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ताजा समाचार -अमानगढ़ में अब दहाड़ का शोर तेज,जी-20 का संदेश फैलाने के लिए 14 दिवसीय रेल यात्रा

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मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, “2014 और 2019 में उन्होंने शिवसेना को चुराने की कोशिश की और वे जानते थे कि गद्दार का भविष्य जारी नहीं रहेगा, वे सभी अयोग्य हो जाएंगे। इसलिए वे यहीं नहीं रुके, वे शिवसेना को पूरी तरह से खत्म करना चाहते थे… तब मुंबई का महत्व बढ़ गया था, लेकिन अब दिल्ली में बैठे ये दो लोग इस सब को मिटा रहे हैं। अब सभी व्यवसाय गुजरात जा रहे हैं। कल, एक हीरा व्यवसाय गुजरात चला गया… आप मुंबई के महत्व को खत्म कर रहे हैं।”

नीदरलैंड्स का धमाल, साउथ अफ्रीका के बाद बांग्लादेश को भी हराया, वर्ल्ड कप में दूसरी जीत

कमजोर समझी जा रही नीदरलैंड्स टीम ने अपने से मजबूत बांग्लादेश को 87 रन से हराते हुए वर्ल्ड कप 2023 की दूसरी जीत दर्ज कर ली है। ऐतिहासिक ईडन गार्डंस स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान कॉलिन एडवर्ड्स के धैर्यपूर्ण अर्धशतक की मदद से डच टीम ने 229 रन बनाए। इसके बाद शानदार गेंदबाजी और जबरदस्त फील्डिंग के बूते बांग्ला टाइगर्स को 42.2 ओवर में 142 रन पर ही समेट दिया। बांग्लादेश की यह लगातार पांचवीं हार है। उसके छह मैच में दो अंक हैं और वह सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो गया है। नीदरलैंड्स के छह मैच में दूसरी जीत से चार अंक हो गए हैं और उसने अपनी उम्मीद कायम रखी है। इससे पहले क्वालीफाइंग में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था।

मिस्र में सड़क दुर्घटना में कम से कम 32 लोगों की मौत: प्राधिकारी

काहिरा: काहिरा और भूमध्यसागर शहर सिकन्दरिया को जोड़ने वाले राजमार्ग पर शनिवार को कई कारों के एक के पीछे एक टकराने से कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी। बयान में कहा गया है कि इस दुर्घटना में कम से कम 63 अन्य घायल हो गए। बयान के अनुसार इस दुर्घटना में एक यात्री बस और अन्य वाहन शामिल थे, साथ ही इस दौरान कुछ वाहनों में आग भी लग गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं।

ED अभी तक प्रेस नोट जारी नहीं कर रही है, कि हमने अमुक व्यक्ति के घर क्यों छापा किया? वहां से क्या बरामद हुआ? कितना कैश मिला? इसकी जानकारी जारी नहीं होती है ना ही वे प्रेस से बात करते हैं। बात भाजपा कर रही है। भाजपा ED की प्रवक्ता बन गई है… हमारे प्रदेश कांग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा के यहां पर बिना किसी कारण के छापा किया गया, इन्हें पूरा देश देख रहा है, देश इन्हें माफ नहीं करेगा।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, दिल्ली

  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश: चंद्र ग्रहण से पहले लोगों ने गंगा नदी में पवित्र स्नान किया।वाराणसी, उत्तर प्रदेश: चंद्र ग्रहण से पहले लोगों ने गंगा नदी में पवित्र स्नान किया।

जी-20 का संदेश पूरे देश में फैलाने के लिए 14 दिवसीय रेल यात्रा शुरू, 8000 किमी का करेगी सफर

14-dayRail Yatra to spread G20 summit message across country begins Jagriti Sewa Sansthan

एसबीआई के अध्यक्ष दिनेश खारा ने कहा, हमें जागृति जी-20 स्टार्टअप-20 यात्रा के साथ सहयोग करने में खुशी हो रही है। यह देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं के नेतृत्व वाली विकासात्मक पहल में भाग लेने की एसबीआई की प्रतिबद्धता से मेल खाता है। 

नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न जी-20 शिखर सम्मेलन के संदेश को प्रचारित करने के लिए 450 प्रतिभागियों के साथ 14 दिवसीय रेल यात्रा शनिवार को शहर से शुरू हुई। प्रतिभागियों में जी-20 देशों के 70 सदस्य शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल जी-20 स्टार्टअप के सहयोग से एक गैर सरकारी संगठन, जागृति सेवा संस्थान की ओर से की गई है। यह भारतीय स्टेट बैंक और सिडबी से समर्थित है।

यह दिल्ली घोषणा पत्र के साथ समावेशी उद्यम और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी। ट्रेन पूरे देश में 8,000 किमी की यात्रा करेगी। यात्रा 10 नवंबर को मुंबई में समाप्त होगी। यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, समावेशी प्रथाओं और नेटवर्किंग के बारे में जानकारी प्राप्त होगी।

एसबीआई के अध्यक्ष दिनेश खारा ने कहा, हमें जागृति जी-20 स्टार्टअप-20 यात्रा के साथ सहयोग करने में खुशी हो रही है। यह देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं के नेतृत्व वाली विकासात्मक पहल में भाग लेने की एसबीआई की प्रतिबद्धता से मेल खाता है।

घनैतर स्कूल से प्रभारी अध्यापक का तबादला होने पर भड़के लोग

राजकीय प्राथमिक पाठशाला घनैतर में शिक्षक की तैनाती से पहले स्कूल प्रभारी का तबादला होने पर पंचायत प्रतिनिधि शिक्षा विभाग के खिलाफ लामबद्ध हो गए हैं। 

कोटद्वार से आनंद विहार के लिए दौड़ी ट्रेन, पहले दिन राजधानी के लिए रवाना हुए 150 यात्री

Train ran from Kotdwar to Anand Vihar,

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक देहरादून से और कोटद्वार में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। 

75 वर्षों से विदेशी मानकों से हो रहा इलाज, अब आईसीएमआर तय करेगा जांच के मानक

Treatment is being done according to foreign standards for 75 years,

आईसीएमआर ने 49,486 मरीजों के रक्त के नमूना लेकर अपने और विदेशी दोनों मानकों के आधार पर विश्लेषण में पाया कि विदेशी मानक और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आधार पर 30% एनीमिया ग्रस्त मिले जबकि आईसीएमआर ने अपने मानकों से जांच की तो यह आंकड़ा 19% पाया। 

आपदा प्रभावित 3,400 और परिवारों को 39 करोड़ की पहली किस्त जारी

जिला मंडी में मानसून सीजन में आई आपदा के प्रभावित 7,200 परिवारों को हिमाचल सरकार के विशेष आपदा राहत पैकेज के प्रथम चरण में 70 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी हो गई है।

‘सोशल मीडिया से बच्चे क्या अब बड़े भी नहीं बच पा रहे’, मेटा मामले में कोर्ट में विशेषज्ञों ने बताई समस्या

experts told the problem of using Social media in US court in Meta case

किशोरों के दिमाग भी ऐसे बने हैं कि वे सामाजिक तौर पर जुड़े रहना चाहते हैं। सोशल मीडिया इसका अवसर देता है। यहां न केवल संपर्क, बल्कि लाइक्स व प्रतिक्रियाएं भी मिलती हैं।अमेरिका के 50 में से 41 राज्यों ने अपने बच्चों को सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप की मालिकाना कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ केस दायर कर दिया है। आरोप हैं कि मेटा ने जानबूझ कर ऐसे फीचर्स डिजाइन किए जो बच्चों व किशोरों को इसकी लत लगा रहे हैं। बड़े भी इससे बच नहीं पा रहे हैं। मेटा उनकी कमजोरी का अपने मुनाफे के लिए फायदा उठा रही है। क्या सच में सोशल मीडिया व इंटरनेट की लत लगती है और किशोरों के दिमाग की मजबूरी का मेटा फायदा उठा रही है? इन सवालों के जवाब देती रिपोर्ट –

