई गई थी।

आदित्य L1 को 2 सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था।

आदित्य L1 को 2 सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था।

आदित्य L1 ने साइंटिफिक डेटा कलेक्ट करना शुरू किया
इससे पहले सोमवार को इसरो ने बताया था कि आदित्य L1 ने साइंटिफिक डेटा कलेक्ट करना शुरू कर दिया है। स्पेसक्राफ्ट पर लगे सुप्रा थर्मल एंड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर यानी STEPS इंस्ट्रूमेंट को 10 सिंतबर को पृथ्वी से 50,000 किलोमीटर दूर एक्टिवेट किया गया था। डेटा की मदद से सूर्य पर उठने वाले तूफान और अंतरिक्ष के मौसम के बारे में जानकारी मिलेगी।

STEPS इंस्ट्रूमेंट आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट यानी ASPEX पेलोड का हिस्सा है। STEPS में छह सेंसर लगे हैं। हर एक सेंसर अलग-अलग दिशाओं में निरीक्षण करता है और 1 MeV से अधिक के इलेक्ट्रॉनों के अलावा, 20 keV/न्यूक्लियॉन से लेकर 5 MeV/न्यूक्लियॉन तक के सुप्रा-थर्मल और एनर्जेटिक आयन्स को मापता है।

3, 5, 10 और 15 सितंबर को बढ़ाई गई थी ऑर्बिट

  • इसरो ने 15 सितंबर को रात करीब 2:15 बजे चौथी बार आदित्य L1 की ऑर्बिट बढ़ाई थी। उसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 256 Km, जबकि सबसे ज्यादा दूरी 1,21,973 Km हो गई।
  • इसरो ने 10 सितंबर को रात करीब 2.30 बजे तीसरी बार आदित्य L1 की ऑर्बिट बढ़ाई थी। उसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 296 Km, जबकि सबसे ज्यादा दूरी 71,767 Km हो गई।
  • 5 सितंबर को रात 2.45 बजे आदित्य L1 स्पेसक्रॉफ्ट की ऑर्बिट दूसरी बार बढ़ाई गई थी। उसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 282 Km, जबकि सबसे ज्यादा दूरी 40,225 Km हो गई।
  • पहली बार इसरो के वैज्ञानिकों ने 3 सितंबर को आदित्य L1 की ऑर्बिट बढ़ाई थी। उसकी पृथ्वी से सबसे कम दूरी 245 Km, जबकि सबसे ज्यादा दूरी 22459 Km हो गई थी।

5 पॉइंट में जानें आदित्य L1 का सफर

  • PSLV रॉकेट ने आदित्य को 235 x 19500 Km की पृथ्वी की कक्षा में छोड़ा।
  • 16 दिनों तक पृथ्वी की कक्षा में रहेगा। 4 बार थ्रस्टर फायर कर ऑर्बिट बढ़ाएगा।
  • फिर से आदित्य के थ्रस्टर फायर होंगे और ये L1 पॉइंट की ओर निकल जाएगा।
  • 110 दिन के सफर के बाद आदित्य ऑब्जरवेटरी इस पॉइंट के पास पहुंच जाएगा
  • थ्रस्टर फायरिंग के जरिए आदित्य को L1 पॉइंट के ऑर्बिट में डाल दिया जाएगा।

लैगरेंज पॉइंट-1 (L1) क्या है?
लैगरेंज पॉइंट का नाम इतालवी-फ्रेंच मैथमैटीशियन जोसेफी-लुई लैगरेंज के नाम पर रखा गया है। इसे बोलचाल में L1 नाम से जाना जाता है। ऐसे पांच पॉइंट धरती और सूर्य के बीच हैं, जहां सूर्य और पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल बैलेंस हो जाता है और सेंट्रिफ्यूगल फोर्स बन जाती है।

ऐसे में इस जगह पर अगर किसी ऑब्जेक्ट को रखा जाता है तो वह आसानी उस पॉइंट के चारो तरफ चक्कर लगाना शुरू कर देता है। पहला लैगरेंज पॉइंट धरती और सूर्य के बीच 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर है। इस पॉइंट पर ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ता।

आदित्य में 7 पेलोड लगे हैं:

