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ताजा समाचार -2026 तक प्राण प्रतिष्ठा और लोकार्पण का शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा था,अरविंद केजरीवाल को चौथी बार समन

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कांग्रेस रविवार से राहुल गांधी के नेतृत्व में मणिपुर से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू करेगी जिसके जरिये उसका प्रयास होगा कि लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को विमर्श के केंद्रबिंदु में लाए जाए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चौथी बार समन जारी किया है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में धरना देने के खिलाफ कड़े कदम लागू किए जाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने छात्रों को सलाह दी है कि उन्हें राजनीति के लिए पढ़ाई से समझौता नहीं करना चाहिए। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को मांग की कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा कराई जाए क्योंकि यह राष्ट्र के गौरव और देश के स्वाभिमान का मामला है। पूर्व मॉडल दिव्या पाहुजा का शव हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक नहर से बरामद हुआ है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

राम मंदिर के चंदे के मुद्दे पर दिग्विजय फिर आक्रामक

अयोध्या में 22 जनवरी को श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होना है। इसकी देशभर में तैयारी चल रही है। अब इसको लेकर सियासी पारा भी चढ़ते जा रहा है। कांग्रेस ने राममंदिर आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। इस बीच दिग्विजय सिंह ने कई सवाल खड़े किए है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर सवाल खड़े करते हुए लिखा कि निर्मोही अखाड़ा राम मंदिर की लड़ाई शुरू से लड़ते आये हैं। वे ही पूजा करते आये हैं फिर उन्हें हटा कर वीएचपी ने राम मंदिर पर कब्जा क्यों कर लिया? 80-90 के दशक में वीएचपी ने जो 1400 करोड़ रुपए मंदिर निर्माण में चंदा उगाया था। वह कहां गया? दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा कि नरेंद्र मोदी जी वही वीएचपी के कर्ता-धर्ता चंपत राय ने न्यास द्वारा उगाये चंदा से  जमीन खरीदी घोटाले करोड़ों का घपला किया क्या? आपने क्या उनसे पूछा? आईटी अधिकारी ने नोटिस दिया था उसे बर्खास्त कर दिया गया था।

दिग्गी- लोग पूछ रहे पूर्व और वर्तमान राष्ट्रपति को निमंत्रण दिया
पूर्व सीएम ने सोशल मीडिया पर भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर लिखा कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा आयोग में वर्तमान राष्ट्रपति द्रोपर्दी मुर्मू, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और बहन मायावती को निमंत्रित किया गया है? 

आज मणिपुर से शुरू होगी कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा, राहुल-खरगे समेत शीर्ष नेता रहेंगे मौजूद

मणिपुर के थौबल जिले से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा 15 राज्यों में 100 लोकसभा सीटों से गुजरेगी। मणिपुर सरकार ने कांग्रेस को सीमित संख्या में लोगों के साथ यहां पैलेस मैदान से यात्रा को हरी झंडी दे दी है।

टेक्नोफ्रेंडली संत…सामने लैपटॉप, जिक्र में इकबाल-अज्ञेय और हैरी पॉटर की कहानियां

Ayodhya Ram Mandir : Techno-friendly saint...laptop in front

8000 मठ-मंदिर-देवालयों वाली अयोध्या में पहली बार किसी मंदिर के पुजारियों को मंत्र की बकायदा ट्रेनिंग दी जा रही है। क्या, कब, कैसे करना है, इसका अभ्यास करवाया जा रहा है। और रामलला के इन्हीं नए पुजारियों के ट्रेनर हैं, आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण। 

जाकी सहज स्वास श्रुति चारी। सो हरि पढ़ यह कौतुक भारी।
बिद्या बिनय निपुन गुन सीला। खेलहिंखेल सकल नृपलीला।

मतलब, चारों वेद जिनकी श्वास हैं, वे भगवान पढ़ें, यह बड़ा अचरज है। चारों भाई विद्या, विनय, गुण और शील में निपुण हैं और सब राजाओं की लीलाओं के ही खेल खेलते हैं।

8000 मठ-मंदिर-देवालयों वाली अयोध्या में पहली बार किसी मंदिर के पुजारियों को मंत्र की बकायदा ट्रेनिंग दी जा रही है। क्या, कब, कैसे करना है, इसका अभ्यास करवाया जा रहा है। और रामलला के इन्हीं नए पुजारियों के ट्रेनर हैं, आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण। वो अयोध्या के टेक्नोफ्रेंडली संत हैं। सामने लैपटॉप है, हाथ में कदम और धड़कनें गिनकर बतानेवाली एपल वॉच बंधी है। उम्र बमुश्किल 50 के नीचे ही होगी। अध्यात्म और अंधविश्वास के बीच वो लॉजिकल धर्म की पैरवी करते हैं। उनकी बातों में राम के वजूद पर हिंदोस्तान को नाज कहनेवाले इकबाल का जिक्र भी है और अज्ञेय के शब्द भी। 

वो कहते हैं व्यवस्थित, मानकों के मुताबिक पूजा करना हो तो पुजारियों को यंत्र-तंत्र-मंत्र सिखाना जरूरी है। उन्हें पता होना चाहिए भगवान को जगाया-सुलाया-खिलाया कैसे जाता है। किस वक्त कौन सा मंत्र सुनाया जाता है। किसे कौन सा तिलक लगाया जाता है। भगवती को कौन सा फूल चढ़ता है और राम को कौन सा। आरती 14 बार ही क्यों घुमाई जाती है और गरुण घंटी क्यों बजाई जाती है। यही सब सिखाने उन्होंने तीन संतों-आचार्यों के साथ 6 महीने चिंतन-मनन कर रामलला के भोग-राग-नियम की एक पद्धति तैयार की है। 

लक्ष्मण घाट का हनुमत निवास अयोध्या का ऐसा मठ है, जहां किसी को भी अपाइंटमेंट लेकर नहीं आना पड़ता। यहां संतन की सोहबत सुबह से शुरू होती है तो न लंच ब्रेक होता है न दुपहरी में विश्राम का वक्त। वेद-उपनिषदों पर बात में रस आने लगा तो मंत्र-धर्म और कहानियों वाली ये महफिल रात दो बजे तक अखंड ज्योत की तरह जलती रहती है। आचार्य मिथिलेशनन्दिनी के यहां आने वालों में उनके अनुयायियों की लंबी लाइन है। इनमें इंजीनियर से लेकर सीए तक हैं। ये लोग कहते हैं आचार्यजी लीडरशिप सिखानेवाले संत हैं।

