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ताजा समाचार – महाराष्ट्र में अजित पवार, शिंदे और BJP के बीच सीट शेयरिंग पर फंसेगा पेच?,इंजमाम से भी ऊपर भारतीय दिग्गज बल्लेबाज,कोटा के कोचिंग संस्थानों के लिए जारी नई गाइडलाइन पर बवाल

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दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने सोमवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 76,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का बजट पेश किया।इंडियन नेशनल लोकदल के नेता नफे सिंह राठी की हत्या के मामले में गोवा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसदों और विधायकों को सदन में भाषण या वोट देने के लिए रिश्‍वत लेने पर अब कानूनी कार्रवाई से छूट नहीं मिलने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ‘शानदार’ करार दिया

बर्फ में रास्ता बनाकर बहन को परीक्षा केंद्र पहुंचाया, चार किलोमीटर का सफर साढ़े तीन घंटे में किया तय

Due to heavy snowfall in Lahaul students have to walk in snow to reach the centre

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की संचालित परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों को केंद्र पहुंचने के लिए भी इम्तिहान देना पड़ रहा है। लाहौल में भारी बर्फबारी के कारण विद्यार्थियों को केंद्र पहुंचने के लिए बर्फ में चलना पड़ रहा है।घाटी में बोर्ड परीक्षाओं के लिए बनाए 10 केंद्रों तक पहुंचने को विद्यार्थियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले में तीन दिन तक भारी बर्फबारी हुई है। इससे रास्तें, सड़कें बंद हैं। 

सोमवार को जमा दो कक्षा की परीक्षा देने के लिए खंगसर की छात्रा रिशिका करीब 100 सेंटीमीटर बर्फ में चार किलोमीटर चलकर परीक्षा केंद्र गोंधला पहुंचीं। भाई पवन ने खंगसर से लेकर गोंधला परीक्षा केंद्र तक बर्फ में रास्ता बनाया। पवन ने कहा कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे घर से निकले। चार किलोमीटर का रास्ता करीब साढ़े तीन घंटे में तय किया।

घाटी में बोर्ड परीक्षाओं के लिए बनाए 10 केंद्रों तक पहुंचने को विद्यार्थियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले में तीन दिन तक भारी बर्फबारी हुई है। इससे रास्तें, सड़कें बंद हैं। कई विद्यार्थियों को केंद्रों तक पहुंचने के लिए करीब दो से तीन किलोमीटर बर्फ में चलना पड़ रहा है। 

 ‘शिबू सोरेन से जुड़ी बेनामी संपत्ति की जांच करें सीबीआई’, भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल का आदेश

CBI should investigate the benami property related to Shibu Soren order of anti-corruption ombudsman

झारखंड मुक्ति मोर्चा इन दिनों सीबीआई-ईडी के निशाने पर है। इस बीच भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल ने सीबीआई को आदेश दिया कि शिबू सोरेन से जुड़ी बेनामी संपत्तियों की जांच की जाए। लोकपाल ने जांच के लिए सीबीआई को छह माह का वक्त दिया है।  बता दें, लोकपाल ने यह निर्देश भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर एक शिकायत का निपटारा करते हुए दिया। पांच अगस्त 2020 को दुबे ने यह शिकायत की थी।लोकपाल के आदेश के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज झारखंड के सोरेन परिवार के लिए बुरी खबर है। मेरी शिकायत पर लोकपाल ने सीबीआई को भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। 

हर महीने सीबीआई को देनी होगी प्रगति रिपोर्ट 
सुनवाई करते हुए लोकपाल की एक पीठ ने सीबीआई को निर्देश किए कि जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी जांच पूरी करें। पीठ में न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी और गैर-न्यायिक सदस्यों अर्चना रामसुंदरम और महेंद्र सिंह शामिल हैं। लोकपाल ने कहा कि सीबीआई उन्हें मासिक रिपोर्ट भेजकर जांच की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे। बता दें, शिकायत में दुबे ने कहा था कि सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। 

सांसद ने साधा निशाना
लोकपाल के आदेश के बाद दुबे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज झारखंड के सोरेन परिवार के लिए बुरी खबर है। मेरी शिकायत पर लोकपाल ने सीबीआई को भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कुल 108 संपत्तियां हैं, जिनकी जानकारी न तो चुनाव आयोग को दी गई है और न ही आयकर विभाग को। 

