सुप्रीम कोर्ट आज दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सुनवाई करेगा। दिल्ली सरकार अदालत के सामने कृत्रिम बारिश कराने का प्रस्ताव रखेगी। AAP सरकार इसका पूरा खर्च उठाने को तैयार है। दिल्ली में शुक्रवार को बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण के स्तर में मामूली कमी आने की उम्मीद है।
मूडीज ने ग्रोथ अनुमान को 6.7% पर कायम रखा
मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने 2023 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.7 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। मूडीज का मानना है कि देश में मजबूत घरेलू मांग की वजह से वृद्धि की रफ्तार कायम रहेगी। मूडीज ने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 2023 में 6.7 प्रतिशत, 2024 में 6.1 प्रतिशत और 2025 में 6.3 प्रतिशत बढ़ेगी। भारत की आर्थिक वृद्धि दर जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही, जो मार्च तिमाही में 6.1 प्रतिशत थी।
नीतीश के बयान पर भड़के शिवराज
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘नीतीश कुमार को अब मुख्यमंत्री बनने का कोई अधिकार नहीं है। बहनों और बेटियों को जो बेइज्जत करे, उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करे, ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री रहने के लायक नहीं है। उन्हें अब पद छोड़ देना चाहिए। माफी मांगने से काम नहीं चलेगा… INDI गठबंधन नहीं दलदल है… अब इनमें कोई सामंजस्य और तालमेल नहीं है… इनमें घमासान मचा हुआ है।’
दिल्लीवाले प्रदूषण से परेशान हैं। क्या बच्चे, क्या बड़े… सभी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। दिल्ली के लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में एक महिला ने कहा कि ‘प्रदूषण से आंखों में परेशानी हो रही है। धुआं भीतर जाता है तो सीने में भी प्रॉब्लम होती है।’ एक अन्य लड़की ने कहा कि बुजुर्ग तो बाहर निकल ही नहीं पा रहे हैं। इंडिया गेट के पास मौजूद एक युवती ने कहा कि ‘घूमने जैसा फील नहीं हो रहा है, बहुत ज्यादा पलूशन है… अभी तक तो धूप निकल जानी चाहिए थी.. धूप तो टच ही नहीं कर रही ग्राउंड की…
सीरिया में IS का हमला, 21 लड़ाकों का मौत
बेरूत: इस्लामिक स्टेट समूह ने पूर्वी सीरिया में मंगलवार रात सरकार समर्थक लड़ाकों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कम से कम 21 लड़ाके मारे गए। यह जानकारी सरकार समर्थक मीडिया और एक विपक्षी युद्ध निगरानी संस्था ने बुधवार को दी। शाम एफएम रेडियो ने बताया कि सरकार समर्थक नेशनज डिफेंस प्लेसेज के लड़ाकों पर मध्य सीरियाई रेगिस्तान में सरकार के नियंत्रण वाले होम्स और रक्का शहर के बीच स्थित अल-कौम गांव में घात लगाकर हमला किया गया। वहीं युद्ध निगरानी संस्था ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने भी हमले के लिए आईएस को दोषी ठहराया, लेकिन मरने वालों की संख्या अधिक बताई और कहा कि इसमें 34 लड़ाके मारे गए हैं। ऐसे हमलों के बाद हताहतों की संख्या अलग-अलग होना आम बात है।
देवी-देवताओं की फोटो लगे पटाखे बेचे तो होगी एफआईआर, व्यापार मंडल हुआ सख्त
प्रदेश में देवी-देवताओं की फोटो लगे पटाखों की बिक्री करना इस बार विक्रेताओं को महंगा पड़ेगा। प्रदेश व्यापार मंडल ने इस बारे में सख्त रुख अपना लिया है।
हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं की फोटो लगे पटाखों की बिक्री करना इस बार विक्रेताओं को महंगा पड़ेगा। प्रदेश व्यापार मंडल ने इस बारे में सख्त रुख अपना लिया है। आस्था को ठेस पहुंचाने वाले पटाखा विक्रेताओं को धारा 295ए के तहत कार्रवाई का खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। प्रदेश व्यापार मंडल की ओर से राज्य के सभी व्यापारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सभी को बताया गया कि अपने इर्द-गिर्द इस प्रकार की पटाखा सामग्री बिक्री होने पर संबंधित दुकानदार और कंपनी के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत दर्ज करें। संगठन का मानना है, बीते वर्षों से ऐसा होने से लगातार धर्म आस्था को ठेस पहुंच रही है। किसी भी धर्म का अपमान न हो। इस पर पैनी नजर रखी जाएगी। हिंदू देवी-देवताओं की फोटो लगे पटाखे और आतिशबाजी बाजार में बिक्री के लिए आते हैं। पैकेट्स पर लगे चित्र फिर दूसरे दिन रास्तों पर बिखरे पड़े मिलते हैं। इस बार पटाखा सामग्री बिक्री करने वाले विक्रेताओं पर पैनी नजर रहेगी।
पटाखा बनाने वाली कंपनी और आगे इसे लाकर बिक्री करने वाले दुकानदार के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में व्यापार मंडल कई दिन पूर्व ही प्रदेश सहित जिला ऊना के व्यापारियों को आगाह कर चुका है। रंगदार मिठाई व ऑनलाइन खरीद न करने का भी आह्वानत्योहारों में रंगदार मिठाइयों सहित ऑनलाइन शॉपिंग करने को लेकर भी प्रदेश व्यापार मंडल ने व्यापारी वर्ग को सचेत किया है। राज्य के हलवाइयों से भी हल्की मिलावटी रंगदार एवं सेहत के लिए हानिकारक सामग्री का प्रयोग न करने की अपील की है। वहीं स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग न करने का आह्वान भी प्रदेश के व्यापारियों से किया है।
त्योहारी सीजन के बीच दीपावली पर्व को लेकर व्यापारियों को व्यापार के बढ़ने की उम्मीद सालभर रहती है। इस बार दीपावली पर्व परदेवी-देवताओं के चित्र लगाकर पटाखा बिक्री करने वाले दुकानदारों को सचेत किया गया है। ऐसा करने पर कंपनी और दुकानदार पर प्रदेश व्यापार मंडल कार्रवाई के लिए बाध्य होगा। दुकानदार इसमें सहयोग करें।-सुमेश कुमार शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल।
180 सड़कें बनाने वाले 80 फीसदी ठेकेदार निकले डिफाल्टर, लोक निर्माण विभाग का खुलासा