किशोरों की जरूरत : सामाजिक संपर्क
किशोरों के दिमाग भी ऐसे बने हैं कि वे सामाजिक तौर पर जुड़े रहना चाहते हैं। सोशल मीडिया इसका अवसर देता है। यहां न केवल संपर्क, बल्कि लाइक्स व प्रतिक्रियाएं भी मिलती हैं।

इनाम का लालच
कनेक्टिकट में इंटरनेट व तकनीक की लत के पीड़ितों के लिए केंद्र चला रहे मनोचिकित्सक डेविड ग्रीनफील्ड मेटा जैसी कंपनियों की शक्तिशाली तकनीक ‘इंटरमिटन री-इन्फोर्समेंट’ के बारे में बताते हैं। यह यूजर्स को बताती है कि पोस्ट किए गए कमेंट्स, तस्वीरों, वीडियो के लिए उन्हें दूसरे लोगों से लाइक्स व प्रतिक्रियाएं मिलेंगी, जो उनका इनाम होंगी, लेकिन कब, यह तय नहीं होता। यह इनाम का लालच ही लत लगाता है। यह कुछ-कुछ जुआ घर में लगी मशीनों जैसा है, जिनमें रंग-बिरंगी लाइटें होती हैं, संगीत बजता है और ‘कुछ पाने की संभावना’ यानी इनाम का लालच होता है। यह तकनीक यूजर्स को सोशल मीडिया से चिपकाए रहती है। इससे बड़े तक नहीं बच पाते, बच्चे व किशोर तो ज्यादा जोखिम में हैं।

इसे लत कहना सही
2013 में मानसिक रोग जांच व सांख्यिकी मैनुअल ने इंटरनेट व गेमिंग की लत का उल्लेख किया, लेकिन इसे बीमारी या लत कहने के लिए और अध्ययनों की जरूरत बताई। लत किसी पदार्थ की ही मानी जाती है, व्यवहार की नहीं। बाद में हुए अध्ययनों ने बताया कि इंटरनेट की लत परिभाषित करना होगा। बोस्टन बाल रोग चिकित्सालय में डिजिटल वेलनेस विभाग के निदेशक डॉ. माइकल रिच मानते हैं कि इंटरनेट व सोशल मीडिया के साथ लत शब्द का उपयोग सही नहीं है। इसका सीमित उपयोग फायदेमंद है, रोजमर्रा के लिए जरूरी भी। वे इसके बजाय इंटरनेट के समस्या जनक उपयोग शब्द उपयोग करने का विचार देते हैं।

इंटरनेट सामग्री मादक पदार्थ जैसी 
डॉ. रिच से डॉ. ग्रीनफील्ड पूरी तरह सहमत नहीं होते। वह बताते हैं कि कई मामलों में सोशल मीडिया व इंटरनेट की वजह से बच्चों की पढ़ाई, स्कूल, नींद तक प्रभावित हो रही है।

मंत्री ज्योतिप्रिय ने भ्रष्टाचार का पैसा फिल्मों में लगाया, पूर्व निजी सहायक से पूछताछ में खुले कई राज

West Bengal Minister Jyotipriya Mallick invested corruption money in film productions claimed ed

ईडी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को एक डायरी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। इसमें घोटाले से जुड़े कई राज दर्ज हैं और अधिकारी इसके तारों को जोड़ने की कोशिश में लगे हैं। डायरी मिलने से घोटाले में कई और नेता ईडी के रडार पर आ गए हैं।पश्चिम बंगाल के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक की गिरफ्तारी के एक दिन बाद शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने उनके पूर्व निजी सहायक अमित डे को तलब किया। उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इस बीच, ईडी ने यह दावा भी किया है कि मल्लिक ने भ्रष्टाचार का पैसा फिल्मों में भी लगाया था। जांच एजेंसी मल्लिक और उनके परिवार के संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है।

