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बिजली कंपनी को लगा रहा था ‘करंट’: उपयोग कर रहा था 23 किलो वाट, 30 हजार आने वाला बिल आ रहा था मात्र 1000 रुपए

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इंदौर

बिजली कंपनी की टीम ने शनिवार को एक ऐसे उपभोक्ता की चोरी पकड़ी, जो मीटर में कारस्तानी कर बिजली कंपनी को ही आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था। उसने मीटर से इस प्रकार से छेड़छाड़ कर रखी थी कि दो गीजर, चार एसी सहित अन्य इलेक्ट्राॅनिक आइटम उपयोग करने के बाद भी बिजली बिल 170 से 200 यूनिट के बीच ही आ रहा था। टीम ने लोड चेक किया तो 23 किलो वाट निकला, लेकिन उपयोग एक किलो वाट ही दिखा रहा था। टीम के अनुमान के मुताबिक जहां उसका बिल 25 से 30 हजार रुपए प्रति माह आना चाहिए। वहां, वह 1000 से 1200 रुपए भर रहा था।

विभिन्न जोन पर बिजली चोरी रोकने के लिए जांच दल गठित कर लगातार कार्रवाई चल रही है। इसी कड़ी में राज मोहल्ला जोन पर गठित जांच दल टाट पट्टी बाखल स्थित जावेद मसूददीन के मकान में पहुंची थी। यहां टीम ने जब जांच की तो पाया कि वास्तविक खपत की तुलना में अत्यंत कम खपत मीटर में दर्ज हो रही है। मीटर की विस्तृत जांच करने पर पता चला कि मीटर में शंट लगा कर गड़बड़ी की गई थी। मौके पर जांच अधिकारी के द्वारा भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135/138 के तहत कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया।

सहायक इंजीनियर भास्कर घोष के मुताबिक घर में चार एसी, दो गीजर सहित 23 किलो वाट की खपत पाई गई थी। जबकि मीटर में केवल 1 किलो वाट की खपत दर्ज हो रही थी। स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी होने पर कंट्रोल रूम को सूचना मिल गई थी। जांच दल उपभोक्ता के घर पर पहुंचा और कनेक्शन की जांच की तो मीटर में गड़बड़ी सामने आई। स्मार्ट मीटर इतना संवेदनशील है कि उसमें कुछ भी छेड़खानी करते ही कंट्रोल रूम को इंडिकेशन मिलने लगते हैं। स्मार्ट मीटर लगने का सबसे बड़ा फायदा यही हो रहा है कि बिजली कंपनी के अमले को चोरी ढूंढने के लिए दिनभर घूमना नहीं पड़ता है।

Ramswaroop Mantri

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