प्रदेश में चरण एक और दो में 180 सड़कें बनाने वाले 80 फीसदी ठेकेदार डिफाल्टर निकले हैं। अब इन ठेकेदारों को काम नहीं मिलेगा।
साइबर ठगी का नया तरीका: आपके खाते में गलती से पैसे चले गए हैं, वापस कर दीजिये

ठग आपको कॉल करते हैं और कहते हैं कि वह किसी को पेमेंट कर रहे थे, लेकिन गलती से आपके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो गए हैं।
साइबर अपराधी ठगी के नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। अब ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। ठग आपको कॉल करते हैं और कहते हैं कि वह किसी को पेमेंट कर रहे थे, लेकिन गलती से आपके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हो गए हैं। आप मैसेज चेक कर लीजिए और पैसे वापस कर दीजिए। इसके बाद ठगी का असली खेल शुरू होता है। शिमला में कई लोगों को इस तरह के फर्जी मैसेज का चुके हैं। उधर, शिमला पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इसके अलावा पुलिस ने लोगों को पैसा न देने की भी हिदायत भी दी है। पुलिस के मुताबिक ये ठग इतने शातिर होते हैं कि आपको पैसे ट्रांसफर होने का एक मैसेज भी भेजते हैं, लेकिन यहीं ध्यान देने वाली बात होती है। दरअसल, खाते में पैसे जमा होने का जो मैसेज आता है तो वह बैंक से नहीं, बल्कि ये ठग खुद अपने नंबर से भेजते हैं। अकसर लोग सिर्फ मैसेज देखते हैं और निश्चिंत हो जाते हैं कि पैसे तो आ ही गए हैं और फिर उसे पैसे वापस करने की गलती कर बैठते हैं।
यदि आप पैसे इन्हें ट्रांसफर नहीं करते हैं तो ये आपको कॉल करके धमकाते भी हैं और पुलिस से शिकायत करने की धमकी देते हैं। इस तरह के फोन कॉल से आपको बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है। एएसपी शिमला नवदीप सिंह ने बताया कि यदि आपके पास कोई ऐसा कॉल आता है, जिसमें उधर से कहा जा रहा है कि गलती से पैसे ट्रांसफर हो गए हैं तो तुरंत फोन कट कर दें। किसी भी तरह की ठगी होने की स्थिति में नजदीकी थाने एवं हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
100 में से 10 लोग हो रहे ठगी का शिकार
हर बार सिर्फ ठगी के तरीके बदलते हैं, ठगी खत्म नहीं होती है। फास्ट इंटरनेट और हर हाथ में मोबाइल ने इस काम को और आसान बना दिया है। ठगी को सबसे आसान यूपीआई पेमेंट ने बनाया है। एक क्लिक और सब पैसे ट्रांसफर। पुलिस की शुरुआती जांच में ठग अकसर भाेले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बना रहे है। ठग 100 में से करीब 10 लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
आज से दिल्ली के लिए 13 और चंडीगढ़ के लिए चलेंगी आठ विशेष बसें

