रोज़गार के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से विफल है लेकिन विपक्ष भी आशाओं पर खरा नहीं उतर रहा है. ये आंदोलन ट्विटर से लेकर सड़क पर चल रहा है- अनुपम, संयोजक, युवा हल्ला बोल
देश में बीते कई दिनों से रोज़गार का मुद्दा बड़ा सवाल बना हुआ है. पिछले दिनों लगातार युवाओं ने रोज़गार की मांग की और अपना असंतोष ज़ाहिए किया. इसी क्रम में आज भी ट्विटर पर #StudentsWantJobs टॉप ट्रेंड कर रहा है
रोज़गार के मुद्दे पर लगातार आवाज़ उठाने वाले संगठन युवा हल्ला बोल के संयोजक अनुपम ने बातचीत में कहा कि ‘पिछले कई दिनों से जो मुहिम चल रहा है उससे स्पष्ट हो गया है कि इस समय रोजगार सबसे बड़ा और गंभीर मुद्दा है. इसको लेकर देशभर में सरकार से तरह- तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं कि बेरोजगारी को कैसे दूर किया जाएगा और इस पर सरकार कितनी गंभीर है. सरकार के अपने जो वादे थे उस पर कितनी गंभीर है. जो 24 लाख से ज़्यादा सरकारी पद खाली पड़े हैं इनकों भरने की क्या योजना है? और जितनी भी सरकार भर्तियां प्रक्रियारत हैं उनके समय पर भरने की क्या योजना है?’
अनुपम ने कहा कि ‘इन सब मुद्दों पर हम देशभर में युवाओं का विरोध देख रहे हैं. कभी केंद्र सरकार से तो कभी राज्यों की सरकार से युवा इसी तरह सवाल करते हैं. जब हम सरकार से सवाल पूछते हैं तो सरकार उन मुद्दों को हल करने की बजाय झूठ फैलाने लगती है. उत्तर प्रदेश सरकार ऐसा ही कुछ न कुछ कर रही है. कभी संक्षिप्त उपलब्धिया बताकर रिपोर्ट जारी की जाती है, कभी कोई फर्जी वीडियो जारी किया जाता है तो कभी कोई पोस्टर जारी करके हेडलाइन्स मैनेजमेंट और मीडिया मैनेजमेंट या एक तरह से प्रोपोगैंडा मैनेजमेंट हो रहा है. सरकार रोज़गार की जगह सिर्फ़ प्रचार दे रही है और प्रचार भी झूठा.’
रोज़गार का मुद्दा क्या विपक्ष ठीक तरीके से उठा रहा है? इस सवाल के जवाब में अनुपम ने कहा कि ‘यह तो स्पष्ट है कि देश में रोज़गार के सवाल पर सत्ताधारी दल पूरी तरह से असफल हो गई है. लेकिन विपक्षी दल भी युवाओं की आकांक्षा और असंतोष को स्वर नहीं दे पाई है. हम लोग जो मुहिम चलाते हैं उससे वो अलग होंगे तो सवाल उठेंगे इसलिए वो भी ट्वीट कर देते हैं. ये ठीक है कि वो ट्वीट कर रहे हैं लेकिन वो अपना काम ठीक से नहीं कर पाए हैं. जो काम उन्हें करना चाहिए वो युवाओं को करना पड़ रहा है.’
ट्विटर पर लगातार उठाए जा रहे रोज़गार के मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी यह नहीं कहा जा सकता. लेकिन सिर्फ़ ट्विटर पर ही नहीं बल्कि सड़क पर भी युवाओं का प्रदर्शन जारी है.
अनुपम बताते हैं कि ‘जब यह मुद्दा ट्विटर पर ट्रेंड होता है तब सबकी निगाह इस पर चली जाती है. लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि रोजगार के मुद्दे पर सड़क पर भी प्रदर्शन हो रहे हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार में शिक्षक अभियर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रदर्शन हुआ तो 103 युवाओं पर मुक़दमें दर्ज कर दिए, लखनऊ में यूपीएससी के अभियर्थी प्रदर्शन कर रहे थे तो उन्हें जबरन हटा दिया गया. युवा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार उन्हें दबाने की कोशिश कर रही है.’
इससे पहले भी ट्विटर पर मोदी रोज़गार दो जैसे कैंपेन युवा चला चुके हैं. जिस पर लाखों ट्वीट किए गए.





