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*जहरीले सिरप के बाद अब ‘खतरनाक सॉल्यूशन’, प्रसूताओं और सर्जरी के मरीजों की स्किन पर फफोले पड़ रहे*

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जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद अब जहरीले पोविडोन-आयोडीन सॉल्यूशन से स्किल जलने और फफोले होने का मामला सामने आया है। शहडोल मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं और सर्जरी विभाग में ऐसे ढेर मामले सामने आ चुके हैं। प्रबंधन को जानकारी होने के बाद भी सप्लाई नहीं रोकी गई..

मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरफ से बच्चों की मौत के बाद अब सीजर और सर्जरी में उपयोग होने वाले एक ‘सॉल्यूशन’ से महिलाओं की चमड़ी जलते और फफोले जैसे रिएक्शन का गंभीर मामला सामने आया है। मामला शहडोल मेडिकल कॉलेज से जुड़ा है। यहां करीब एक साल से गर्भवती महिलाओं और सर्जरी वाले मरीज़ों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जानकारी होने के बावजूद खतरनाक ‘सॉल्यूशन’ का जानबूझकर उपयोग हो रहा है।

जानकारी अनुसार प्रदेश के शहडोल के बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज से प्रसूता महिलाओं और शल्य चिकित्सा विभाग में सर्जरी के लिए आने वाले मरीजों से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। इसमें एक सामान्य रूप से उपयोग होने वाले पोविडोन-आयोडीन सॉल्यूशन (povidone iodine solution) के प्रसूताओं और सर्जरी के मरीजों की चमड़ी पर गंभीर रिएक्शन का मामला सामने आया है। यह सॉल्यूशन जहरीला कहें या खतरनाक कहें, मरीजों की चमड़ी को जला रहा है। किसी मरीज की चमड़ी पर जलने जैसे फफोले पड़ रहे हैं, तो किसी की चमड़ी लाल हो रही है, तो किसी को जलन के साथ तेज खुजली चल रही है।

एक साल से सामने आ रहे मामले, फिर भी उपयोग

पोविडोन-आयोडीन सॉल्यूशन के मरीजों को रिएक्शन का कोई एकाध मामला सामने नहीं आया बल्कि यह सिलसिला यहां करीब 1 साल से चल रहा है। आए दिन दो-चार मरीज सामने आ रहे हैं। बावजूद इसके इस जहरीले और खतरनाक कैमिकल युक्त सॉल्यूशन का उपयोग यहां लगातार किया जा रहा है। बता दें कि सर्जरी और सीजर के बाद इसके रिएक्शन के कारण जिन मरीजों की चमड़ी जल रही है, उनको ठीक होने में 10 दिन से 20 दिन तक का समय लग रहा है।

लगातार आपत्ति के बाद फिर खरीदी कर ली

पोविडोन आयोडीन सॉल्यूशन में एक और गंभीर बात सामने आई हैं। सूत्र बताते हैं कि मरीजों पर इसके रिएक्शन की जानकारी प्रबंधन को काफी लंबे समय से है। विभागों के डॉक्टर भी अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके प्रबंधन ने कोई ध्यान नहीं दिया। पूर्व में विभागाध्यक्ष इसको बदलने की मांग भी कर चुके हैं, लेकिन बदलना तो ठीक, उपयोग और सप्लाई तक पर रोक नहीं लगाई गई। ड्रग स्टोर से लगातार इसको रिलीज किया जा रहा है। स्टॉक कम होने पर इसकी नई खेप की बुला ली गई ।

संबंधित विभागों से जानकारी बुलाई है

बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को इस तरह के मामले की जानकारी है। उन्होंने विस्तृत जानकारी भी बुलाई है। प्रदेश के अन्य जिलों से भी इस तरह के रिएक्शन की जानकारी ली जा रही है। सॉल्यूशन किस बैच का है, कब आया था, कितना स्टॉक है, इसको लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

माइल्ड एलर्जिक टाइप रिएक्शन हुआ था

हमारे अस्पताल में पोविडोन-आयोडीन सॉल्यूशन से कुछ पेशेंट्स को माइल्ड एलर्जिक टाइप का रिएक्शन हुआ था, जो किसी को भी हो सकता है।

  • डॉ. नागेंद्र सिंह, अधीक्षक, शहडोल मेडिकल कॉलेज, मप्र

Ramswaroop Mantri

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