10 और 11 नवंबर को दिल्ली से जिला कांगड़ा के लिए चलते वाली एचआरटीसी की 13 स्पेशल बसों में से 11 बसें पूरी तरह से एडवांस पैक हो गई हैं।
दिवाली से पहले घर आने वालों की तांता इतना अधिक रहता है कि 10 और 11 नवंबर को दिल्ली से जिला कांगड़ा के लिए चलते वाली एचआरटीसी की 13 स्पेशल बसों में से 11 बसें पूरी तरह से एडवांस पैक हो गई हैं। धीरे-धीरे बाकी बसों की सीटें भी भरना शुरू हो गई हैं। वहीं चंडीगढ़ से कांगड़ा आने वाली सात बसों में से चार बसें पैक हो गई हैं। बाकी बसों में भी कुछ बसों में सीटें बची हैं। इस बसों की बुकिंग ऑनलाइन और काउंटरों पर की जा रही हैं। बता दें कि 10 और 11 नवंबर को दिल्ली से जिला कांगड़ा आने के लिए 13-13 और चंडीगढ़ से सात-सात बसें चलाई जा रही हैं। इसमें बैजनाथ, धर्मशाला, पालमपुर और कांगड़ा डिपो की बसें शामिल हैं।
बता दें कि दिवाली से पहले बाहरी राज्यों में पढ़ाई और नौकरी करने वाले छुट्टी होने के चलते अपने घर त्योहार मनाने के लिए आते हैं। ऐसे में सामान्य दिनों में चलने वाली बसें यात्रियों के लिए कम पड़ जाती हैं। इसको देखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से प्रदेश के लिए दिल्ली से स्पेशल बसें चलाई जाती हैं। एचआरटीसी धर्मशाला के डीएम पंकज चड्ढा ने बताया कि दिवाली से पहले प्रदेश से सभी डिपो के लिए स्पेशल बसें चलाई जा रही हैं, जिसमें से अधिकतर बसें पूरी तरह से पैक हो गई हैं। इसके अलावा अन्य बसों में भी बुकिंग तेजी से हो रही है।
बेहतर परिणाम और शिक्षा में नवाचार लाने वाले शिक्षकों की बनेगी सूची

शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में फैसला लिया कि बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों की अलग से सूची बनाई जाएगी। इनको दूसरे स्कूलों में भेजकर शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने का जिम्मा दिया जाएगा।
प्रिंट लिफाफों में जलेबी-पकोड़े खाने से हो सकती हैं कई गंभीर बीमारियां, जानें पूरा मामला