कोटा के कोचिंग संस्थानों के लिए जारी नई गाइडलाइन पर बवाल,

राज्य सरकार की ओर से पिछले दिनों केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गाइड लाइन की अक्षरशः पालना के आदेश जारी किए गए। इसके बाद से कोटा कोचिंग संस्थान चिंता में है। इस संबंध में कोटा स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसायटी ने व्यवस्थागत चुनौतियां बताते हुए केंद्र की गाइडलाइन को लेकर स्पष्टीकरण मांग रहे है। सोमवार को कोटा के कोचिंग संचालक कोटा कलक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी से मिले। गाइड लाइन से जुड़े कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की

सदस्यों ने कहना – गाइडलाइन स्पष्ट नहीं

सोसायटी के सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कोचिंग के रजिस्ट्रेशन के लिए सक्षम अधिकारी कौन होगा और कहां आवेदन किया जाना है। नियमावली में क्रमांक-5 व 4 (आई) के लिए यह स्पष्ट नहीं है। यदि गाइडलाइन की पालना के संबंध में कोई शिकायत करनी हो तो भी सक्षम अधिकारी की जानकारी होनी चाहिए। इसका उल्लेख कहीं नहीं है। इसके साथ ही गाइडलाइन लागू करने के संबंध में भी तिथि भी स्पष्ट नहीं की गई है। जब तक ऑफिशियल गजट में इन निर्देशों को शामिल नहीं किया जाता। तब तक इन्हें एक विभागीय निर्देशों के रूप में ही देखा जाता है।

गाइडलाइन के जारी करने के बाद असमंजस की स्थिति

राज्य सरकार को इन निर्देशों की पालना के संबंध में तिथि भी जारी की जानी चाहिए थी। गाइड लाइन में स्पष्ट किया गया है कि रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन किए जाने हैं, जबकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कोई वेब पोर्टल अभी तक नहीं है। सदस्यों ने कहा कि इस गाइडलाइन के जारी करने के बाद असमंजस की स्थिति भी बनी है। इससे पूर्व सितम्बर 2023 में जारी की गई गाइडलाइन की पालना की जा रही थी। अब नई गाइडलाइन आने पर क्या पुरानी गाइडलाइन अप्रभावी हो जाएगी। इस संबंध में भी स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। गाइडलाइन लागू करने के साथ ही इसकी नियमावली व प्रक्रिया भी स्पष्ट की जानी चाहिए।

सोसायटी के सदस्यों ने कहा कि गाइडलाइन लागू करने से पहले राज्य सरकार द्वारा स्टूडेंट्स के अधिकार और कोचिंग संस्थानों के पक्ष को लेकर कानूनी राय ली जानी चाहिए थी। इस संबंध में राज्य सरकार से कोटा स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसायटी ने पूर्व में मांग भी की थी कि जब भी इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी, कोचिंग संस्थानों का पक्ष भी सुना जाएगा। लेकिन यहां कोचिंग संस्थानों का पक्ष सुने बिना ही इसे अक्षरशः लागू करने का आदेश जारी कर दिया गया जो कि कोटा के कोचिंग संस्थानों के साथ अन्याय है।

इस संबंध में जिला कलक्टर डॉ.रविन्द्र गोस्वामी ने कहा कि गाइड के अध्ययन के संबंध में जो सवाल कोटा स्टूडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने उठाए हैं, इसके संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा और सक्षम स्तर पर बात रखी जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि जल्द गाइड लाइन के तथ्यों में स्पष्टता आए।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के द्वारा कोचिंग केंद्रों के पंजीकरण व विनियमन के लिए दिशा निर्देश 2024 जारी किये गये हैं। उक्त दिशा निर्देशों को राज्य सरकार द्वारा अडॉप्ट करते हुए कोचिंग संस्थानों में इनकी पालना सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर ने केंद्र की गाइडलाइन की पालना कोचिंग संस्थानो से करवाने को 1 मार्च को आदेश जारी किया था। इस गाइडलाइन में कोचिंग के रजिस्ट्रेशन से लेकर उनमें 16 साल की काम उम्र से बच्चों को कोचिंग दाखिला नहीं देने पर पाबंदी है, और उसकी पालना सुनिश्चित करनी है। इस नियम के बाद से कोटा के कोचिंग संस्थानो में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