ईडी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को एक डायरी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। इसमें घोटाले से जुड़े कई राज दर्ज हैं और अधिकारी इसके तारों को जोड़ने की कोशिश में लगे हैं। डायरी मिलने से घोटाले में कई और नेता ईडी के रडार पर आ गए हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक 2014 में ज्योतिप्रिय के करीबी कारोबारी बाकिबुर रहमान ने एक बांग्ला फिल्म का निर्माण किया था। इसमें राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की महिला मित्र अर्पिता मुखोपाध्याय ने अभिनय किया था। शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ व अर्पिता दोनों जेल में हैं।

इस बीच, इस मामले में गिरफ्तार बाकिबुर रहमान को शनिवार को बैकशाल कोर्ट ने 11 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उधर, अमित डे से पूछताछ के बाद ईडी ने दावा किया कि मल्लिक ने राशन घोटाले की एक बड़ी राशि अपने इस निजी सहायक के खाते में हस्तांतरित की थी। अमित के नाम पर अनेक चल-अचल संपत्तियां हैं, जिसे राशन घोटाले की काली कमाई से खरीदा गया है।

कमांड अस्पताल भर्ती करने को तैयार नहीं
बैंकशाल कोर्ट ने शुक्रवार को ज्योतिप्रिय को कमांड अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश दिया था, लेकिन अस्पताल के अधिकारियों ने शनिवार को कोर्ट से फैसला बदलने का आग्रह किया। उनका तर्क है कि यहां सेना के जवानों, अफसरों व उनके परिवार के सदस्यों का इलाज होता है। हालांकि, कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

भाजपा विधायक पर हमला, तृणमूल पर लगाया आरोप
इधर, बंगाल में भाजपा विधायक श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने शनिवार को आरोप लगाया कि एक दिन पहले उनकी कार पर कुछ बाइक सवारों ने हमला किया। उन्हें कोई चोट नहीं लगी, लेकिन उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन चार में दो युवकों को पकड़ लिया। बाद में पुलिस स्टेशन जाने पर पता चला कि उनमें से एक तृणमूल नेता का रिश्तेदार है। इंग्लिश बाजार सीट से विधायक श्रीरूपा ने बताया कि उनकी कार पर हमला शुक्रवार रात को करीब पौने 11 बजे उस समय हुआ जब वह मानिकचक क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद लौट रहीं थीं। कार पर पीछे से हमला किया गया। इससे पीछे का शीशा पूरी तरह टूट गया। 

  

ग्लेशियर-जंगल की निगरानी करेगा इसरो और नासा का निसार, जलवायु परिवर्तन से निपटने में मिलेगी मदद

ISRO and NASA NISAR will monitor glacier and forest help in climate change

जलवायु परिवर्तन से निपटने में हमारे जंगल और आर्द्रभूमि की भूमिका काफी अहम है। इनसे पर्यावरण में ग्रीनहाउस गैसों का नियमन होता है। निसार हर 12 दिन में पूरी धरती का चक्कर लगाते हुए तमाम ग्लेशियरों, जंगलों और आर्द्रभूमियों का विश्लेषण करेगा।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पहला साझा उपग्रह निसार जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मददगार होगा। इस उपग्रह को अगले वर्ष लॉन्च किया जाना है। अंतरिक्ष में पहुंचकर यह ग्लेशियर, जंगल और आर्द्रभूमि की निगरानी को आसान बना देगा।

नासा-इसरो सिंथेटिक अपेर्चर रडार (निसार) से जुड़े वैज्ञानिक पॉल रोसेन के मुताबिक, इस उपग्रह की रडार तकनीक से पृथ्वी पर जमीन और ग्लेशियर में आ रहे बदलावों का बेहतर तरीके से पता लगाया जा सकेगा। वहीं, वैज्ञानिक अनूप दास बताते हैं कि शोधकर्ता लंबे समय से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पृथ्वी के जंगल और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तन वैश्विक कार्बन चक्र और जलवायु परिवर्तन को किस तरह प्रभावित कर रहा है। इस सैटेलाइट से मिलने वाला डाटा हमें यह समझने में मदद करेगा। 

