इंदौर
इंदौर ZOO से शेर का एक शावक लापता हो गया है। उसकी तलाश चल रही है। लेकिन गुफा में अंधेरा होने और शेरनी के होने की वजह से तलाश पूरी नहीं हो पा रही है। 4 दिन पहले शेरनी मेघा ने तीन शावकों को जन्म दिया था।
जन्म के बाद से ही एक शावक बहुत कमजोर था। गुरुवार शाम को दो शावक दिखे, लेकिन कमजोर शावक नहीं दिखा। इसकी जानकारी ZOO प्रभारी डॉ. उत्तम यादव को लगी तो वह कर्मचारियों के साथ गुफा में पहुंचे। उन्होंने टॉर्च जलाकर कई घंटे गुफा में दूर से शावक की सर्चिंग की, लेकिन उसका पता नहीं चला।
शावक को पास नहीं आने दे रही थी बाघिन
चिड़ियाघर प्रभारी डॉ उत्तम यादव का कहना है कि तीन शावकों में से एक शावक बहुत कमजोर था। इसे ऑब्जरवेशन के लिए अस्पताल में रखा गया था। लेकिन जंगली जानवरों में बच्चे को मां से अधिक दूर रखना भी खतरनाक होता है, इसलिए उसे गुफा में फिर से छोड़ा गया था। बाघिन उसे फीडिंग नहीं करा रही थी। कर्मचारी दो दिन से कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह कमजोर शावक को पास भी नहीं आने दे रही थी।
डर यह भी है- कहीं शेरनी ने न खा लिया हो
कुछ वर्षों पहले भी मेघा ने अपने एक शावक को खा लिया था। उस समय भी बच्चा कमजोर ही था। जंगली जानवरों में यह प्रवृत्ति पाई जाती है। लेकिन गुफा गहरी है, इस कारण से अभी कहना यह संभव नहीं है कि मां ने अपने बच्चे को खा लिया है या फिर वह मर गया है। गुफा की पूरी तलाशी ली जाएगी। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
दोनों शावकों को दूर नहीं कर सकते
शावक अभी कुछ ही दिनों के हैं। इस कारण से मेघा को गुफा से दूर करना भी असंभव है, क्योंकि यदि बच्चों से मां को दूर किया तो वह इन दोनों शावकों को भी मार सकती है।