उद्योगों का वातावरण कर रहा सेहत खराब, फेफड़े फेल होने और कैंसर का खतरा

Research reveals: Industrial environment is worsening health, risk of lung failure and cancer

 उद्योगों में काम करने वाले कामगार किस तरह के माहौल में काम करते हैं और इससे उनकी सेहत पर क्या असर पड़ता है, इस पर बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल 10 उद्योगों में हवा की शुद्धता पर किए गए शोध में सामने आया है कि कई फैक्टरियों का वातावरण कामगारों की सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। इससे फेफड़े फेल होने और कैंसर जैसी बीमारी का खतरा भी हो सकता है। वहीं क्षय रोग समेत अन्य बीमारियां भी लग सकती हैं। इसका खुलासा जिला स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एके सिंह की रिपोर्ट में हुआ है। शोध के दौरान उद्योगों में कई प्रकार की खामियां भी सामने आई हैं। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी भेजी जाएगी।दरअसल 10 उद्योगों में हवा की शुद्धता पर किए गए शोध में सामने आया है कि कई फैक्टरियों का वातावरण कामगारों की सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। 

शोध में पाया गया है कि कि यदि उद्योगों के भीतर का वातावरण ठीक हो जाए तो इस प्रकार की दिक्कतों और भयानक बीमारियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस शोध को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र नई दिल्ली ने भी सराहा है। दरअसल प्रदेश के 10 उद्योगों में हवा की शुद्धता के बारे में जानने के लिए यह शोध किया गया। यह शोध करीब दो वर्ष तक चला। इसके आधार पर डाटा तैयार किया गया है। इस शोध में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कई उद्योगों में पाया गया कि जरूरत से ज्यादा छोटे कमरे में अधिक कामगारों से कार्य करवाया जा रहा है, जहां पर वेंटिलेशन नहीं थी। वहीं कई जगह कूड़ा-कर्कट भी उद्योगों के आसपास जलाया जा रहा है।

कई स्थानों पर उद्योगों के भीतर प्रयोग में लाने वाली मशीनरी में भी धुआं उठता है। इसमें पाया गया कि अगर इसी वातावरण में कुछ वर्षों तक कामगार कार्य करते रहे तो इन्हें भयानक बीमारियां घेर सकती हैं। इसमें सबसे अधिक खतरा फेफड़ों के फेल होने का है। यह शोध इलेक्ट्राॅनिक, प्लास्टिक का सामान, स्क्रू बनाने वाले और फार्मा उद्योगों में किया गया। बीमारी के बाद कामगारों की कर दी जाती है छुट्टीशोध के दौरान पाया गया कि बीमारी के दौरान कामगारों की छुट्टी कर दी जाती है। ऐसे में उन्हें काफी दिक्कतें आती हैं। शोध में पाया गया कि अगर कोई गंभीर बीमारी हो जाए तो संबंधित कामगार को अधिकतम दो हफ्ते की छुट्टी देने से भी काम चल सकता है। क्योंकि इस अवधि में टीबी समेत कई अन्य प्रकार का बैक्टीरिया कम हो जाता है और फैलने की आशंका भी कम हो जाती है।

सात स्तरों पर उद्योगों को देना होगा ध्यान-क्रॉस वेंटिलेशन
-छोटे कक्ष को बड़े हॉल में तबदील करना।
-एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम लगाना।
-धुआं रहित वातावरण तैयार करना।
-धुआं करने वाली मशीनों की समय पर मरम्मत।
-हवा शुद्ध करने के लिए स्पाइडर, एलोवेरा, स्नेक प्लांट लगाना।
-उद्योगों से निकलने वाले वेस्ट को सही प्रकार से ठिकाने लगाना।

उद्योगों में वातावरण शुद्धता को लेकर एक शोध किया गया है। इसमें कई प्रकार के खुलासे हुए हैं। प्रदेश के करीब 10 उद्योगों में शोध किया गया है। अगर उद्योगों का वातावरण ठीक हो जाए तो कामगारों को बीमारियां नहीं लगेंगी। इस शोध को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र नई दिल्ली ने भी चुना है। इस शोध को नौणी विवि के पर्यावरण विज्ञान के एचओडी डॉ. एसके भारद्वाज की मदद से पूरा किया गया है।-डॉ. एके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य)।