12 दिन में धरती का लगाएगा चक्कर
जलवायु परिवर्तन से निपटने में हमारे जंगल और आर्द्रभूमि की भूमिका काफी अहम है। इनसे पर्यावरण में ग्रीनहाउस गैसों का नियमन होता है। निसार हर 12 दिन में पूरी धरती का चक्कर लगाते हुए तमाम ग्लेशियरों, जंगलों और आर्द्रभूमियों का विश्लेषण करेगा। इस विश्लेषण से मिले डाटा से वैज्ञानिकों को पता चलेगा कि जंगल और वेटलैंड पर्यावरण में कार्बन के नियमन में कितने अहम हैं।

कार्बन चक्र पर प्रभावों के अध्ययन में सहूलियत
जंगलों में पेड़ों के तने कार्बन भंडारण करते हैं। आर्द्रभूमियां की जैविक मिट्टी की परतों में कार्बन जमा होता है। इन दोनों ही प्रणालियों में क्रमिक या अचानक होने वाले व्यवधान वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी हानिकारक गैसों को तेजी से फैला सकते हैं। लिहाजा, वैश्विक स्तर पर बदलावों को ट्रैक करने से शोधकर्ताओं को कार्बन चक्र पर प्रभावों का अध्ययन करने में मदद मिलेगी।

पत्तियों, तनों और जमीन तक को भेदने वाले सिग्नल छोड़ेगा
पॉल रोसेन कहते हैं कि निसार से मिले डाटा से हमें उन बदलावों की सटीक जानकारी मिलेगी, जो पृथ्वी के हरित और बर्फीले आवरण को आकार दे रहे हैं। इसके साथ ही यह भी पता चलेगा कि दुनियाभर में जंगलों के खत्म होने से कार्बन चक्र को कैसे प्रभावित होता है ग्लोबल वार्मिंग में कैसे योगदान देता है। निसार का एल-बैंड रडार पेड़ों की पत्तियों, तनों और जमीन तक को भेदने वाले सिग्नल छोड़ेगा, ये सिग्नल जब वापस उपग्रह तक लौटेंगे, तो इनसे जंगल के घनत्व की जानकारी मिलेगी। इस तरह पता चलेगा कि कहां, जंगल कम हो रहे हैं।

तकनीकी कॉलेजों में 30 तक दाखिले का आखिरी मौका, कामकाजी पेशेवर काम के साथ कर सकते हैं बीटेक-डिप्लोमा

Last chance for admission up to 30 in technical colleges

खास बात यह है कि आर्थिक समेत अन्य दिक्कतों के कारण जिन लोगों ने अभी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। उन कामकाजी पेशेवरों को बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी करने के लिए तकनीकी कॉलेजों में चयनित कॉलेजों में इवनिंग शिफ्ट में मौका उपलब्ध करवाया जा रहा है।इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर समेत अन्य तकनीकी पाठ्यक्रम में यदि आप दाखिले से चूक गए हैं तो फिर 30 अक्तूबर तक दाखिला का मौका अभी उपलब्ध है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त कॉलेजों में छात्र विभिन्न डिग्री प्रोग्राम में सोमवार तक दाखिला ले सकते हैं।

खास बात यह है कि आर्थिक समेत अन्य दिक्कतों के कारण जिन लोगों ने अभी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। उन कामकाजी पेशेवरों को बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी करने के लिए तकनीकी कॉलेजों में चयनित कॉलेजों में इवनिंग शिफ्ट में मौका उपलब्ध करवाया जा रहा है।

एआईसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि कोई छात्र किसी कारण से दाखिला लेने से चूक गए हैं तो फिर वे देरी न करें। अदालत के आदेश पर शैक्षणिक कैलेंडर 2023-24 में बदलाव किया गया है। हालांकि, ओडीएल/ऑनलाइन पाठ्यक्रम की पेशकश करने वाले संस्थानों को अनुमोदन देने की अंतिम तिथि और मुक्त और दूरस्थ शिक्षा/ऑनलाइन शिक्षण मोड (पहले और दूसरे सत्र) में पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि यूजीसी नीति के अनुसार होगी। अधिक जानकारी के लिए छात्र एआईसीटीई की आधिकारिक वेबसाइट को चेक कर सकते हैं।

