अपूर्व भारद्वाज
इस तस्वीर को गौर से देखिये… इसे देखकर पता लगता है क्या कि ये लड़की दलित है और एक सफाईकर्मी की बेटी है… इस तस्वीर से यह भी नही लगता कि इस लडकी ने विदेश से पीएचडी कर भारत का #UnitedNations में प्रतिनिधित्व किया है
ये तस्वीर यह भी नही बताती भारत की इस बेटी ने अपनी शिक्षा के लिए किसी से एक रुपया नही मांगा है और अपनी प्रतिभा और ज्ञान के बदौलत 1 करोड़ की स्कालरशिप हासिल की है इस लड़की ने अकेले ही सामन्तवादी समाजिक सिस्टम को हरा दिया है
मेरे लिए तो यह लड़की उन सभी के मिसाल है जो ज्ञान को किसी एक जाति की जागीर समझते है रोहिणी ने दुनिया को यह बता दिया कि ज्ञान केवल प्रतिभा और समर्पण देखता है वो धर्म, जात और नस्ल नही दिखता है तभी तो ज्ञान इतना सुंदर होता है