आचार्य मिथिलेशनन्दिनी आएं-बाएं-साएं लिखने और बोलने वालों के लिए सोशल मीडिया को स्मोकिंग जोन कहते हैं। फिर उनकी बातों में अयोध्या के ट्रेंडिंग सब्जेक्ट्स का जिक्र भी कई बार आ जाता है। मिथिलेशनन्दिनी कहते हैं उन्हें हैरी पॉटर देखना बहुत पसंद है और वो उसके सारे एपिसोड देख चुके हैं। वो हैरी पॉटर के जरिये धर्म समझाने की कोशिश करते हैं। शायद इसी लिए वे यूथ फोकस्ड धर्म के एंबेसडर हैं। 

पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके 21 युवाओं को वो रामलला के पुजारी बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। कहते हैं बुजुर्ग भक्ति कर सकता है लेकिन रामलला के गर्भगृह का परिश्रम मुश्किल है। पूजा के लिए दिन में चार बार ठंड में नहाना होता है। गर्भगृह में पोंछा लगाना, भोग की व्यवस्था करना होती है। वरिष्ठ में ज्ञान ज्यादा होगा लेकिन वो डाटाबेस के लिए है, जिनसे पूछा जा सके कि 50 साल पहले क्या हुआ था। 

अब पुजारियों को ट्रेनिंग की क्या जरूरी हो गई भला? आचार्य मिथिलेशनन्दिनी कहते हैं पूजा में गलती न हो, वक्त न लें, इसके लिए उन्हें हूबहू राम मंदिर जैसे विग्रह के साथ रियल टाइम ट्रेनिंग दी जा रही है। नए मंदिर में नए विग्रह के साथ पहली बार रामलला की 6 बार आरती होंगी। मंगला, शृंगार, राजभोग, उत्थान, संध्या और शयन। पहली ही बार होगा जब रामलला को गायक पद गाकर सुनाएंगे। इसके लिए बाकायदा मंदिर में गायक नियुक्त किए जाएंगे। नए मंदिर में नए विग्रह के साथ ही पहली बार राजोपचार से रामलला की पूजा होगी। मतलब पूजा उस वस्तु, मंत्र, समय, स्थान और वैभव के मुताबिक होगी, जो रामलला को पिछले इतने सालों में कभी नहीं मिली। 

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सीएम मोहन यादव

सीएम मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक, नशे में धुत होकर तैनात था पीटीएस जवान, किया गया निलंबित

सीएम डॉक्टर मोहन यादव के शहडोल पहुंचने से पहले उनकी सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। एक पीटीएस जवान शराब पीकर नशे की हालत में सुरक्षा जवानों के बीच तैनात था। वह दोपहर 12 बजे के आसपास उस प्वाइंट के पास खड़ा था, जहां से सीएम मोहन यादव को पॉलिटेक्निक मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रवेश करना था।

लड़कियों के बीच घुस गया था
बताया जा रहा है कि जिस गेट से सीएम यादव को प्रवेश करना था, उसी गेट से सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाली लड़कियां प्रवेश कर रही थीं। उसी दौरान वह नशे की हालत में उनके बीच घुस गया और बात करने लगा।

मीडिया ने पूछा तो भागने लगा
जब मीडियाकर्मियों ने पूछा की उक्त अज्ञात पुलिसकर्मी नशे की हालत में कैसे लड़कियों से बात कर रहा है, तभी वह भागने लगा। बड़ी बात ये थी कि अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में वह निकलकर भागने लगा, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी ने उसे नहीं पकड़ा।

प्रभारी बोले हमारे टीम में नहीं
इधर, गेट के प्रभारी टीआई रघुवंशी ने बताया कि वह कौन था, उसकी हमें जानकारी नहीं है। मेरी टीम में 9 लोग हैं, उनमें वो शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कौन था उसका पता लगवाते हैं।

किया गया निलंबित
बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति पुलिस प्रशिक्षण शाला पीटीएस उमरिया में पदस्थ आरक्षक सुभाष परस्ते है। जिसके मानसिक रूप से कुछ कमजोर होने की बात प्रारंभिक तौर पर पता चली है। फिलहाल इस बात की पुष्टि शहडोल पुलिस अभी नहीं करती है। मामले से संबंधित विस्तृत जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं। फिलहाल उसे निलंबित कर दिया गया है।

3 ट्रकों से अयोध्या जाएगा भगवान महाकाल का लड्डू

3 ट्रकों से अयोध्या जाएगा भगवान महाकाल का लड्डू, 5 लाख पैकेट होंगे तैयार, 100 कारीगर काम में जुटे

अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारी जोरों पर है। अब उज्जैन से अयोध्या करीब 3 ट्रकों से भगवान महाकाल के लड्डू पहुंचाए जाएंगे। जिसकी तैयारी जोरों शोर से चल रही है। बताया जा रहा है कि इन लड्डूओं को बनाने के लिए करीब 100 कारीगर काम में जुटे हुए हैं।

अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी 2024 को भव्य समारोह के रूप में आयोजित होने जा रहा है। इस समारोह में बाबा महाकाल के लड्डू प्रसाद अयोध्या भेजे जा रहे हैं। बता दें कि जिसकी तैयारी जोरों शोर से चल रही है। प्रसाद को लेकर लड्डू बनाने वाले कारीगर भी बढ़ा दिए गए हैं, 16 जनवरी से यह लड्डू ट्रक में रखकर अयोध्या भेजे जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में महाकाल मंदिर से 5 लाख लड्डू प्रसाद भेजने का निर्णय लिया गया है। किसी क्रम में महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा लड्डू प्रसाद तैयार कराया जा रहा है। महाकाल मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया 5 लाख लड्डूओं के लिए 5 लाख पैकेट बनाए जा रहे हैं और पहले 80 कारीगर लड्डू बना रहे थे, लेकिन समय को देखते हुए 20 कारीगर और बढ़ा दिए गए हैं।