क्रिकेट में इंजमाम से भी ऊपर दिग्गजबल्लेबाज

क्रिकेट के मैदान पर रन आउट ही ऐसा तरीका है जिसमें अपनी गलती के बिना भी बल्लेबाज को पवेलियन लौटना पड़ता है। यह आउट होने का सबसे ​फ्रस्ट्रेटिंग तरीका भी होता है। बल्लेबाज बिना गेंद खेले भी रन आउट हो जाते हैं। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक को नाम बार-बार रन आउट से जोड़ा जाता है। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में वह सबसे ज्यादा बार रन आउट होने वाले बल्लेबाज नहीं हैं। हम आपको सबसे ज्यादा बार रन आउट होने वाले 5 बल्लेबाजों के बारे में बताने जा रहे हैं।

राहुल द्रविड़- 53​

​राहुल द्रविड़- 53​

भारतीय टीम के हेड कोच और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार रन आउट हुए हैं। 53 ऐसे मौके रहे हैं जब द्रविड़ को रन आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा है। 6 बार तो शतक बनाने के बाद द्रविड़ रन आउट हुए हैं।

महेला जयवर्धने- 51​

​महेला जयवर्धने- 51​

श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने का नाम लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। सचिन के बाद जयवर्धने सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। 51 बार साथी के साथ तालमेल खराब होने की वजह से जयवर्धने को पवेलियन लौटना पड़ा है। 7 बार तो वह जीरो के स्कोर पर रन आउट हुए हैं।

मर्वन अटापट्टू- 48​

​मर्वन अटापट्टू- 48​

श्रीलंका के पूर्व कप्तान मर्वन अटापट्टू इंटरनेशनल क्रिकेट में 48 बार रन आउट हो चुके हैं। 17 साल के अपने करियर में उन्होंने 360 मैच खेले थे। जिम्बाब्वे के खिलाफ 1999 के हरारे टेस्ट की दोनों पारियों में उन्हें रन आउट होकर पवेलियन जाना पड़ा था।

रिकी पोंटिंग- 47​

​रिकी पोंटिंग- 47​

रिकी पोंटिंग दुनिया के सबसे फिट खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। इसके बाद भी 16 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में वह 47 बार रन आउट हुए। इन 47 पारियों में उनके बल्ले से 5 शतक और 16 अर्धशतक निकले हैं। पोंटिंग सिर्फ एक ही बार खाता खोले बिना रन आउट हुए हैं।

इंजमाम उल हक- 46​

​इंजमाम उल हक- 46​

सबसे अनफिट खिलाड़ियों में गिने जाने वाले इंजमाम उल हक का नाम लिस्ट में 5वें नंबर पर है। यह कई लोगों को चौंका भी सकता है। इंजमाम अभी तक किसी भी टेस्ट की दोनों पारियों में रन आउट नहीं हुए हैं। वह जीरो के स्कोर पर भी सिर्फ एक ही बार रन आउट हुए। रन आउट होने वाली पारी में उनका औसत करीब 33 का रहा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना लोकसभा की 22 सीटों पर चुनाव लड़ने पर अड़ी हुई है। इससे बीजेपी के सामने सीटों के बंटवारे को लेकर बड़ी मुश्किल हो सकती है। सोमवार को शिंदे गुट के मंत्री शंभूराज देसाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2019 में शिवसेना 22 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, इस बार भी हमको उतनी ही सीटें मिलनी चाहिए। हमारी मांग 22 सीटों की है। देसाई के बयान से महायुति में सीटों के समन्वय को लेकर मुश्किलें बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। शंभुराज देसाई ने कहा कि यह तय है कि हम आगामी लोकसभा चुनाव महायुति के रूप में एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और कौन सी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इसका फैसला जल्द ही हो जाएगा। प्रत्येक पार्टी की समन्वय समिति की बैठक हो चुकी है और रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार लेंगे।

मंत्री ने कहा हमने अपनी सभी 22 सीटों की समीक्षा की है और रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दे दी है। 2019 में शिवसेना ने 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 18 सीटें जीती थीं, इसलिए इस बार भी हम 22 सीटों पर जोर दे रहे हैं। किसी पार्टी या नेता द्वारा सीट मांगना या किसी सीट के लिए आग्रह करना मतलब नाराजगी नहीं है। वो उनकी मांग है। बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी और सही रास्ता निकाला जाएगा।

उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना

बीजेपी द्वारा पहली सूची में नितिन गडकरी को उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के बयान को अनावश्यक बताते हुए मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि किसे उम्मीदवार बनाना है, यह बीजेपी का अपना मुद्दा है, वे सही समय पर सही निर्णय लेंगे। उद्धव ठाकरे को अपने बाकी बचे 5-6 विधायकों और 2-3 सांसदों की चिंता करनी चाहिए। अब की बार नरेंद्र मोदी तड़ीपार… उद्धव के बयान पर देसाई ने कहा कि उद्धव ठाकरे की सभा में 200 से 300 लोग होते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में उन्हें सुनने के लिए लाखों लोग आते हैं। मोदी प्रतिदिन 18 घंटे काम करते हैं। देश भर में घूमते हैं, उद्धव ठाकरे की तरह फेसबुक लाइव नहीं करते।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में रात 9:17 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए।

लोकसभा चुनाव के लिए BRS ने किया चार उम्मीदवारों का ऐलान

बीआरएस प्रमुख के.चंद्रशेखर राव ने आगामी संसदीय चुनावों के लिए पार्टी की पहली सूची में चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। जिसमें करीमनगर से बी विनोद कुमार, पेद्दापल्ली से कोप्पुला ईश्वर, खम्मम से नामा नागेश्वर राव और महबूबाबाद से मलोथ कविता का नाम शामिल है।

पीएम मोदी ने DMK सरकार पर साधा निशाना, कहा- मोदी तमिलनाडु के लोगों का पैसा आपको लूटने नहीं देगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार तमिलनाडु के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, इसके लिए भारत सरकार अनेक योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों को भेज रही है। इन विकास कार्यों के लाखों करोड़ रुपये लूटने में DMK को दिक्कत आ रही है, इस बात से यहां का एक परिवार बहुत परेशान है इसलिए DMK के लोग सोच रहे हैं कि अगर पैसे नहीं तो कम से कम इन कामों का क्रेडिट ही ले लें। मैं DMK को बताना चाहता हूं कि मोदी तमिलनाडु के लोगों का पैसा आपको लूटने नहीं देगा।

गुजरात कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कांग्रेस पार्टी से दिया इस्तीफा

गुजरात कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र भी लिखा है। जिसमें उन्होंने लिखा कि प्रभु राम सिर्फ हिंदुओं के लिए पूजनीय नहीं हैं, बल्कि वह भारत के आस्था हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण अस्वीकार करने से भारत के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। एक पार्टी के रूप में कांग्रेस लोगों की भावनाओं का आकलन करने में विफल रही है। इस पवित्र अवसर से ध्यान भटकाने और अपमानित करने के लिए, राहुल गांधी ने असम में हंगामा खड़ा करने का प्रयास किया, जिसने हमारी पार्टी के कार्यकर्ता और भारत के नागरिकों को और नाराज किया।

खाली करना होगा आम आदमी पार्टी को अपना दफ्तर, सुप्रीम कोर्ट ने दी 15 जून तक की मोहलत

आज सुप्रीम कोर्ट से आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल कोर्ट ने दिल्ली में बने आप के दफ्तर को खाली करने का आदेश दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आम आदमी पार्टी 15 जून तक अपने कार्यालय को खाली कर दे। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आम आदमी पार्टी का दफ्तर हाई कोर्ट के लिए आवंटित जमीन पर बना है। इसलिए इसे खाली करना होगा।

जेएमएम घूस केस

सुप्रीम कोर्ट ने जेएमएम घूस केस में पिछले फैसले को पलटा। कहा सांसदों को राहत देने पर असहमत हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एम एम सुंदरेश, जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस एएस बोपन्ना, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस पीवी संजय कुमार की पीठ ने सुनाया फैसला। कोर्ट ने कहा घूसखोरी की छूट नहीं।

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा, “हम किसान यहीं (खनौरी और शंभू सीमा) रहेंगे, हम अपने ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों के बिना आगे नहीं बढ़ेंगे… हमने दिल्ली की ओर मार्च करने का अपना फैसला नहीं बदला है, हम तब तक इंतजार करेंगे जब तक सरकार सड़कें फिर से नहीं खोल देती। हमने अन्य राज्यों के किसानों से 6 मार्च को रेलवे, बस या किसी अन्य वाहन का उपयोग करके दिल्ली की ओर मार्च करने के लिए कहा है…”