  • PAPA यानी प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदित्य: सूरज की गर्म हवाओं की स्टडी करेगा।
  • VELC यानी विजिबल लाइन एमिसन कोरोनाग्राफ: सूरज की हाई डेफिनेशन फोटो खींचेगा।
  • SUIT यानी सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलिस्कोप: सूरज की अल्ट्रावायलेट वेवलेंथ की फोटो लेगा।
  • HEL10S यानी हाई एनर्जी L1 ऑर्बिटिंग एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर: हाई-एनर्जी एक्स-रे की स्टडी करेगा।
  • ASPEX यानी आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट: अल्फा पार्टिकल्स की स्टडी करेगा।
  • MAG यानी एडवांस्ड ट्राई-एक्सियल हाई रेजोल्यूशन डिजिटल मैग्नेटोमीटर्स: मैग्नेटिक फील्ड की स्टडी करेगा।

पुरानी संसद में मोदी की आखिरी स्पीच; जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा की तारीफ की

संसद के स्पेशल सेशन के पहले दिन की कार्यवाही पुराने भवन में हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां 50 मिनट की आखिरी स्पीच दी। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों को याद किया। PM ने कहा कि इसी सदन में पंडित नेहरू की स्पीच की गूंज हम सबको प्रेरित करती है। इंदिरा गांधी के नेतृत्व में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का आंदोलन भी इसी सदन ने देखा था। सदन ने आर्टिकल 370 को भी हटते देखा है।

 75 साल तक पुरानी संसद भवन में ही कार्यवाही हुई है। इसका उद्घाटन 18 जनवरी 1927 को लॉर्ड इरविन ने किया था। पुरानी संसद को एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। उस वक्त इसे बनाने में 83 लाख रुपए खर्च हुए थे। उस समय इसे संसद भवन नहीं बल्कि ‘हाउस ऑफ पार्लियामेंट’ कहा जाता था। इसमें ब्रिटिश सरकार की विधान परिषद काम करती थी और आजादी के बाद से यहां हमारे देश के सांसद बैठने लगे और इसे संसद कहा जाने लगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने पुराने भवन में 50 मिनट की आखिरी स्पीच दी। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों को याद करते हुए कहा- ये वो सदन है जहां पंडित नेहरू का स्ट्रोक ऑफ मिडनाइट की गूंज हम सबको प्रेरित करती है। इंदिरा गांधी के नेतृत्व में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम का आंदोलन भी इसी सदन ने देखा था।

उन्होंने कहा, ‘सदन ने कैश फॉर वोट और 370 को भी हटते देखा है। वन नेशन वन टैक्स, जीएसटी, वन रैंक वन पेंशन, गरीबों के लिए 10% आरक्षण भी इसी सदन ने दिया।

केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। स्पेशल सत्र में पांच बैठकें होंगी। इस दौरान चार बिल पेश किए जाएंगे। उधर विपक्षी पार्टियों ने सरकार से सवाल-जवाब करने के लिए 9 मुद्दों की लिस्ट तैयार की है। विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A से 24 पार्टियां इस सेशन में हिस्सा लेंगी।

मोदी ने अपनी स्पीच में सदन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं का जिक्र किया। अंबेडकर, नेहरू का जिक्र किया।

मोदी ने अपनी स्पीच में सदन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाओं का जिक्र किया। अंबेडकर, नेहरू का जिक्र किया।

मोदी के स्पीच की 7 बड़ी बातें….

1. प्लेटफॉर्म पर गुजारा करने वाला बच्चा पार्लियामेंट पहुंचा
पीएम ने पहली बार संसद में प्रवेश करने की यादों को ताजा करते हुए कहा- पहली बार एक सांसद के रूप में इस भवन में मैंने प्रवेश किया तो सहज रूप से मैंने संसद भवन की चौखट पर अपना शीश झुका दिया। इस लोकतंत्र के मंदिर को श्रद्धाभाव से नमन करने के बाद मैंने अंदर पैर रखा। मैं कल्पना नहीं कर सकता, लेकिन भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि रेलवे प्‍लेटफॉर्म पर गुजारा करने वाला एक बच्चा पार्लियामेंट पहुंचता है। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि देश मुझे इतना सम्मान देगा।’​​​​​