अयोध्या भेजने का काम शुरू हो जाएगा
इस प्रकार अब 100 कारीगर प्रतिदिन लड्डू बनाने में लगे हुए हैं। 16 जनवरी 2024 तक लड्डू तैयार कर लिए जाएंगे और इसके बाद ट्रक में रखकर अयोध्या भेजने का काम शुरू हो जाएगा। संभावना है कि 2 से 3 ट्रकों में रखकर यह लड्डू भेजे जाएंगे।

रामराज्य स्थापना यात्रा पहुंची मंदसौर

रामराज्य स्थापना यात्रा पहुंची मंदसौर, अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैलाश विजयवर्गीय हुए शामिल

महामंडलेश्वर स्वामी मधुसुदनानंदजी महाराज की अगवाई में राम राज्य स्थापना यात्रा आज मंदसौर पहुंची। इस यात्रा में अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविन्द्र पूरी, कैलाश आश्रम काशी के पीठाधीश्वर अशुतोषानंद जी महाराज सहित करीब 200 संतों की टोली के साथ नगरिया प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। शहर वासियों ने यात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।

राम राज्य स्थापना यात्रा स्वामी मधुसुदानंद जी द्वारा रतलाम जिले के गांव सेमलिया के मांअन्नपूर्णा धाम से अयोध्या नगरी तक निकाली जा रही है। जो लगभग एक सप्ताह में अयोध्या पहुंच जाएगी। मधुसुदानंद महाराज ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामजी की मूर्ति की स्थापना नहीं हो रही, बल्कि संपूर्ण विश्व में रामराज्य की स्थापना हो रही है। मंदसौर नगर में रामराज्य यात्रा ने दोपहर 1:00 बजे महाराणा प्रताप बस स्टैंड से नगर में प्रवेश किया। यात्रा बीपीएल चौराहा गांधी चौराहा बस स्टैंड घंटाघर सदर बाजार होते हुए पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची, यहां धर्मसभा का आयोजन किया गया।

राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ने वालों की राम मंदिर के प्रति क्या आस्था होगी: विजयवर्गीय
श्रीराम राज्य स्थापना जन जागरण यात्रा में शामिल होने आए प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पूरा देश राममय है। हर घर में राम आएंगे गूंज रहा है। कुल मिलाकर 550 वर्षों बाद भगवान राम अपने महल में प्रवेश करेंगे और इसका उत्साह सबको है। उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा की कांग्रेस पहले भी भगवान राम के अस्तित्व को नकार चुकी है।

उन्होंने कोर्ट में एफिडेबिट दिया है कि भगवान राम कभी हुए ही नहीं, रामचरित मानस एक उपन्यास है। जब इस प्रकार की जिस दल की मानसिकता हो जिस दल के नेता की मानसिकता हो उसकी राम मंदिर के प्रति क्या आस्था होगी। इसका जवाब आने वाले समय में जनता उनको देगी। राहुल गांधी की न्याय यात्रा पर विजयवर्गीय ने कहा की राहुल गांधी को उनके घर में ही न्याय यात्रा निकालनी चाहिए, क्योंकि उनके घर में ही उनको न्याय नहीं मिला।

धर्माचार्यों के बीच में किसी प्रकार की कटुता नहीं होनी चाहिए: रविंद्रपुरी जी महाराज
वहीं, श्री राम राज्य स्थापना यात्रा में शामिल अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्रपुरी जी महाराज ने कहा कि चारों शंकराचार्य ने प्रतिष्ठा महोत्सव में आने से मना किया यह निजी कारण है, उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का विरोध नहीं किया है। जहां तक भद्रिका आश्रम पीठ के शंकराचार्य का मामला है, वह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट में इसलिए वहां के लिए वास्तविकता में कहा नहीं जा सकता की वहां शंकराचार्य जी कौन है। उनका जो बयान है मेरी दृष्टि से उनको इससे बचना चाहिए था। ये एक ऐसा पर्व है जो 500 वर्षों के बाद आया है। इस समय धर्माचार्यों के बीच में किसी प्रकार की कटुता नहीं होनी चाहिए। उनके शब्दों का जनता पर प्रभाव पड़े ऐसी भाषा को बोलने से बचाना चाहिए।

रामराज्य में वे लोग मंथरा की भूमिका में है जो विरोध कर रहे है: महामंडलेश्वर असुतोषानंद महाराज 
श्री राम राज्य स्थापना यात्रा में शामिल कैलाश आश्रम वाराणसी के महामंडलेश्वर असुतोषानंद महाराज ने ज्ञानवापी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के मामले में रोक पर कहा की यह बहोत अच्छा निर्णय है, क्योंकि सभी सनातनियों का ध्यान इस समय राम मंदिर पर है। एक फंक्शन पहले पूरा हो जाए फिर दूसरी तरफ ध्यान जाना चाहिए। कोई विघ्न ना आ जाए, इसलिए सार्वजनिक फैसले को रोका जाना अच्छा निर्णय है। कांग्रेस द्वारा अयोध्या के निमंत्रण को ठुकराने पर उन्होंने कहा कि वो लोग मानते ही नहीं की वो हिंदू है। वो सनातनी है जो लोग सनातन के दुश्मन है। ये लोग सनातन को डेंगू मलेरिया कहते है, वो सनातन की प्रतिष्ठा केसे सह सकते है। मैं कहता हूं कि रामराज्य में ये लोग मंथरा है।

