~ पुष्पा गुप्ता
नकली मेडिसिन्स, नकली दूध, नकली दारू, नकली सबकुछ. हर डिपोर्टमेंट में रिश्वतखोरी. दुराचार, बलात्कार भी चरम पर. सुधार के नाम पर सिर्फ विपक्ष के लोगों पर व सच ओपन करने वालों पर कहर और ततसंदर्भित कतिपय दबंगों का नाश. खैर, आइए यहाँ देखते हैं कि घी के नाम पर आप क्या खा रहे हैं.
उत्तर भारतीय घरों में दाल और रोटी में घी एड करने की परंपरा रही है। पर्व-त्योहारों पर खासकर घी की मिठाइयां व अन्य व्यंजन तैयार किए जाते हैं। कहते हैं कि घी से न सिर्फ खाने का स्वाद कई गुणा बढ़ जाता है, बल्कि इसके सेवन से याददाश्त और तार्किक क्षमता भी बढ़ती है।
यह शरीर में बनने वाले वात के प्रभाव को कम करने में मदद करने के साथ ही डाइजेशन में सुधार लाता है। जिन्हें कब्ज की शिकायत होती है, उन्हें घी मिश्रित दूध के सेवन की सलाह दी जाती है।
लेकिन इन दिनों शादी समारोहों, होटल, रेस्तरां, ढाबों आदि में मिलने वाले चाट, स्नैक, पराठे घी की बजाए बटर ऑयल में ही तले जा रहे हैं।
*क्या है बटर ऑयल?*
मशीन के जरिये जब कच्चे दूध से क्रीम निकालकर उसे हल्का गर्म करके अलग किया जाता है, तो उसे बटर ऑयल कहते हैं।
यानी यह शुद्ध मिल्क फैट है, जिसमें कोई रंग नहीं होता है। डेयरी उत्पादों में बटर ऑयल मिल्क फैट का सबसे समृद्ध स्रोत है, जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, डी, ई और के-12 पाए जाते हैं।
*क्यों की जाती है बटर ऑयल की देसी घी में मिलावट?*
सेहत के लिए फायदेमंद माने जाने वाले घी की बढ़ती मांग को देखते हुए इसमें अन्य पदार्थों की मिलावट की जाती है। इसमें बटर ऑयल भी शामिल है। दरअसल, बटर ऑयल कई फ्लेवर्स में आते हैं।
इसमें एक खास प्रकार की सुगंध होती है। इससे बेक्ड फूड्स, सॉसेज एवं अन्य प्रकार के फूड आइटम्स का स्वाद बढ़ने का दावा किया जाता है।
इसके अलावा, मॉडरेट हीट कुकिंग के लिए बटर ऑयल ज्यादा मुफीद माना जाता है। यह देसी घी की तुलना में सस्ता होता है।
*सेहत पर इसका क्या असर पड़ सकता है?*
भारत में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार, बटर ऑयल का इस्तेमाल डाइटरी सप्लीमेंट के तौर पर किया जाता है।
इससे डाइजेशन अच्छा रहता है। स्किन में चमक आती है। साथ ही यह आपके एनर्जी लेवल को भी बढ़ाता है।
बटर ऑयल विटामिन ए, डी, ई और के के साथ-साथ फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है।
इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स, फैटी एसिड्स एवं विटामिंस बालों एवं नाखुनों के साथ आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। इससे इम्युनिटी लेवल भी बढ़ता है।
लेकिन यहाँ तो अति हो रही है. दाल में नमक नहीं, नमक में दाल.
*हो सकते हैं साइड इफेक्ट :*.
बटर ऑयल का अत्यधिक उपयोग कोलेस्ट्रॉल स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
आप मोटापे की शिकार हो सकते हैं। इससे ब्लोटिंग, गैस एवं डायरिया की समस्या भी हो सकती है।
*कैसे करें घी में बटर आयल के मिलावट की जांच?*
सबसे पहले मीडियम फ्लेम पर एक पैन रखें। इसे कुछ देर तक गर्म होने दें और फिर इसमें एक चम्मच घी (butter oil) डाल दें।
अगर घी तुरंत पिघल जाए और गहरे भूरे रंग का हो जाए, तो समझें कि इसमें मिलावट नहीं है।