2. परिवार पुराना घर छोड़कर जाता है, तो कई यादें ले जाता है
पीएम ने कहा- इस सदन से विदाई लेना एक बेहद भावुक पल है, परिवार भी अगर पुराना घर छोड़कर नए घर जाता है तो बहुत सारी यादें उसे कुछ पल के लिए झकझोर देती हैं। हम इस सदन को छोड़कर जा रहे हैं, तो हमारा मन मस्तिष्क भी उन भावनाओं से भरा हुआ है और अनेक यादों से भरा हुआ है। उत्सव-उमंग, खट्टे-मीठे पल, नोक-झोंक इन यादों के साथ जुड़ा है।

मोदी 20 मई, 2014 को पहली बार संसद पहुंचे थे। तब माथा टेककर सदन को नमन किया।

मोदी 20 मई, 2014 को पहली बार संसद पहुंचे थे। तब माथा टेककर सदन को नमन किया।

3. देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों को याद किया
पंडित नेहरू, शास्त्री से लेकर अटल, मनमोहन सिंह तक कई नाम हैं जिन्होंने इस सदन का नेतृत्व किया। सदन के माध्यम से देश को दिशा दी है। देश को नए रंग रूप में ढालने के लिए उन्होंने परिश्रम किया है, पुरुषार्थ किया है। आज उन सबका गौरवगान करने का अवसर है। सरदार वल्लभ भाई पटेल, लोहिया, चंद्रशेखर, आडवाणी न जाने अनगिनत नाम जिन्होंने हमारे इस सदन को समृद्ध करने में, चर्चाओं को समृद्ध करने का काम किया है।

4. नेहरू जी के गुणगान में कौन होगा, जो ताली नहीं बजाएगा
पीएम मोदी ने इस दौरान विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- बहुत सी बातें ऐसी थी जो सदन में हर किसी की तालियों की हकदार थी, लेकिन शायद उसमें भी राजनीति आगे आ गई। नेहरू जी का गुणगान अगर इस सदन में होगा, तो कौन सदस्य होगा जो उस पर ताली नहीं बजाएगा। शास्त्री जी ने 65 के युद्ध में देश के सैनिकों का हौसला इसी सदन से बढ़ाया था। वहीं इंदिरा गांधी ने इसी सदन से बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के आंदोलन का नेतृत्व किया।

5. अब तक 7500 से अधिक प्रतिनिधि दोनों सदनों में आ चुके
शुरुआत में महिला सदस्यों की संख्या कम थी, धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ी। प्रारंभ से अब तक 7500 से अधिक प्रतिनिधि दोनों सदनों में आ चुके हैं। इस कालखंड में करीब 600 महिला सांसद आईं। इंद्रजीत गुप्ता जी 43 साल तक इस सदन के साक्षी रहे। शफीकुर्रहमान 93 साल की उम्र में सदन आ रहे हैं। हमारे यहां संसद भवन के गेट पर लिखा है, जनता के लिए दरवाजे खोलिए और देखिए कि कैसे वो अपने अधिकारों को प्राप्त करते हैं। वक्त के साथ संसद की संरचना भी बदलती गई। समाज के सभी तबके के लोगों का यहां योगदान रहा है।

6. संसद पर आतंकी हमला, हमारी जीवात्मा पर हमला था
पीएम मोदी ने 2001 में संसद में हुए हमले को भी याद किया। पीएम ने कहा- यह हमला इमारत पर नहीं बल्कि हमारी जीवात्मा पर हमला हुआ था। ये देश उस घटना को कभी नहीं भूल सकता। आतंकियों से लड़ते हुए जिन सुरक्षाकर्मियों ने हमारी रक्षा की, उन्हें कभी नहीं भूला जा सकता। आतंकियों से लड़ते- लड़ते, सदस्यों को बचाने के लिए जिन्होंने अपने सीने पर गोलियां झेलीं आज मैं उनको भी नमन करता हूं।

7. संसद भवन में पसीना और परिश्रम मेरे देशवासियों का
आजादी के बाद इस भवन को संसद भवन के रूप में पहचान मिली। इस इमारत का निर्माण करने का फैसला विदेशी शासकों का था। हम गर्व से कह सकते हैं कि इस भवन के निर्माण में पसीना और परिश्रम मेरे देशवासियों का लगा था। पैसे भी मेरे देश के लोगों के लगे।

MP में कांग्रेस के थीम सॉन्ग पर विवाद, BJP बोली- पाकिस्तान के पूर्व PM की पार्टी से चुराया
मध्य प्रदेश में कांग्रेस आज से जन आक्रोश यात्रा निकालने वाली है। इससे पहले यात्रा के थीम सॉन्ग को लेकर विवाद हो गया है। बीजेपी ने कांग्रेस के ‘चलो चलो, कांग्रेस के संग चलो’ सॉन्ग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि कांग्रेस ने पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान की पार्टी PTI का थीम सॉन्ग चुराया है। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि राजस्थान में भी ऐसा ही गाना BJP के प्रचार अभियान का हिस्सा रहा है, वे किस गंदे चेहरे से हम पर आरोप लगा रहे हैं?