कामकाजी पेशेवरों को पढ़ाई पूरी करने के लिए सीधे दूसरे वर्ष में दाखिला
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तकनीकी कॉलेजों में पहली बार कामकाजी पेशेवरों को बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा पूरा करने का मौका दिया जा रहा है। इस योजना के उम्मीदवार भी 30 अक्तूबर आवेदन कर सकते हैं। पाॅलिटेक्निक से डिप्लोमा पासआउट कामकाजी पेशवरों को बीटेक /बीई और आईटीआई पासआउट को डिप्लोमा में नियम पूरे करने पर सीधे दूसरे वर्ष में सीट मिलेगी। इसके लिए 137 कॉलेजों में 306 कोर्स में बीटेक की 9180 सीट और 174 कॉलेजों में 360 कोर्स में डिप्लोमा के लिए 10800 सीटों पर दाखिले को मंजूरी मिली है। इसमें 40 फीसदी तक क्रेडिट ऑनलाइन कोर्स से भी जुटा सकते हैं।

दाखिले के नए नियम

  1. एक संस्थान अधिकतम तीन एनबीए मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में ही पढ़ाई करवा सकेगा।
  2. प्रति जिले से सिर्फ चार संस्थानों को इन पाठ्यक्रम में पढ़ाई की अनुमति होगी।
  3. प्रति पाठ्यक्रम अधिकतम 30 छात्र और न्यूनतम 10 छात्र होने अनिवार्य हैं।
  4. एक वर्ष के कार्य अनुभव वाले मान्यता प्राप्त उद्योगों, संगठनों में काम करने वाले पेशेवरों को डिग्री या डिप्लोमा में दाखिले से पहले अपने नियोक्ता से एनओसी जमा करना अनिवार्य है।
  5. कामकाजी पेशेवरों के ऑफिस से 50 किलोमीटर दूरी तक वाले कॉलेज में दाखिला मिल सकता है।

अमानगढ़ के जंगल में बढ़ी दहाड़, गणना के बाद राजा के कुनबे में मिले 32 बाघ तो उत्साहित हुए वन अधिकारी

After counting, 32 tigers were found in the forest of Amangarh.

जी हां पिछले साल गणना रिपोर्ट आ गई है और यहां बाघों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। वर्ष 2021 में हुई गणना के अनुसार अमानगढ़ में 27 बाघ थे। रिपोर्ट को देख वन अफसर भी उत्साहित है।अमानगढ़ में अब दहाड़ का शोर तेज हो गया है। जी हां पिछले साल गणना रिपोर्ट आ गई है और यहां बाघों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। वर्ष 2021 में हुई गणना के अनुसार अमानगढ़ में 27 बाघ थे। रिपोर्ट को देख वन अफसर भी उत्साहित है। वहीं, पर्यटकों के लिए भी यह सुखद सूचना है।

अमानगढ़ का रकबा 9500 हेक्टेयर में है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही हिस्सा था। आज भी इसे कार्बेट पार्क के बफर के तौर पर जाना जाता है। एक दशक पहले तक यहां पर बाघों की संख्या मात्र 12 थी, जो अब बढ़कर 32 हो चुकी है।

वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि इस बार गणना रिपोर्ट में 28 बड़े बाघ और 04 शावक अमानगढ़ में होना बताया गया है। 2021 में 21 बड़े बाघ और 06 शावक थे। यह जंगल अपने आप में वन्य जीव, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, वनस्पति को समेटे हुए है।

पिछले साल हुई थी गणना
डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल कार्बेट पार्क के साथ ही अमानगढ़ में भी बाघों की गणना हुई थी। अमानगढ़ में बाघों को लेकर अलग से रिपोर्ट उस समय नहीं आई थी। विशेषज्ञों की टीम ने डाटा का आकलन कर अब रिपोर्ट भेजी है। इसमें 28 बड़े बाघ और 04 शावक होना बताया गया है।