एक्सपो का उद्घाटन

इंदौर में दाऊदी बोहरा बिजनेस एक्सपो 2024 की शुरुआत

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दाऊदी बोहरा बिजनेस एक्सपो 2024 के तीसरे एडिशन की शुरुआत हुई। बोहरा समाज के बिजनेस डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ‘तिजारत राबेह’ द्वारा आयोजित इस एक्सपो में फूड जोन, होम प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स एवं क्लोथिंग जैसे कई सारे व्यापारों के बारे में जानकारी देने के लिए 170 से ज्यादा स्टाल लगाए गए हैं। 14 जनवरी तक चलने वाले इस तीन दिवसीय एक्सपो में दाऊदी बोहरा समाज के व्यवयासी और उद्योग जगत से जुड़े लोग हिस्सा ले रहे हैं। लाभगंगा एग्जीबिशन परिसर में आयोजित इस भव्य एक्सपो का उद्घाटन बोहरा समाज के धर्मगुरू सैयदना साहब के शहजादे हुसैन बुरहानुद्दीन, मध्यप्रदेश सरकार नगरीय विकास, आवास और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा किया गया। इस खास मौके पर सैयदना साहब भी ऑनलाइन एक्सपो से जुड़े, उन्होंने पूरे समाज की सफलता के लिए दुआ की ओर एक्सपो के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर बोहरा समाज के वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।

अपने संबोधन में, शहज़ादा हुसैन बुरहानुद्दीन ने व्यापार और व्यवसाय में नैतिक प्रथाओं का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने एक्सपो के आयोजकों की सराहना की और नए और पहले से स्थापित व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए ऐसी प्रदर्शनियों के आयोजन के महत्व को बताया। एक्सपो में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, बोहरा समाज का इस देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। विकास के साथ बदलाव के पैमानों पर बोहरा समुदाय ने हमेशा स्वयं को साबित किया है, इनके अनुशासन और व्यापार कौशल ने हमेशा ही अचंभित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि भारत की जीडीपी में बोहरा समाज का अतुलनीय योगदान है। आपके व्यापार एवं व्यवसाय भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया नें इस समुदाय ने भारत का नाम रोशन किया है। इस एक्सपो की भव्यता यह बता रही है कि यह इंदौर मध्यप्रदेश और भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

एक्सपो में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, बोहरा समाज के प्रेम समर्पण और व्यापार के कारण पूरे देश में जो स्थान मिला है उसके लिए आप सभी का आभार। ऐसा कोई सेक्टर नहीं है जहां इन्होंने अपना विस्तार नहीं किया, इस समुदाय ने समर्पित भाव से व्यवसाय में योगदान दिया है। गुणवत्तापूर्ण और ईमानदारी से व्यापार करने में बोहरा समाज का नाम हमेशा अव्वल आता रहा है। मुझे आशा है कि इस एक्सपो से इंदौर नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

इंदौर दाऊदी बोहरा समुदाय के सदस्य खोजेमा पेटीवाला ने कहा, पूरी दुनिया में दाऊदी बोहरा समुदाय के अग्रणी श्रद्धेय सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन हमें ट्रेंडसेटर बनना और साहस और दृढ़ विश्वास के साथ व्यावसायिक अवसरों को खोजना सिखाते हैं। यह एक्सपो उनकी शिक्षाओं से प्रेरित है जो उद्यमियों को इनोवेशन पर काम करने देने और हमारे बोहरा समुदाय और पूरे समाज के भीतर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक बेहतरीन मंच है। एक्सपो के कोऑर्डिनेटर अहमदअली पाइपवाला ने बताया, हमें पूरा विश्वास है कि यह तीन दिवसीय आयोजन भारत भर से आए लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, चाहे वह पहले से स्थापित व्यवसाय हों या नए उद्यमी, यह उन्हें अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रस्तुत करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

भारत और विदेश के लगभग 170 स्टार्टअप्स एवं व्यवसाय छह तरह के डोम्स में उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो बोहरा व्यवसायों की शक्ति और विविधता को दिखाते हैं। एक्सपो के पहले दिन हजारों लोगों ने इसमें शिरकत की। इंडस्ट्री डोम में क्राफ्टमैनशिप और इनोवेशन से लेकर सोसाइटी डोम में बदलाव लाने के लिए समर्पित व्यवसायों तक और आईटी डोम में अत्याधुनिक आईटी सॉल्यूशन तक, मेहमानों को बहुत ही खास अनुभव मिलेंगे। इसके अलावा, डाइवर्सिटी एंड कम्युनिटी डोम्स के माध्यम से दाउदी बोहरा समुदाय की समृद्ध संस्कृति और विरासत दिखाई जा रही है, जिसमें समुदाय की कलात्मक प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया जाता है। पूरे मध्य भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में जाना जाने वाला, इंदौर उन्नतिशील उद्योगों और व्यापारों को बढ़ावा देता है, जिससे शहर में नए व्यावसायिक अवसरों के विकास को गति मिलती है। एक साथ बढ़ती आबादी और इंफ्रास्ट्रक्चर बुनियादी ढांचे के विकास ने इंदौर में नए व्यवसायों के लिए आर्थिक स्थितियों और संभावनाओं को काफी बढ़ा दिया है। छोटे से लेकर बड़े उद्यमों तक, दाउदी बोहरा व्यवसाय शहर में मौजूद अवसरों को भुनाने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं, जिससे इंदौर एक वाइब्रेंट और डायनामिक बिजनेस हब बन गया है।

सांकेतिक तस्वीर

रामेश्वरम बस हादसे में MP की दो महिलाओं की मौत

मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं से भरी बस शुक्रवार को तमिलनाडु के रामेश्वरम जाते समय पलट गई। बस में मध्यप्रदेश के 21 यात्री सवार थे। हादसे में मध्यप्रदेश के उज्जैन और धार जिले की एक-एक महिला की मौत हो गई है। 19 यात्री घायल हैं। इनमें चार की हालत गंभीर है। सभी घायलों को मदुरै के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत यात्रियों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से चार लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति तथा परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है। घायलों का रामेश्वरम और मदुरै के अस्पताल में इलाज चल रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस दुर्घटना का समाचार मिलते ही उज्जैन कलेक्टर और पुलिस प्रशासन से दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन कलेक्टर और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर और सीएसपी को उज्जैन से मदुरै भेजा गया है। बस में मध्यप्रदेश के 21 यात्री सवार थे। दुर्घटना में उज्जैन और धार जिले की एक-एक महिला की मौत हुई है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। सीएम के निर्देश पर उज्जैन के डिप्टी कलेक्टर और सीएसपी को मदुरै भेजा गया है।

