सतना
मैहर में पूर्व सीएम कमलनाथ के सरकार गिरने को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस में ही बवाल खड़ा हो गया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने कहा कि अपनी अक्षमता का ठीकरा विंध्य पर न फोड़ा जाए। इस तरह के बयान से विंध्य का अपमान होता है। पार्टी के पुराने कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि इससे निराश हो जाते हैं। 2020 में सरकार गिरने का कारण विंध्य नहीं, बल्कि कमलनाथ खुद थे। अजय सिंह यहीं नहीं रुके। आगे बोले कि ऐसे शब्द न बोले कि भाजपा को राजनीति करने का मुद्दा मिल जाए। भारत विश्व में हो रहा बदनाम के सवाल पर अजय सिंह ने कहा, संयम रखने की जरूरत थी।
बता दें कि 7 दिन पहले मैहर दौरे पर आए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने सरकार गिरने का ठीकरा विंध्य पर फोड़ा था। गुरुवार को सतना दौरे पर आए कांग्रेस नेता अजय सिंह पत्रकारों से रूबरू हुए। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कमलनाथ विंध्य का अपमान कर रहे। सरकार गिरने का कारण विंध्य नहीं बल्कि खुद की जिम्मेदारी थी। वे चाहते तो सरकार बची रहती। 2018 में विंध्य की हार की वजह कुछ और थी। इसे हर कोई जानता है। कमलनाथ जी का विंध्य पर आरोप लगाना विंध्य की जनता का अपमान करना है।
कमलनाथ के बयान पर गर्माई हुई है राजनीति
7 दिन पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व CM कमलनाथ ने एक बार फिर भाजपा को घेरा था। कमलनाथ ने कहा कि अब भारत महान नहीं, बल्कि बदनाम हुआ है। हालत ये है कि विदेशों में अब भारतीय ड्राइवरों की टैक्सी में कोई बैठने को तैयार नहीं है। इसके लिए पीएम मोदी और उनकी सरकार जिम्मेदार है। मोदी सरकार को केंद्र में 30 मई को 7 साल पूरे हो रहे हैं। उन्हें जवाब देना चाहिए। बताना चाहिए कि क्या देश नारों पर ही चलेगा? क्या हुआ रोजगार का? कहां पहुंची महंगाई?
कमलनाथ के बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा, कमलनाथ ने मानसिक संतुलन खो दिया है। अगर नहीं तो खोया है, तो ऐसा विकृत विचार है। ऐसा कांग्रेस का अध्यक्ष भारत का नागरिक कहलाने का हकदार नहीं है। कमलनाथ जी की जांच करानी चाहिए। सोनिया गांधी को उन्हें पार्टी से बाहर कर देना चाहिए।