जानिए कांग्रेस, बीजेपी और इमरान की पार्टी के थीम सॉन्ग की शुरुआती दो लाइनें क्या हैं
1. MP में कांग्रेस का थीम सॉन्ग: 
चलो चलो चलो चलो चलो चलो चलो… कांग्रेस के संग चलो चलो चलो…
2. राजस्थान में BJP का थीम सॉन्ग: चालो चालो चालो, बीजेपी वालो राज लावा…आपा राजस्थान में भाजपा सरकार लावा…
3. इमरान खान की पार्टी का थीम सॉन्ग: चलो चलो इमरान के साथ…साफ चली शफाक चली तहरीके इंसाफ चली…

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने दो दिन पहले ही जन आक्रोश यात्रा का थीम सॉन्ग लॉन्च किया है। इसे लेकर सोमवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘दिग्विजय सिंह को पाकिस्तान से इतना प्रेम है कि यात्रा का थीम सॉन्ग चलो-चलो भी उन्होंने वहीं से ले लिया। ‘चचाजान पाकिस्तान से चुरा लाए थीम सॉन्ग’।

‘चलो चलो…’ के बहाने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर तंज
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गाने में इस्तेमाल किए गए ‘चलो-चलो’ शब्द को लेकर 2018 में बनी कांग्रेस की सरकार पर भी तंज कसा। कहा- इस चलो-चलो में उनके विधायक चले गए। चली गई उनकी सरकार। इस बार भी इनका जाने का समय आ गया है।

कांग्रेस ने 16 सितंबर को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जन आक्रोश यात्रा के लिए थीम सॉन्ग लॉन्च किया था।

कांग्रेस ने 16 सितंबर को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जन आक्रोश यात्रा के लिए थीम सॉन्ग लॉन्च किया था।

कांग्रेस ने शेयर किया राजस्थान बीजेपी का थीम सॉन्ग
पीसीसी चीफ कमलनाथ के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले ने भाजपा को जवाब दिया। उन्होंने राजस्थान भाजपा का थीम सॉन्ग शेयर किया। इस सॉन्ग में भी चलो-चलो… का उपयोग किया गया है। पीयूष बबेले ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘भाजपा का एक ही मंत्र है चोरी और सीनाजोरी। पाकिस्तान के इमरान खान का गाना हरियाणा की भाजपा सरकार के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कॉपी किया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा फिल्म विशेषज्ञ हैं। दोनों गाने सुनो और बताओ इतनी पाकिस्तान परस्ती कहां से लाते हो।’

केके मिश्रा बोले- कांग्रेस के एक गीत से भाजपा बौखलाई
कांग्रेस मीडिया प्रमुख केके मिश्रा ने कहा- कांग्रेस के प्रचार अभियान के मात्र एक गीत से भाजपाई बौखला गए हैं। वे पाकिस्तान की बात कर रहे हैं, जिनके मुखिया अपने शपथ समारोह में पाक PM को आमंत्रित करते हैं। बिन बुलाए बिरयानी खाने जाते हैं। जिन्ना की मजार पर फूल पेश करते हैं। पाक के नाम का दुरुपयोग कर चुनावी लाभ के लिए हमारे सैनिकों की शहीदी करवाते हैं। डीआरडीओ में पदस्थ भाजपाई पदाधिकारी पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से जासूसी करते हुए गिरफ्तार होते हैं।

उन्होंने कहा, हैदराबाद में जिनके विधायक खुद पाकिस्तान की नकल पर अपना प्रचार गाना सार्वजनिक करते हैं। वे किस गंदे चेहरे से कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं? जल्दबाजी में कुछ कहने के पहले भाजपा वालों को अपनी पार्टी और नेताओं का चरित्र देख लेना चाहिए। गर्म-गर्म पीने से अपनी ही ज़ुबान जला लेना इन पाखंडियों की आदत में शुमार है।