उज्जैन पहुंची श्री राम चरण पादुका यात्रा

उज्जैन पहुंची श्री राम चरण पादुका यात्रा, गर्भगृह में हुआ चरण पादुका का पूजन अर्चन

प्रसिद्ध कारसेवक और चित्रकार सत्यनारायण मौर्य की श्री राम चरण पादुका यात्रा भारत माता मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंची, वैसे ही भक्तजन ढोल पर नाचने गाने लगे। इसके बाद रथ में ले जाई जा रही चरण पादुका को गर्भगृह में ले जाया गया, जहां से बाबा महाकाल का दर्शन करने के बाद इस चरण पादुका को फिर से रथ में रखकर चित्रकूट के लिए रवाना किया गया।

प्रसिद्ध चित्रकार सत्यनारायण मौर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह भारत माता मंदिर में श्रीराम चरण पादुका यात्रा रथ के रूप में पहुंची, जहां रथ से भगवान श्रीराम की चरण पादुका निकालकर इस विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर भगवान के गर्भगृह में रखकर पूजन अर्चन किया गया।

सत्यनारायण मौर्य को मिला है प्राण-प्रतिष्ठा का न्योता 
बता दें कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कई ऐसे नारे आए, जिन्होंने हिंदुओं में उत्साह का संचार किया। ऐसा ही एक नारा है ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’। इस नारे के प्रणेता बाबा सत्यनारायण मौर्य हैं। इस कारसेवक को भी 22 जनवरी 2024 को अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता मिला है। 

पीआरटी नर्सिंग कॉलेज पहुंची सीबीआई टीम।

कटनी में बदमाश बल्लन के ठिकाने पर पहुंची ईडी, फाइनेंशियल गड़बड़ी की जांच में जुटी

मध्यप्रदेश के कटनी जिले में शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) भोपाल की टीम ने छापामार कार्रवाई शुरू की। स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत ग्राम बंधी में दबिश देते हुए शातिर बदमाश बल्लन तिवारी के घर पर पैसे से जुड़े मामले की जांच की गई।

जानकारी के मुताबिक भोपाल से ईडी की टीम बल्लन तिवारी के बंधी स्थित बंगले पर पहुंची। वहां गेट में ताला लटका देख टीम ने उसे तोड़ते हुए कटनी और जबलपुर पुलिस के मदद से आलीशान घर की जांच शुरू की है। 

बता दें बल्लन तिवारी जिले के साथ-साथ प्रदेश की सुर्खियों में उस वक्त आया जब कटनी करोड़ों रुपये की फर्जी डीडी लगाकर शराब का काम कर डाला था। यही नहीं बल्लन के ऊपर नकली गुटखा, शराब सहित बड़े स्तर का सट्टा-जुआ चलवाने का भी आरोप लग चुका है। 

हालांकि भोपाल से पहुंची ईडी की टीम किस शिकायत पर जांच कर रही है, इस बात का अब तक खुसला नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पूरे मामले में लेनदेन की शिकायत भोपाल स्थित प्रवर्तन निदेशालय को दी गई थी। जानकारी जुटाने के बाद आज सुबह टीम तीन गाड़ियों में सवार होकर कटनी पहुंची। 

विगत 25 अक्टूबर 2023 को बल्लन तिवारी के घर में संचालित जुआ फड़ में पुलिस ने दबिश देकर एक लाख से ज्यादा कैश और वन्य प्राणी का मांस जब्त किया था, जिसके बल्लन तिवारी को मुख्यारोपी बनाया गया था, जो फरार चल रहा है। वहीं, आज फिर केंद्रीय जांच एजेंसी का बल्लन तिवारी के घर दबिश देना काफी सवाल खड़े करता है। फिलहाल देखना ये है पूरे मामले की जांच ईडी कब तक खत्म करते हुए खुलासा करती है।

महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं से खुश हुए श्रद्धालु

महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं से खुश हुए श्रद्धालु, दान में दिए तीन लाख रुपये

विश्व प्रसिद्ध शिव महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु यहां की व्यवस्थाओं की न सिर्फ मुक्त कंठ प्रशंसा कर रहे हैं, बल्कि यह व्यवस्थाएं और भी बेहतर बनी रहे, इसीलिए दान भी कर रहे है।

अनेक प्रकल्पों में दान राशि भेंट करते हैं श्रद्धालु
श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सरोज बाला निवासी दिल्ली परिवार सहित बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए थे। जहां श्री महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्थाएं उन्हें इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने बाबा महाकाल के श्री चरणों में 2 लाख 50 हजार का चेक एवं 51 हजार रुपये नगद डॉ. वासवदत्ता देवा जैन निवासी दिल्ली के सम्मान में अर्पण किया है। याद रहे कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालु बाबा महाकाल को सोने चांदी के आभूषणों के साथ ही यहां चलाई जाने वाले अनेक प्रकल्पों में दान राशि भेंट करते हैं।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर

NHM के तहत नियुक्त संविदा कर्मचारियों को राहत, HC ने दिए वेतन में कटौती न करने के निर्देश

नेशनल हेल्थ मिशन के तहत नियुक्ति किए गए संविदा कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं करते के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि एनएचएम की योजनाओं का संचालन रोगी कल्याण समिति को सौंप दिया गया है, परंतु निर्धारित मापदंड के अनुरूप संविदा नियुक्ति प्रदान की गई है।

सिवनी और दमोह में एनएचएम योजना के तहत संविदा में नियुक्ति किए गए 30 कर्मचारियों की तरफ चार याचिकाएं दायर की गई थी। दायर याचिकाओं में कहा गया था कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत उन्हें संविदा नियुक्ति प्रदान की गई थी। नेशनल हेल्थ मिशन ने अपनी योजनाएं का संचालन रोगी कल्याण समिति को स्थानांतरित कर दिया था। रोगी कल्याण समिति द्वारा ठेके पर आउटसोर्स कर्मचारियों से सेवाएं ले रहा है।