अगर खुद और परिवार को सुरक्षित और स्वस्थ रखना है तो प्रिंटेड कागजी लिफाफों में न तो खाद्य पदार्थ (जलेबी-पकोड़ा) डालें और न ही इसे नैकपीन की तरह इस्तेमाल करें।
अगर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचना है को खाद्य पदार्थ डालने के लिए प्रिंटेड कागजी लिफाफों के इस्तेमाल से बचें, वरना इन कागजों में इस्तेमाल होने वाली सियाही आपके लिए घायक साबित हो सकती है। अगर खुद और परिवार को सुरक्षित और स्वस्थ रखना है तो प्रिंटेड कागजी लिफाफों में न तो खाद्य पदार्थ (जलेबी-पकोड़ा) डालें और न ही इसे नैकपीन की तरह इस्तेमाल करें। इसके अलावा अगर कोई मिठाई वाला आपको प्रिंटेड कागज के लिफाफे में जलेबी या पकोड़े आदि डालकर देता है तो उसे लेने से मना कर दें। प्रिंटेड कागजी लिफाफों में इस्तेमाल होने वाली सियाही में कई प्रकार के कैमिकल होते हैं। इसके इस्तेमाल से कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
बता दें कि आज की जीवनशैली में लोगों ने पैसे बचाने के चक्कर में नैपकीन की बजाय प्रिंटेड कागजी लिफाफों का इस्तेमाल करने लगे हैं। कई मिठाई विक्रेता भी जलेबी और अन्य खाद्य सामग्री ग्राहकों को प्रिंटेड कागजी लिफाफों में डालकर दे देंते हैं, जिससे सियाही का कैमिकल खाने वाले सामान के साथ छिपकर सीधे शरीर के अंदर प्रवेश कर जाती है, जिससे कैमिकल शरीर के अंदर बीमारियां पैदा करना शुरू कर देता है। इन कागजों का सबसे अधिक इस्तेमाल स्ट्रीट फूड वाले करते हैं। वे लोगों को बर्गर आदि भी इन्हीं कागजों में देते हैं। इसके अलावा हाथ और मुंह साफ करने के लिए भी इन्हीं कागजों को देते हैं।
इसके अलावा अधिक मात्रा में फूड ग्रेड कलर का इस्तेमाल भी लोगों को बीमार कर सकता है। दुकानदार मिठाइयों को ज्यादा रंगत देने के लिए कलर का अधिक इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए विभाग की ओर से बार-बार फूड ग्रेड कलर का इस्तेमाल कम मात्रा में करने के लिए मिठाई विक्रेताओं को कहते हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन कागजी लिफाफों का इस्तेमाल केवल मिठाई के डिब्बों के डालने के लिए करना चाहिए, न कि उसके खाद्य सामग्री सीधे डाली जाए।
प्रिंटेड कागज सेहत के लिए घातक
खाद्य पदार्थ सीधे प्रिंटेड कागज के लिफाफे में डालने से कई प्रकार की बीमारियां लोगों को ग्रसित कर सकती हैं। इन कागजों की सियाही में कई कैमिकल होते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इन कागजों का इस्तेमाल जलेबी-पकोड़ा आदि डालने के लिए न करें।- डॉ. सुशील शर्मा, सीएमओ कांगड़ा।
दुकानदारों को कर रहे जागरूक : मनजीत
प्रिंटेड कागजी लिफाफों का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को न डालने के लिए दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है। इसके इस्तेमाल से सियाही शरीर में जाकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को पैदा करता है। इसलिए खाते समय इन कागजों का इस्तेमाल नैपकीन के तौर पर न करें। – मनजीस सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग।
हिमाचल में दीपावली पर दो घंटे सिर्फ ग्रीन पटाखे ही जला सकेंगे लोग

प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
Green Crackers: हिमाचल में दीपावली पर दो घंटे सिर्फ ग्रीन पटाखे ही जला सकेंगे लोग
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 10 Nov 2023 05:00 AM IST
सार
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प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।

ग्रीन पटाखे – फोटो : सोशल मीडिया
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हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
साइलेंस जोन में पूर्ण प्रतिबंध, ठोस सजा का प्रावधान
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार साइलेंस जोन अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थान परिसर के 100 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ने पर पूर्ण पाबंदी है। वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981, ध्वनि प्रदूषण विनियमन और नियंत्रण नियम 2,000 और पर्यावरण सरंक्षण अधिनियम 1986 के उल्लंघन पर 5 साल कारावास या एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है।
क्या होते हैं ग्रीन पटाखे
केंद्रीय संस्थान सीएसआईआर एनईईआरई ने ग्रीन पटाखे विकसित किए हैं। इनमें एलुमिनियम व पोटेशियम नाइट्रेट जैसे रसायनों की मात्रा नहीं होती है। अगर पटाखों में मात्रा हुई भी तो उसे इतना कम रखा जाता है ताकि धुआं व प्रदूषण न्यूनतम हो।
ये रहेगा ग्रीन पटाखे फोड़ने का समय
- गुरुपर्व पर 27 नवंबर को शाम 4 से 5 और रात 9 से 10 बजे,
- क्रिसमस पर 25 और 26 दिसंबर को 11:55 से 12:30
- न्यू ईयर संध्या पर 31 दिसंबर से 1 दिसंबर के बीच रात 11:55 से 12:30 तक
लाइसेंस फीस न चुकाने पर 4 शराब कारोबारियों को नोटिस

नोटिस के माध्यम से शुक्रवार शाम तक फीस जमा करवाने का अंतिम मौका दिया गया है। अगर कारोबारियों ने लाइसेंस फीस जमा नहीं करवाई तो शराब ठेके रद्द करने के आदेश जारी होंगे।
आरोपियों के सगे संबंधियों का रिकॉर्ड खंगालने में जुटी पुलिस