भारतीय नौसेना बुधवार को एमएच 60आर सीहॉक हेलीकॉप्टर को अपने बेड़े में शामिल करेगी

भारतीय नौसेना बुधवार को कोच्चि में एमएच 60आर सीहॉक बहु-उद्देश्यीय हेलीकॉप्टरों को अपने बेड़े में शामिल करेगी। नौसेना ने कहा कि यह भारत की रक्षा आधुनिकीकरण की राह में एक ‘’महत्वपूर्ण क्षण’ होगा। आईएनएएस 334 स्क्वाड्रन में इन हेलीकॉप्टर के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

केजरीवाल ने दिल्ली के बजट से 2024 पर भी लगाया निशाना

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए विधानसभा में बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री आतिशी ने 76,000 करोड़ रुपये का ये बजट पेश किया। अपने संबोधन के दौरान करीब दर्जनभर से ज्यादा ऐसे मौके आए जब उन्होंने ‘राम राज्य’ का जिक्र किया। दिल्ली सरकार की ओर से ये पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि इस बार का बजट ‘राम राज्य’ की अवधारणा पर रहेगा। इस बात का जिक्र खुद सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी किया। विधानसभा में आतिशी के बजट भाषण के बाद अरविंद केजरीवाल ने इस पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के बजट में हर क्षेत्र का ध्यान रखा गया है। आम आदमी पार्टी का शासन ‘राम राज्य’ से प्रेरित है। वहीं वित्त मंत्री आतिशी ने बजट भाषण में रामायण, अयोध्या के साथ-साथ ‘राम राज्य’ का जिक्र किया। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा।’

असली राम राज्य वहां, भूखा ना कोई सोए जहां’

दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी बजट पेश करने के दौरान कहा कि असली राम राज्य वहां, भूखा ना कोई सोए जहां। हमने दिल्ली में रामराज्य के सपने को साकार करने का संकल्प लिया। राम-राज्य के सपने को साकार करने के लिए पिछले 9 साल से दिन-रात लगे हुए हैं। राम राज्य के लिए हमको लंबी दूरी तय करनी है। आतिशी ने कहा कि राम राज्य में ना कोई दुखी होता है ना कोई दरिद्र। आज युवाओं को रोजगार दिलाकर ही समृद्धि आएगी। ये काम अरविंद सरकार के ITIs कर रहे हैं। वहां से निकलने वाले बच्चों को टोयोटा, मारुती, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों में नौकरियां मिल रही हैं।

आतिशी ने बजट भाषण में रामायण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामायण में कहा गया है, हर जीव को न्याय सीधे श्रीराम दरबार में मिलता था। सबके लिए द्वार खुले रहते थे। आज न्याय के लिए सालों इंतजार करना होता है। देशभर में 5 करोड़ कोर्ट केस लंबित हैं। अंग्रेजी में कहावत है- Justice delayed is Justice Denied। दिल्ली की वित्त मंत्री ने कहा कि केजरीवाल सरकार से पहले न्याय व्यवस्था के लिए कुल बजट 760 करोड़ रुपये होता था, आज चार गुना बढ़कर 3098 करोड़ रुपये है। कोर्ट रूम की संख्या 512 से बढ़कर 749 पहुंच गई है और जजों की संख्या 526 से 840 तक पहुंची है। 4 शानदार कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण करवा रहे हैं। 10वें Budget में 250 नए Courtrooms का तोहफा दे रहे हैं।

केजरीवाल की श्रीराम तो सत्येंद्र जैन की तुलना हनुमान से

दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने करीब पौने दो घंटे के बजट भाषण में सीएम केजरीवाल को श्रीराम तो सत्येंद्र जैन की तुलना हनुमान से की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को जो वचन दिया था उसे पूरा करने के लिए उन्होंने बहुत मुश्किलों का सामना किया है। सरकार की योजनाओं को पूरा करने के लिए सीएम केजरीवाल अपने वचन को निभाने से पीछे नहीं रहे। रामायण में भी कहा गया है कि ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई।’

Ramswaroop Mantri

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