याचिका में कहा गया था कि आउटसोर्स कर्मचारियों के रूप में उन्हें कम वेतन प्रदान किया जा रहा है। निर्धारित योग्यता के अनुसार, उन्हें एनएचएम में संविदा नियुक्ति प्रदान की गई थी। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता नियमितीकरण की मांग नहीं करते हुए सिर्फ एनएचएम के तहत मिलने वाले वेतनमान की मांग कर रहे हैं। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को पूर्व अनुमान वेतन प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं।

बाबा महाकाल दूल्हा स्वरूप में

दूल्हा स्वरूप में सजे महाकाल, सिर पर पगड़ी-गले में रुद्राक्ष की माला

उज्जैन में शनिवार सुबह बाबा महाकाल ने एक निराले स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। सिर पर पगड़ी, गले में रुद्राक्ष की माला और मस्तक पर ॐ के साथ ही बाबा महाकाल को इस दौरान पुष्पहार से भी श्रृंगारित किया गया था।

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही मंदिर में सर्वप्रथम पुजारी और पुरोहितों के द्वारा भगवान श्री गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद कपूर आरती की गई। उसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से किया गया और भगवान के सिर पर पगड़ी गले में रुद्राक्ष की माला और मस्तक पर ॐ से अर्पित कर श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूरा होने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढककर महानिवार्णी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।

भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद खोले जाते हैं गर्भगृह के पट
बाबा महाकाल भक्तों के लिए सुबह जल्दी जागते हैं और स्नान पूजन और भस्म श्रृंगार के बाद भक्तों को दर्शन देते हैं। ये तो आप जानते हैं, लेकिन हम आपको बताते हैं कि महाकाल मंदिर के पट खुलने के बाद दरबार में क्या होता है। कैसे वीरभद्र से आज्ञा ली जाती है और कैसे मंदिर के पट खोले जाते हैं। भस्म आरती के पहले मंदिर में आखिर क्या विशेष पूजन अर्चन होता है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर मे भस्मारती के पहले भगवान वीरभद्र से आज्ञा लेने के बाद चांदी द्वार का पूजन किया जाता है और घंटी बजाकर पट खोलने की अनुमति ली जाती है। इस पूजन के बाद गर्भगृह में भी पहले चांदी द्वार और भगवान श्रीगणेश का पूजन किया जाता है, जिसके बाद गर्भगृह के पट खोले जाते हैं।

कुत्तों के हमले में बच्चे की मौत हो गई। कुत्ते उसका हाथ खा गए।

पुलिस ने 7 माह के बच्चे का दफन शव निकलवाया, पोस्टमार्टम के लिए भेजा

भोपाल के मिनाल रेसीडेंसी में कुत्तों के हमले से मृत सात माह के बच्चे का शव पुलिस ने श्मशान से निकवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दरअसल परिजनों ने बच्चे की मौत की बात उसे दफना दिया था। पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पीएम रिपोर्ट के आने के बाद ही कहा जा सकता है कि मौत का क्या कारण है। उन्होंने कहा कि अभी परिजन बयान देने की स्थिति में नहीं है। उनके थोड़ा संभलने के बाद बयान लिए जाएंगे। 

कुत्तों को पकड़ने वृहद अभियान चलेगा 
वहीं, भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि मासूम को कुत्तों के द्वारा काटने का मामला संवेदनशील और दुखद है। इस पर प्रशासन और पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ने के लिए वृहद अभियान चलाने के निर्देश नगर निगम को दिए है। वहीं, मृतक बच्चे के परिजनों को जिला प्रशासन की तरफ से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि पहुंचाई गई है। इसके अलावा 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि जल्द पहुंचाई जाएगी। आवारा कुत्तों को पकड़ने के काम में बाधा डालने वाले पर एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं। 

तीन एनिबल बर्थ कंट्रोल सेंटर, पर लगातार बढ़ रही कुत्तों की संख्या
वहीं, भोपाल में तीन एनिबल बर्थ कंट्रोल सेंटर है। कुत्तों की नसबंदी करने के लिए सालाना डेढ़ करोड़ रुपए का बजट है। इसके बावजूद कुत्तों की नसंबदी को लेकर कोई काम होता नहीं दिख रहा है। अब नगर निगम ने फिर अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को आठ आवारा कुत्तों को पकड़ा था। इस मामले को लेकर नगर निगम के कमिश्नर फ्रैंक नोबल ने कहा कि उस एरिया को चेक करा रहा है। एक अभियान चला रहे हैं। 2200 और 2500 स्ट्रलाइजेशन प्रतिमाह होते है। हमारे तीन एबीसी के सेंटर चल रहे हैं। जो इसी वर्ष शुरू हुए हैं। उन्होंने कहा की गाइडलाइन के अनुसार ही हम काम कर रहे हैं। शहर में जिस जगह से आवारा डॉग्स को पिकअप किया जाता है। उसका इलाज करने के बाद उसे वहीं छोड़ दिया जाता है।

बच्चे को पार्क में छोड़ चली गई थी मां 
मूलत: गुना जिले का एक मजदूर महेन्द्र बाल्मीकि अपने परिवार के साथ छावनी पठार बिलखिरिया में रहता है। इन दिनों महेन्द्र व उसकी पत्नी मिनाल रेसीडेंसी इलाके के गेट नंबर चार के पास साफ-सफाई का काम करते है। गुरुवार को दोनों यहां पर काम करने के लिए पहुंचे थे। सुबह करीब दस बजे उसने बच्चे को दूध पिलाने के बाद पार्क में जमीन पर लिटा दिया। कुछ देर बाद वापस आकर देखा तो बच्चा गायब था। बच्चे को न देख चौंकी तथा तुरंत ही अपने पति को बुला लिया। इसके बाद आसपास के लोगों ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। थोड़ी ही दूरी पर बच्चा तो मिल गया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। उसके शरीर पर जख्म के निशान थे। कुत्ते उसका एक हाथ पूरी तरह से खा गए थे। मासूम को कुत्तों ने जब काट-काटकर मार डाला तब नगर निगम की टीम को सूचना दी गई। जब शुक्रवार को नगर निगम की टीम कुत्ते पकडऩे पहुंची तब यहां लोगों ने जमकर हंगामा किया।