एसआईटी के मुताबिक क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में चार मुख्य आरोपी हैं। इन्होंने मिलकर ठगी का पूरा जाल बुना है और दोगुनी कमाई का झांसा देकर आरोपियों से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कराया।
एसपीयू में वीसी चयन के लिए 30 नवंबर तक मांगे आवेदन

आवेदन ऑनलाइन करना होगा और इसकी हार्ड कॉपी भी सचिव राज्यपाल हिमाचल प्रदेश कार्यालय में जमा करवानी होगी।
सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजभवन सचिवालय ने वीरवार को इस बाबत विज्ञापन जारी कर 30 नवंबर को शाम पांच बजे तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदनों की सर्च कमेटी छंटनी करेगी। संभावित है कि दिसंबर में एसपीयू को नया कुलपति मिल जाएगा। यूजीसी के रेगुलेशन-2018 में दी गई शर्तों और एचपीयू एक्ट 1970 के सेक्शन 12(1) में दी गई पात्रता शर्तों के अनुरूप कुलपति की नियुक्ति होगी।
विवि के कुलाधिपति राज्यपाल के सचिव की ओर से पद के लिए वीरवार को विज्ञापन जारी किया गया। विज्ञापन जारी होने के 21 दिनों के भीतर यानी 30 नवंबर (शाम पांच बजे) तक तक पद के लिए राजभवन की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पद के लिए पात्रता शर्तों और आवेदन संबंधित ब्योरा राजभवन हिमाचल प्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। आवेदनकर्ताओं को दिए फार्मेट में ही आवेदन करना होगा। इसे वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
अमुवि के कुलपति पैनल का मामला पहुंचा उच्च न्यायालय, 16 नवंबर को होगी सुनवाई

जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के सैयद अफजल मुर्तजा रिजवी ने एएमयू के कुलपति पैनल के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। कुलपति पैनल के मामले में 9 नवंबर को सुनवाई हुई, जिसमें अगली सुनवाई 16 नवंबर तय की गई है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के सैयद अफजल मुर्तजा रिजवी ने एएमयू के कुलपति पैनल के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। कुलपति पैनल के मामले में 9 नवंबर को सुनवाई हुई, जिसमें अगली सुनवाई 16 नवंबर तय की गई है।
6 नवंबर को एएमयू कोर्ट बैठक में प्रो. एमयू रब्बानी, प्रो. फैजान मुस्तफा व प्रो. नईमा खातून के नाम पर मुहर लगाई। जानकारों का कहना है कि नए कुलपति की औपचारिक घोषणा होने में करीब दो-ढाई महीने लगेंगे। अब तक कुलपति के मामले में यही होता रहा है। यूनिवर्सिटी की विजिटर कुलपति पैनल में से तीन उम्मीदवारों से एक पर मुहर लगाएंगी।
खाद्य विभाग ने तीन महीने में जब्त की 25 करोड़ की मिलवाटी खाद्य सामाग्री

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि पिछले तीन महीनों में महाराष्ट्र के भोजनालयों सहित 5,244 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 24.42 करोड़ रुपये की मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है।
त्योहार का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे खाद्य विभाग भी कार्रवाई तेज कर रहा है। गुरुवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि पिछले तीन महीनों में महाराष्ट्र के भोजनालयों सहित 5,244 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 24.42 करोड़ रुपये की मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है।
मामले में एफडीए ने एक विज्ञप्ति जारी की। विज्ञप्ति में विभाग ने कहा कि इसमें दूध, मिठाई, खोया, मावा, सूरजमुखी तेल और पाम तेल शामिल हैं। नौ करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा भी जब्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
रेलवे कर्मियों के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रेलवे के पार्सल प्रबंधन में अनियिमितताओं के आरोप में निजी व्यक्तियों सहित रेलवे के दस लोक सेवकों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलएलटी), कुर्ला, मध्य रेलवे, मुंबई के पार्सल विभाग और यार्ड विभाग में तैनात मुख्य पार्सल पर्यवेक्षकों, मुख्य यार्ड मास्टर, उप स्टेशन प्रबंधक (यार्ड) और अन्य तत्कालीन लोक सेवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही सीबीआई ने निजी व्यक्तियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
सीबीआई द्वारा दर्ज पहले मामले में आरोप है कि पार्सल विभाग के अधिकारी निजी लोडरों और पट्टाधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए रोजाना नकद या यूपीआई के माध्यम से रिश्वत ले रहे थे। वहीं, दूसरे मामले में आरोप है कि यार्ड विभाग में तैनात मध्य रेलवे के उक्त लोक सेवक निजी एजेंटों से नकद और यार्ड में तैनात पॉइंट-मैन से यूपीआई के माध्यम से रिश्वत ले रहे हैं।
छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन, मणिपुर संकट के समाधान में केंद्र की विफलता से लोगों में गुस्सा