नरोत्तम छपास की बीमारी से पीड़ित: सुरजेवाला

नरोत्तम मिश्रा के आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि वे लड़कियों के कपड़े, हीरोइन की ड्रेस, फिल्मों के गाने देखते हैं, क्योंकि, वह कानून व्यवस्था देखते नहीं हैं। वह सुर्खियों में रहने के लिए ऐसा करते हैं, वह छपास की बीमारी से पीड़ित हैं। सुरजेवाला ने कहा- शिवराज जी, अभी तो फिल्म का ट्रेलर आया, फिल्म शुरू होनी है। जो मध्य प्रदेश के लोग दिखाएंगे। गाने से ही डर गए, क्योंकि इन्हें भारतीय परंपरा कुर्बानियों की जानकारी नहीं है।

भाजपा के मीडिया प्रभारी भी आए मैदान में
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- जो आतंकवादियों को जी लगाते हो, तारीफ के कसीदे पढ़ते हो, जिनका जिन्ना प्रेम छलकता हो, उनसे और उम्मीद भी क्या की जा सकती है? देखिए, कांग्रेस का पाकिस्तान प्रेम एमपी में चुराया पीटीआई थीम सॉन्ग…।

बीजेपी ने कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा के थीम सॉन्ग को लेकर ये ट्वीट किया।

बीजेपी ने कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा के थीम सॉन्ग को लेकर ये ट्वीट किया।

दो दिन पहले हुआ था थीम सॉन्ग लॉन्च
16 सितंबर को जन आक्रोश यात्रा की पत्रकार वार्ता में रणदीप सुरजेवाला, कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह व अन्य कांग्रेसी नेताओं की उपस्थिति में यह थीम सॉन्ग ‘चलो चलो कांग्रेस के साथ चलो’ लॉन्च किया गया था। इस थीम सॉन्ग में मध्यप्रदेश के नागरिकों से कांग्रेस को जिताने की अपील की गई है, साथ ही बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना भी साधा गया है।

भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर को काउंटर करेगा तुर्किये; इराक, कतर और UAE के साथ दूसरा ट्रेड रूट बनाएगा

9-10 सितंबर को नई दिल्ली में हुई G20 समिट में तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

9-10 सितंबर को नई दिल्ली में हुई G20 समिट में तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर में तुर्किये को शामिल नहीं किया गया। इससे नाराज तुर्किये इस ट्रेड रूट का विकल्प खोज रहा है। इस कॉरिडोर को काउंटर करने के लिए वह जल्द ही एक नए ट्रेड रूट का ऐलान कर सकता है। इसे लेकर तुर्किये ने इराक, कतर और UAE से बात की है। इस कॉरिडोर को इराक डेवलपमेंट रोड इनिशिएटिव नाम दिया जा सकता है।

 भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर पर तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा था कि उनके बिना कोई कॉरिडोर नहीं बन सकता। उन्होंने कहा था कि पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाले किसी भी ट्रैफिक को तुर्किये से गुजरना ही होगा।

दरअसल, G20 समिट में जिस प्रोजेक्ट की घोषणा हुई वो भारत, UAE, सऊदी अरब, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन से गुजरेगा। इस प्रोजेक्ट का फायदा इजराइल और जॉर्डन को भी मिलेगा।

तुर्किये के कॉरिडोर को इराक डेवलपमेंट रोड इनिशिएटिव नाम दिया जाएगा। इस कॉरिडोर के जरिए इराक के ग्रैंड फॉ पोर्ट से तुर्किये में आसानी से सामान लाया और ले जाया जा सकेगा। इस पर 14 लाख करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। ये 1200 किलोमीटर लंबा ट्रेड रूट होगा। इसके पहले फेज को 2028 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है।

तस्वीर इराक के प्रधानमंत्री मुहम्मद शिया अल सुडानी (बाएं) और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की है। (फाइल)

तस्वीर इराक के प्रधानमंत्री मुहम्मद शिया अल सुडानी (बाएं) और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की है। (फाइल)

एक्सपर्ट्स ने तुर्किये को चेताया
एक तरफ जहां तुर्किये इस प्रोजेक्ट को तैयार करने की प्लानिंग कर रहा है, वहीं एक्सपर्ट इसे लेकर चेतावनी दे रहे हैं। यूरेशिया ग्रुप थिंक-टैंक के निदेशक एमरे पेकर कहते हैं कि तुर्किये के पास परियोजना को साकार करने के लिए पैसे की कमी है।