एक साल पहले पर्यटकों के लिए खोला गया अमानगढ़
अभी अमानगढ़ के अंदर वन विभाग ने पर्यटकों ने 30 किलोमीटर ट्रैक घूमने के लिए निर्धारित किया है। यदि फीस की बात करें तो फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होगा। इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना होगा।

अमानगढ़ में बाघों का कब्जा, जंगल छोड़ रहे गुलदार
गणना रिपोर्ट की माने तो प्रति बाघ का क्षेत्र अब दो वर्ग किलोमीटर रह गया है। हालांकि माना जाता है कि पहले बाघ का दायरा पांच वर्ग किलोमीटर तक रहता था। ऐसे में लगातार बढ़ती बाघों की संख्या से गुलदार जंगल से बाहर आ रहे हैं। इसकी गवाही आंकड़े दे रहे हैं। इस साल की बात करें तो 35 से ज्यादा गुलदार आबादी क्षेत्रों से पकड़े जा चुके हैं। इस साल जिले में गुलदार के हमलों में 16 लोग जान गवां चुके हैं। माना जा रहा है कि बाघों को कड़ी टक्कर देने में नाकाम गुलदार अब आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। गुलदार के खेतों में जाने से बाघों के लिए जंगल में प्रतिस्पर्धा भी कम हुई है।

अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति

  • बाघ 32
  • गुलदार 45
  • चिकारा 06
  • काला हिरन 50
  • सांभर 226
  • बारहसिंगा 37
  • भालू 9
  • मोर 1074


(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)

  पांच के नोट पर भारत के साथ पाकिस्तान का नाम, विभाजन के बाद इसी के सहारे चली पड़ोसी देश में जिंदगी

Pakistan's name along with India's on one note

पांच रुपये के इस नोट पर भारत और पाकिस्तान का नाम एक साथ छपा हुआ है। 1947 में छपे नोट को भारत सरकार ने विभाजन के समय पाकिस्तान सरकार को दिया था। मुद्रा महोत्सव में एक दुर्लभ नोट देखने को मिला है। पांच रुपये के इस नोट पर भारत और पाकिस्तान का नाम एक साथ छपा हुआ है। 1947 में छपे नोट को भारत सरकार ने विभाजन के समय पाकिस्तान सरकार को दिया था।

मसानी रोड स्थित नेशनल चेंबर भवन में आयोजित दो दिवसीय मथुरा मुद्रा महोत्सव में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वर्ष गवर्नर सीडी देशमुख के कार्यकाल में 1947 में छापा गया पांच रुपये का एक ऐसा दुर्लभ नोट देखने को मिल रहा है जिसके सहारे पाकिस्तान की सरकार चली थी। इस नोट का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी नागरिकों ने अपने देश में खरीदारी की थी।

दरअसल, विभाजन के समय पाकिस्तान के पास अपनी कोई मुद्रा नहीं थी। देश में वित्तीय गतिविधियां कैसे संचालित हों तत्कालीन पाकिस्तान सरकार के सामने ये परेशानी खड़ी हो गई थी। ऐसे में पाकिस्तान सरकार को जब कोई उपाय नहीं सूझा तो पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री मोहम्मद अली जिन्ना ने भारत सरकार से मिले नोटों पर ही गर्वमेंट ऑफ पाकिस्तान प्रिंट करा दिया। जबतक पाकिस्तान सरकार को नोट छापने की मशीन नहीं मिली पाकिस्तान के लोगों ने में भारत में छपे नोट से अपनी गृहस्थी चलाई। 

तत्कालीन बर्मा (म्यांमार) सरकार ने भी किया था भारतीय नोट का उपयोग
पाकिस्तान ही नहीं तत्कालीन बर्मा अब म्यांमार सरकार ने भी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए सौ रुपये के नोट के उपयोग किया था। प्रदर्शनी में इस नोट का प्रदर्शन किया जा रहा है। सौ रुपये के इस दुर्लभ नोट पर भारत के साथ बर्मा का नाम अंकित है। ये दोनों नोट लखनऊ के रहने वाले गोकलेश रस्तोगी द्वारा संग्रहीत किए गए हैं।