लापरवाही के आरोप
इस पूरे मामले में पुलिस पर गंभीरता न बरतकर लीपापोती के आरोप भी लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि लोगों ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस को परिजनों ने शपथ पत्र देकर पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कुछ भी नहीं किया। शुक्रवार को जब सोशल मीडिया पर यह मामला वायरल हुआ तब शुक्रवार शाम सवा सात बजे पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

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शहीद कैप्टन के स्मारक को छत तक न द सके, चार पिलर बनाकर ही छोड़ा…जयपुर से आ चकी है मूर्ति, पढ़ें मामला

second death anniversary of Captain Abhishek Mishra,  Could not even roof the memorial of the martyr Captain

दो साल पहले देश के लिए अपनी जान देने वाले कैप्टन अभिषेक मिश्रा के स्मारक को एक छत तक न दे सके। मार्च 2023 में चकेरी के आदर्शनगर चंद्रा विहार स्थित उनके घर के पास चौक में स्मारक का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन नगर निगम ने चार पिलर बनाकर ही छोड़ दिया। जयपुर से उनकी मूर्ति भी बनकर आ चुकी है।कैप्टन अभिषेक मिश्रा लेह में 14 जनवरी 2021 को एक साइट के निरीक्षण करते समय हादसे में शहीद हुए थे। मार्च 2023 में चकेरी के आदर्शनगर चंद्रा विहार में स्मारक बनना शुरू हुआ था, लेकिन चार पिलर बनाकर ही छोड दिया गया। 

लेकिन खुले पड़े स्मारक के नीचे स्थापना कैसे हो। इतना ही नहीं, करीब 66 लाख रुपये से उनके मोहल्ले की बनीं चार सड़कें भी खराब होने लगी हैं। चकेरी के देहली सुजानपुर आदर्शनगर के चंद्राविहार निवासी कैप्टन अभिषेक मिश्रा (29) लेह में 119 एसॉल्ट इंजीनियर रेजीमेंट की 51 आरसीसी यूनिट में तैनात थे।

14 जनवरी 2021 की सुबह पत्नी कैप्टन श्रीलेखा भरत और ड्राइवर के साथ लेह में एक साइट पर जा रहे थे। बर्फबारी के दौरान उनकी कार खाई में गिर गई थी। इस हादसे में अभिषेक की मौत हो गई थी। तब सांसद सत्यदेव पचौरी ने कैप्टन अभिषेक मिश्रा की स्मृति में 66.43 लाख की लागत से चार सड़कें बनवाने के लिए अपनी निधि से धन दिया था।

इन क्षेत्रों में बनी थीं सड़कें
26.11 लाख से नूरी मस्जिद चौराहे से बीडी सिंह के घर तक, 34.49 लाख से केएल शुक्ला के घर से अल्का ट्रेडर्स तक, 5.83 लाख से बीडी सिंह चौराहे से आशा के घर तक डामर रोड बनी थी। 95 हजार से हाई मास्ट लाइट भी लगवाई गईं थीं। हालांकि अब सड़कें खराब हो चुकी हैं।

साल भीतर ही उखड़ने लगी सड़क, इंटरलॉकिंग लापता
सालभर पहले बनी सड़क की इंटरलॉकिंग गायब हो चुकी है। इसके अलावा एक सड़क का करीब 12 फीट लंबा और चार फीट चौड़ा हिस्सा चौक से करीब 50 कम की दूरी पर धंस गया है।

पिलर तैयार, जयपुर से आ चुकी है मूर्ति
सांसद सत्यदेव पचौरी ने तीन मार्च 2023 को नगर आयुक्त को कैप्टन अभिषेक मिश्रा की स्मृति में चौक बनवाने के लिए पत्र लिखा था। इसमें चौक पर छत और सुंदरीकरण शामिल था। यह काम शुरू तो हुआ, पर चार पिलर बनाकर छोड़ दिया गया।

जयपुर से मूर्ति अक्तूबर में मंगवा ली
शहीद के पिता फ्लाइंग अफसर रहे संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि उनसे कहा गया था कि अभिषेक की मूर्ति बनवा लें। उन्होंने जयपुर से मूर्ति अक्तूबर में मंगवा ली। अब चौक की छत और सुंदरीकरण का काम पूरा हो जाए, तब बेटे की मूर्ति स्थापित करें। बता दें संतोष कुमार मूलरूप से कन्नौज के तालग्राम के रहने वाले हैं।

सड़क और छतरी को लेकर जो भी दिक्कत है, उसके विषय में नगर निगम अधिकारियों को से वार्ता कर उसे ठीक कराया जाएगा। इतने दिन से क्यों नहीं हुआ यह भी पूछेंगे। शहीद का सम्मान सर्वोपरि रखा जाएगा।  -सत्यदेव पचौरी सांसद

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में नहीं है कोई दोष, विवाद पर श्री गीर्वाणवाग्वर्धिनी सभा ने दिया निर्णय

Ayodhya: There is no fault in the pran pratishtha of Ramlala

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा व मंदिर के लोकार्पण पर विवाद के बीच श्री गीर्वाणवाग्वर्धिनी सभा ने कहा कि इसमें कोई दोष नहीं है। प्राण प्रतिष्ठा पूरी तरह दोष रहित है। 22 जनवरी का मुहूर्त सर्वोत्तम है, क्योंकि 2026 तक प्राण प्रतिष्ठा और लोकार्पण का शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा था। प्राण प्रतिष्ठा पूरी तरह दोष रहित है। 22 जनवरी का मुहूर्त सर्वोत्तम है, क्योंकि 2026 तक प्राण प्रतिष्ठा और लोकार्पण का शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा था। 

सभा ने कहा कि देशभर से आए सवालों का 25 बिंदुओं में समाधान किया गया है। कोई भी धार्मिक विवाद होने पर इसी सभा का निर्णय अंतिम होता है। शिलान्यास व लोकार्पण का मुहूर्त देने वाले पं. गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ इस सभा के परीक्षाधिकारी मंत्री भी हैं। उनका कहना है कि देवमंदिर की प्रतिष्ठा दो तरह से होती है। एक संपूर्ण मंदिर बनने पर। दूसरा मंदिर में कुछ काम शेष रहने पर भी। 