ऐसा लगता है कि वो बुनियादी ढांचे के लिए UAE और कतर के सहारे है। खाड़ी देशों से पैसे लेने के लिए तुर्किये को उन्हें भरोसा दिलाना होगा कि इस रूट में निवेश करने से उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा।

पेकर के मुताबिक सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े मुद्दे भी हैं, जो तुर्किये की परियोजना को खतरे में डाल सकते हैं। इराक बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, खस्ताहाल बुनियादी ढांचे, कमजोर सरकार और नियमित राजनीतिक अस्थिरता से परेशान है। यह भी साफ नहीं है कि इराक इस परियोजना में पैसा कैसे लगाएगा।

इराक मध्‍य पूर्व का वो हिस्‍सा है जो हिंसा और अस्थिरता से घिरा रहता है। जिस बसरा में इस प्रोजेक्‍ट का सपना देखा जा रहा है वह कभी ISIS का गढ़ था। यहां के युवाओं पर अभी तक ISIS का प्रभाव देखा जा सकता है। ऐसे में एर्दोगन जिस प्रोजेक्‍ट के बारे में सोच रहे हैं, उसका भविष्‍य भी खतरनाक हो सकता है।

राष्ट्रपति एर्दोगन बोले- हमारे बिना पूर्व से पश्चिम नहीं जा सकते
भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर पर तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा था कि उनके बिना कोई कॉरिडोर नहीं बन सकता है। उन्होंने कहा था कि पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाले किसी भी ट्रैफिक को तुर्किये से होकर गुजरना ही होगा।

दरअसल, G20 समिट में जिस प्रोजेक्ट की घोषणा हुई वो भारत, UAE, सऊदी अरब, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन सहित कुल 8 देशों से होते हुए गुजरेगा। इस प्रोजेक्ट का फायदा इजराइल और जॉर्डन को भी मिलेगा। हालांकि तुर्किये और मिस्र को इस प्रोजेक्ट में शामिल नहीं किया गया है।

भारत में हुई G20 समिट में भारत-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर का ये नक्शा जारी किया गया था।

भारत में हुई G20 समिट में भारत-मिडिल ईस्ट यूरोप कॉरिडोर का ये नक्शा जारी किया गया था।

मुंबई से शुरू होकर कॉरिडोर यूरोप तक जाएगा
मुंबई से शुरू होने वाला यह नया कॉरिडोर चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का विकल्प होगा। यह कॉरिडोर 6 हजार किमी लंबा होगा। इसमें 3500 किमी समुद्र मार्ग शामिल है।

कॉरिडोर के बनने के बाद भारत से यूरोप तक सामान पहुंचाने में करीब 40% समय की बचत होगी। अभी भारत से किसी भी कार्गो को शिपिंग से जर्मनी पहुंचने में 36 दिन लगते हैं, इस रूट से 14 दिन की बचत होगी। यूरोप तक सीधी पहुंच से भारत के लिए आयात-निर्यात आसान और सस्ता होगा।

G20 में कॉरिडोर डील का ऐलान PM मोदी ने किया था। इस दौरान मोदी की दायीं तरफ बाइडेन, जबकि बाईं तरफ सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ।

G20 में कॉरिडोर डील का ऐलान PM मोदी ने किया था। इस दौरान मोदी की दायीं तरफ बाइडेन, जबकि बाईं तरफ सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ।

सात वजहों से भारत इस प्रोजेक्ट से जुड़ा

  • सबसे पहले भारत और अमेरिका इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में काम कर रहे थे, लेकिन पहली बार दोनों मिडिल ईस्ट में साझेदार बने हैं।
  • भारत की मध्य एशिया से जमीनी कनेक्टिविटी की सबसे बड़ी बाधा पाकिस्तान का तोड़ मिल गया है। वह 1991 से इस प्रयास को रोकने की कोशिश कर रहा था।
  • भारत के ईरान के साथ संबंध सुधरे हैं, लेकिन अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण ईरान से यूरेशिया तक के रूस-ईरान कॉरिडोर की योजना प्रभावित होती जा रही है।
  • अरब देशों के साथ की भागीदारी बढ़ी है, UAE और सऊदी सरकार भी भारत के साथ स्थायी कनेक्टिविटी बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
  • अमेरिका को उम्मीद है कि इस मेगा कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट से अरब प्रायद्वीप में राजनीतिक स्थिरता आएगी और संबंध सामान्य हो सकेंगे।
  • यूरोपीय यूनियन ने 2021-27 के दौरान बुनियादी ढांचे के खर्च के लिए 300 मिलियन यूरो निर्धारित किए थे। भारत भी इसका भागीदार बना।
  • नया कॉरिडोर चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का विकल्प है। कई देशों को चीन के कर्ज जाल से मुक्ति मिलेगी। जी-20 में अफ्रीकी यूनियन के भागीदार बनने से चीन और रूस के अफ्रीकी देशों में बढ़ती दादागीरी को रोकने में मदद मिलेगी।