रात को होने वाले हादसों को रोकेगी ऑटोमेटिक डिपर लाइट, दो छात्राओं ने बनाया मॉडल

Automatic dipper light will prevent accidents happening at night, two girl students made a model

आटोमेटिक डिपर लाइट के माध्यम से रात को रोशनी के कारण जो हादसे होते हैं, उनको रोका जा सकेगा। रात को वाहनों की लाइट से होने वाले हादसों को रोकने के लिए एक ऑटोमेटिक डिपर सिस्टम का विकल्प सामने आया है। इस आटोमेटिक डिपर लाइट के माध्यम से रात को रोशनी के कारण जो हादसे होते हैं, उनको रोका जा सकेगा। यह सिस्टम कुछ इस तरह से काम करता है कि सामने से आने वाली वाहन की रोशनी के संपर्क में आते ही गाड़ी की अपर लाइट खुद ही बंद हो जाएगी। इससे आंखों पर लाइट का प्रभाव नहीं पड़ेगा और चालक आराम से गाड़ी को चला सकता है।

इस तकनीक से वाहन बनाने वाली कंपनियों को बहुत अधिक मदद मिल सकती है और यह वाहनों हादसों को रोकने में काफी मददगार साबित होगी। यह मॉडल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कमलाह फोर्ट की 10वीं कक्षा की छात्राओं ने तैयार किया है। उन्होंने इसे दुर्घटनाओं से बचाव के लिए स्वचालित अपर डिपर लाइट नाम दिया है। यह मॉडल उन्होंने रसायन विज्ञान के प्रवक्ता राकेश के मार्गदर्शन में बनाया है।

इस माडल को तैयार करने में एलडीआर, रिले, ट्रांजिस्टर, चार एलडी, बैटरी और लकड़ी का प्रयोग किया गया है। छात्रा नताशी ने बताया कि उन्होंने जब यह पढ़ा कि भारत में डिपर लाइट नहीं देने से 5,000 हादसे रोजाना हो जाते हैं तो उनके मन में यह बात आई कि इस तरह से डिपर लाइट बनाई जाए कि इन हादसों को रोका जा सके।

इस तरह से तैयार किया माॅडल
इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी चार एलईडी के सकारात्मक टर्मिनलों को एक-दूसरे के साथ जोड़ा गया। दो एलईडी के नकारात्मक दो ऊपरी टर्मिनलों को रिले के एक बिंदु से साथ जोड़ा गया। रिले के दूसरे बिंदु पर डिपर एलईडी के नकारात्मक टर्मिनल ऊपरी एलईडी को करंट देते हैं। रिले अपर एलईडी को एक टाइम में करंट देगा और दूसरे समय में डिपर एलईडी पर करंट देता है।

इससे जब प्रकाश एलडीआर पर पड़ता है तो यह डिपर को करंट देता है। जब प्रकाश एलडीआर पर नहीं पड़ता है तो यह ऊपरी हिस्से को करंट देता है। करंट देने वाले बटन को जब ऑन किया जाता है तो अपर लाइट जल जाएगी और इस पर जब दूसरे वाहनों की लाइट पड़ेगी तो अपर लाइट बंद हो जाएगी, जिससे हादसे होने की बहुत कम संभावना रहेगी।

क्या कहते हैं केमिस्ट्री के प्रवक्ता
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कमलाह फोर्ट के रसायन विज्ञान के प्रवक्ता राकेश ने बताया कि छात्राओं ने इस मॉडल को बनाने में काफी मेहनत की है। इस मॉडल को बनाने में बहुत अधिक खर्च भी नहीं आएगा और यह वाहन कंपनियों को काफी फायदेमंद रहेगा।

 

राज्य सचिवालय, सरकारी दफ्तरों में नहीं पहन सकेंगे जींस, टी-शर्ट, आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई

Disciplinary action will be taken if you come to govt offices wearing non formal clothes, circular issued

 सचिवालय समेत सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अगर जीन, टी-शर्ट या अन्य गैर फॉर्मल कपड़े पहनकर आए तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। 

Ramswaroop Mantri

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