संपूर्ण मंदिर बन जाने पर गर्भगृह में देव प्रतिष्ठा होने के बाद मंदिर के ऊपर कलश प्रतिष्ठा संन्यासी करते हैं। गृहस्थ द्वारा कलश प्रतिष्ठा होने पर वंशक्षय होता है। मंदिर का पूर्ण निर्माण हो जाने पर प्रतिष्ठा के साथ मंदिर के ऊपर कलश प्रतिष्ठा होती है। जहां मंदिर पूर्ण नहीं बना रहता है, वहां देव प्रतिष्ठा के बाद मंदिर का पूर्ण निर्माण होने पर किसी शुभ दिन में उत्तम मुहूर्त में मंदिर के ऊपर कलश प्रतिष्ठा होती है।  

दरवाजे लग गए, गर्भगृह शिलाओं से ढक गया इसलिए कोई दोष नहीं
पं. द्राविड़ ने कहा कि कर्मकांड प्रदीप, ईश्वर संहिता और वृहन्नारदीय पुराण के अनुसार जब तक मंदिर ढका नहीं जाता और वास्तुशांति नहीं होती, देवताओं को यथायोग्य पायसबलि नहीं दी जाती, ब्राह्मणभोजन नहीं होने तक देव प्रतिष्ठा नहीं हो सकती। लोकव्यवहार में एक मंजिल भवन बनने पर वास्तुशांति करके लोग गृहप्रवेश करते हैं। देवमंदिर देवगृह है, इसलिए उसमें भी यह नियम लागू होता है। राममंदिर में प्रतिष्ठा के पूर्व वास्तु शांति, बलिदान एवं ब्राह्मणभोज होने वाला है। मंदिर के दरवाजे लग गए हैं। गर्भगृह पूरी तरह से शिलाओं से ढका गया है। इसलिए प्राण प्रतिष्ठा में दोष नहीं है। काम पूर्ण होने पर कलश स्थापित किया जाएगा।

14 लाख दीपों में झिलमिलाए रामलला
अयोध्या में श्रीराम मंदिर और प्रभु श्रीराम की यह अद्भुत आकृति 14 लाख रंग-बिरंगे दीपों से उकेरी गई है। साकेत महाविद्यालय में सजे इन दीपों को शिनवार को प्रज्वलित किया गया तो आस्था जगमगा उठी। 

 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “डॉ. प्रभा अत्रे जी भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक महान हस्ती थीं, जिनके काम की न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में प्रशंसा की गई। उनका जीवन उत्कृष्टता और समर्पण का प्रतीक था। उनके निधन से दुख हुआ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, डॉ. प्रभा अत्रे जी भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक महान हस्ती थीं, जिनके काम की न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में प्रशंसा की गई। उनका जीवन उत्कृष्टता और समर्पण का प्रतीक था। उनके निधन से दुख हुआ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।

केवल शिष्टाचार भेंट हुई… खरगे संग केजरीवाल की बैठक के बाद बोली कांग्रेस

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई बैठक पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी के साथ केवल शिष्टाचार मुलाकात हुई। उन्होंने सीट शेयरिंग पर कोई बात नहीं बताई।

INDIA गठबंधन बैठक पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया, “हर कोई खुश है कि सीट-बंटवारे की बातचीत सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है…मैंने राहुल गांधी के साथ सभी INDIA दलों को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।”

बंगाल में टीएमसी सरकार सभी मोर्चों पर फेल: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “पश्चिम बंगाल अराजकता की आग में झुलस रहा है। पिछले दिनों भी ईडी के अधिकारियों पर हमला करने वाले टीएमसी के लोग थे। वहां कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है….राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के समय में पश्चिम बंगाल में साधु संतों पर हमला और उसमें टीएमसी के गुंडों का शामिल होना यह दर्शाता है कि टीएमसी की सरकार सभी मोर्चों पर फेल हो चुकी है।”

मिलिंद देवड़ा आज तोड़ सकते हैं कांग्रेस से नाता

कांग्रेस के पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री मिलिंद देवड़ा आज कांग्रेस से नाता तोड़ सकते हैं। कल या परसों शिंदे सेना का दामन थाम सकते हैं।

केजरीवाल को ईडी ने भेजा चौथा समन, 18 जनवरी को पेश होने के लिए कहा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने चौथा समन भेजा है। ईडी ने उन्हें 18 जनवरी को ईडी मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। दिल्ली शराब नीति घोटाले मामले में ईडी पहले ही सीएम केजरीवाल को तीन बार समन भेज चुकी है, लेकिन वो ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे।

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस में बड़ा फेरबदल, 27 पुलिस अफसरों का तबादला

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली के एलजी विनय सक्सेना ने दिल्ली पुलिस में बड़ा फेरबदल किया है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर से लेकर डीसीपी तक बड़े बदलाव किए गए हैं। एक साथ 27 पुलिस अफसरों का तबादला किया गया है। स्पेशल सीपी लोन एंड ऑर्डर जोन 2 से दीपेंद्र पाठक को सिक्योरिटी में भेज दिया गया है। वहीं आर पी उपाध्याय को स्पेशल सेल का नया स्पेशल सीपी बनाया गया है। वीरेंद्र सिंह को स्पेशल सीपी ट्रैफिक जोन 1 से स्पेशल सीपी लाइसेंसिंग बनाया गया है। साथ में लीगल डिवीजन का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रविंद्र सिंह यादव को स्पेशल सीपी क्राइम से हटाकर स्पेशल सीपी लो एंड ऑर्डर जोन 2 बनाया गया है। मधुप तिवारी को स्पेशल सीपी सिक्योरिटी डिवीजन से स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 बनाया गया है। शालिनी सिंह को स्पेशल सीपी EOW से स्पेशल सीपी क्राइम लगाया गया है। सागर प्रीत हुड्डा को स्पेशल सीपी लोन ऑर्डर जॉन 2 से स्पेशल सीपी ऑपरेशन लगाया गया है। हरगोविंद सिंह धालीवाल को स्पेशल सेल से ट्रैफिक जॉन 2 का स्पेशल सीपी बनाया गया है।

Ramswaroop Mantri

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