एमपी: फूड पॉइजनिंग के चलते हॉस्‍टल बीमार

जबलपुर में एक छात्रावास में फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया, ‘आदिवासी छात्रावास में शाम बच्चियों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत दर्ज की। वार्डन ने तुरंत इसकी जानकारी प्रशासन को दी। एंबुलेंस भेज कर बच्चियों को लाया गया। उनका इलाज जारी है। बच्चों की हालत स्थिर है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। हमारे पास अभी 62 बच्चियों के बीमार होने की सूचना है।’

भरूच में नर्मदा पुल बंद, NDRF ने 105 लोगों को बचाया

गुजरात में भारी बारिश के चलते भरूच जिले में स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। इससे नर्मदा पुल सहित कई सड़कें बंद हो गई हैं। NDRF की ओर से अभियान में 105 लोगों को बचाया गया। जिला प्रशासन ने सोमवार को भीषण जलभराव के कारण नर्मदा नदी पर बने नर्मदा पुल को बंद करने की घोषणा की। नर्मदा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद कई गांवों में बाढ़ के चलते 18 सितंबर को स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया गया।

विशेष सत्र का एजेंडा क्या है? TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने उठाया सवाल

महिला आरक्षण विधेयक पर TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ‘चर्चा हो रही है लेकिन देर से हो रही है… इस पर ममता बनर्जी ने सबसे पहले अवाज़ उठाई थी… यह सबको पता है कि यह बिल किन कारणों और लोगों की वजह से सार्थक नहीं हुआ था… यह सब चर्चा शीत सत्र में भी सकती थीं। ऐसी कौन सी बात है कि इस विशेष सत्र का एजेंडा अभी तक तय किया जा रहा है। अभी तक जो एजेंडा है उससे लग रहा है कि इसकी (विशेष सत्र) जरूरत नहीं थी… हम इसका (महिला आरक्षण विधेयक) समर्थक हैं।”

यह इमारत यादों से भरी है। जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा, यह इतिहास से भरा है। यह दुख का क्षण है। आशा है कि नए भवन में सांसदों के लिए अच्छी सुविधाएं होंगी…मुझे लगता है कि हम सभी इस बात को लेकर असमंजस में थे कि यह सत्र क्यों जरूरी था, बहुत सारे बिल जिनके बारे में बात हो रही है, उन्हें बाद में पेश किया जा सकता था। लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार एक भवन से दूसरे भवन में स्थानांतरण का एक विशेष क्षण बनाना चाहती थी और उन्होंने इसे एक विशेष तरीके से करने की कोशिश की है और हम इसे समझ सकते हैं: कांग्रेस सांसद शशि थरूर

नदियां उफान पर, घरों में घुसने लगा पानी… भारी बारिश के बाद MP समेत देश के इन हिस्सों में बाढ़ का खतरा

देश के कुछ हिस्सों में पिछले कुछ घंटों से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। लोग अपने घरो में कैद हैं। सितंंबर के मौसम में बारिश इतना कहर मचाएगी, शायद ही लोगों ने अंदाजा लगाया होगा। मध्य प्रदेश में बारिश से निमांड-मालवा सहित अन्य हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए है। राज्य की राजधानी भोपाल सहित कई हिस्सों में लगभग पांच दिनों से बारिश का दौर जारी है। इसके चलते इंदौर, बुरहानपुर अलीराजपुर खरगोन, बड़वानी, धार जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। कई स्थानों पर लोग अपने गांवों तक ही सीमित रहने को मजबूर हैं, उनका सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। वहीं राजस्थान और में भी मॉनसून फिर से एक्टिव हो गया है। आइए जानते हैं देश के किन हिस्सोंमें बारिश तबाही मचा रही है।

Ramswaroop Mantri

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