एनईएसओ के अध्यक्ष सैमुअल जिरवा ने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर के हालात से सही तरीके से निपटने में विफल रही है और लोगों के जीवन और संपत्ति, विशेषकर छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र सरकार की अक्षमता के प्रति असंतोष व्यक्त करना है।
मणिपुर संकट का समाधान करने में केंद्र की कथित विफलता के खिलाफ आठ छात्र संघों की शीर्ष संस्था नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एनईएसओ) ने गुरुवार को क्षेत्र की राज्यों की राजधानियों में विरोध प्रदर्शन किया। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (एएएसयू) ने गुवाहाटी में प्रदर्शन किया और मणिपुर में शांति बहाली के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मणिपुर में पिछले छह महीने से हिंसा जारी है। एएएसयू के नेता समुज्जल भट्टाचार्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा, यह बहुत शर्म की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर संकट पर चुप्पी साध रखी है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकट के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी राज्य मणिपुर के लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि वे अकेले नहीं हैं बल्कि पूरे क्षेत्र के लोग संकट की इस घड़ी में उनके साथ हैं।
वहीं, एनईएसओ के अध्यक्ष सैमुअल जिरवा ने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर के हालात से सही तरीके से निपटने में विफल रही है और लोगों के जीवन और संपत्ति, विशेषकर छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य पिछले छह महीनों से मणिपुर में जारी हिंसा को रोकने में केंद्र सरकार की अक्षमता के प्रति असंतोष व्यक्त करना है।
मणिपुर में गोलियों से छलनी दो के शव मिले
मणिपुर के इम्फाल ईस्ट और वेस्ट जिलों में गोलियों से छलनी दो शव बरामद किए गए हैं। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि इम्फाल वेस्ट जिले के ताइरेनपोकपी इलाके के आसपास एक महिला का और इम्फाल ईस्ट जिले के ताखोक मापल माखा इलाके में एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, मणिपुर सरकार ने राज्य भर में मोबाइल इंटरनेट सर्विस पर लगे बैन को पांच दिन बढ़ा दिया है। राज्य में 13 नवंबर तक इंटरनेट पर बैन रहेगा। यह बैन उन चार पहाड़ी जिला मुख्यालयों में लागू नहीं किया जाएगा जो जातीय हिंसा से प्रभावित नहीं हैं।
पूर्व नौसैनिकों की सजा पर भारत की अपील
भारत ने कतर की अदालत की ओर से आठ पूर्व भारतीय नौसैन्यकर्मियों को सुनाई गई मौत की सजा के खिलाफ अपील दायर की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि दोहा में भारतीय दूतावास को मंगलवार को हिरासत में लिए गए भारतीयों तक एक और कांसुलर पहुंच प्राप्त हुई है। हम उन्हें सभी कानूनी समर्थन देना जारी रखेंगे। 26 अक्टूबर को कतर की अदालत ने इन्हें मौत की सजा सुनाई थी।
पंजाब: आज सुबह मोगा में पुलिस ने एक खेत में पराली में लगी आग को बुझाया।
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व क्रिकेटर और जुबली हिल्स से कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने आज रोड शो किया और अपना नामांकन दाखिल किया।
13 करोड़ में कृत्रिम बारिश कराएगी दिल्ली सरकार, जानें सुप्रीम कोर्ट में क्या रिपोर्ट देंगे मुख्य सचिव
कृत्रिम बारिश कराने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह 10 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार का पक्ष रखें। दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश कराने का सारा खर्च उठाने को तैयार है। दिल्ली सरकार की ओर से कहा गया है कि अगर केंद्र साथ दे तो दिल्ली में 20 नवंबर तक पहली आर्टिफिशल बारिश कराने की तैयारी हो चुकी है। इस पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने बताया है कि दो चरणों में कृत्रिम बारिश होगी। पहले चरण में 300 वर्ग मीटर और दूसरे चरण में 1000 वर्ग मीटर के एरिया को कवर किया जाएगा। 20-21 नवंबर को आर्टिफिशल रेन कराई जा सकती है।
दीपोत्सव से पहले अयोध्या में राम की पैड़ी पर साउंड और लेजर शो की रिहर्सल की गई।





