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*राहुल गांधी के बाद कमलनाथ ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल,2018 में आयोग ने मानी थी गलती!*

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी चुनाव आयोग को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसके पहले राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा किया था।

भोपाल: राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर एटम बम फोड़ा है। इसका असर पूरे देश के साथ अब मध्य प्रदेश की सियासत में भी दिखने लगा है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी एमपी में हुआ 2018 के चुनाव में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाया था। उन्होने एक बार फिर से चुनाव आरोप लगाया है।

कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा है कि 2018 में मैंने मध्य प्रदेश की मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी होने के संबंध में कुछ विशेष मुद्दे उठाए थे। कमलनाथ ने अपने पोस्ट में इसका जिक्र किया था।

कमलनाथ ने इन मुद्दों को गिनाया

1. जनसांख्यिकीय रूप से समान प्रविष्टियां होना, जहां एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग विधानसभाओं या मतदान केंद्रों में दर्ज पाया गया था।
2. समान फ़ोटो वाली प्रविष्टियां, जहां एक ही व्यक्ति की तस्वीरें अलग-अलग स्थानों पर मौजूद थीं।
3. मतदाता सूचियों में फर्जी नाम, जिनका जमीनी स्तर पर पता नहीं चल रहा था।
4. मतदाता सूचियों में मृत या स्थानांतरित मतदाताओं का होना।
5. ऐसे मतदाताओं का होना, जिनकी फोटो पहचान में नहीं आ रही थी।
6. एक ही पते या अमान्य पतों पर असामान्य रूप से अधिक संख्या में मतदाताओं का होना।

कमलनाथ ने आगे लिखा है कि चुनाव आयोग के जवाबी-हलफनामे में इन विसंगतियों को स्वीकार किया गया था और सूची से नाम हटाने या सुधारात्मक कार्रवाई करने पर सहमति व्यक्त की गई थी। उन्होंने 9664 इंट्रा-एसी रिपीट प्रविष्टियां, 8278 इंटर-एसी रिपीट प्रविष्टियां और 2,37,234 संदिग्ध तस्वीरें होने की बात भी स्वीकार की थी और 24 लाख संदिग्ध मतदाताओं को हटाने का दावा किया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने गोपनीयता संबंधी चिंताओं के कारण मतदाता सूचियों की मशीन-रीडेबल पीडीएफ़ उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया।

कमलनाथ ने आगे कहा कि राहुल गांधी के निष्कर्षों से मतदाता सूची के रखरखाव में गड़बड़ी का एक व्यवस्थित पैटर्न सामने आया है। 2018 में उठाए गए मुद्दे और गंभीर हो गए हैं और हेरफेर का एक नया स्तर दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट में अपने इस आश्वासन के बावजूद कि चुनाव आयोग इन विसंगतियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, चुनाव आयोग अपने हलफनामे से पीछे हटता जा रहा है और मतदाता सूची में जानबूझकर हेराफेरी किए जाने से इनकार कर रहा है।

Ramswaroop Mantri

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