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किसान संगठनों के हस्तक्षेप के बाद  कुछ किसानों का 40 लाख से ज्यादा का भुगतान हुआ

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अभी भी कई किसानों का 15 दिन पूर्व बेचे गए माल का भुगतान बकाया 2019 में दो लाख से कम के नगद भुगतान के आदेश का भी पालन नहीं होने से किसानों के साथ हो रही है ठगी* 
*मंडी सचिव और अधिकारियों की लापरवाही भी किसानों के बकाया मामले में सामने आई* 
 *इंदौर
। 2 दिन पूर्व इंदौर की छावनी अनाज मंडी में सैकड़ों किसानों का 15  पूर्व माल खरीदने के बाद अभी तक भुगतान नहीं होने का मामला सामने आने पर संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों किसान मजदूर सेना और किसान संघर्ष समिति ने हस्तक्षेप करते हुए मंडी समिति से मांग की थी कि किसानों का बकाया तत्काल भुगतान कराया जाए ।किसान संगठनों की सक्रियता के बाद मंडी समिति के लापरवाह अधिकारी जागे और उन्होंने जिन व्यापारियों ने किसानों की फसल खरीदी थी ,उन पर भुगतान का दबाव बनाया।*


*गौरतलब है कि मई माह के पहले सप्ताह में गेहूं और अन्य फसल खरीदी जाने के बाद व्यापारी लगातार भुगतान में टालम टोल कर रहे थे और किसान संगठनों के हस्तक्षेप के बाद किसानों को करीब 40 लाख रुपए का भुगतान हो पाया है। जिन किसानों का भुगतान हुआ है उनमें गजराज सिंह, सिद्धनाथ, ऊंकार ,सनावदा,  ममता पटेल, अनुकूल ,राजेश, शाहिद,  प्रीति, क्रृष्णा, ज्ञानचंद ,अमीन पटेल, रोहित किस्मत अली, अमन यादव सुभाष और संतोष प्रमुख हैं । जबकि अभी भी कई किसानों का बकाया है। जिनमें गारी पिपलिया  के दिनेश यादव और महेश यादव, काजी पलासिया के फारुख पटेल, खुडैल के अनोखी लाल और लीलाधर आदि शामिल है*
*संयुक्त किसान मोर्चा इंदौर के संयोजक रामस्वरूप मंत्री  और किसान मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष बबलू जाधव ने बताया कि किसानों के भुगतान को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनती है और कई व्यापारी किसानों का माल खरीदने के बाद फरार हो गए हैं । पिछले 3 साल से 186 से ज्यादा किसान अपने पोने तीन करोड़ रुपये के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। वही 2 माह पूर्व लाखों रुपए का आलू और प्याज खरीद कर मुकाती ट्रेडिंग कंपनी के मालिक फरार हैं। इसी के साथ अब छावनी मंडी का यह नया मामला सामने आया है ।जिसमें मंडी समिति के सचिव और अन्य अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है, क्योंकि मंडी समिति के पास व्यापारी ने कब कितना माल खरीदा है ,किस किसान का खरीदा है, उसका सारा रिकॉर्ड रहता है और मंडी समिति की जिम्मेदारी है कि वह किसानों को समय पर भुगतान कराएं।

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*आपने बताया कि 2019 में मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक और राज्य शासन ने आदेश दिए थे कि 200000 से कम की फसल यदि किसान बेचता है तो उसको तत्काल नगद भुगतान किया जाए । लेकिन उस आदेश का भी पालन नहीं होने से मंडी में किसानों के साथ लगातार ठगी हो रही है ।संयुक्त किसान मोर्चा, किसान संघर्ष समिति और किसान मजदूर सेना ने मध्य प्रदेश के किसान हितेषी मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वह सभी मंडियों को निर्देशित करें कि 200000 से कम की फसल किसान के बेचने पर उसे तत्काल नकद भुगतान कराया जाए, ताकि किसानों के साथ  ठगी ना हो । यदि नगद भुगतान का नियम सख्ती से लागू कर दिया जाता है तो फिर किसी भी व्यापारी द्वारा किसानों को भुगतान करने से टालम टोल की स्थिति नहीं बनेगी।*

Ramswaroop Mantri

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