भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बने शानदार सरकारी बंगलों पर कब्जे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. रिटायरमेंट और ट्रांसफर के बाद भी कई वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारी चार इमली और 74 बंगला इलाके में बने इन सरकारी आवासों को खाली नहीं किया है. वे यहां बरसों से जमे हुए हैं. इससे व्यवस्था गड़बड़ा गई है और नई पोस्टिंग पर राजधानी आए अधिकारियों को सरकारी आवास नहीं मिल रहा है. गृह विभाग ने कब्जा जमाए अफसरों को नोटिस जारी किए हैं.
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अफसर, भाजपा नेताओं की तर्ज पर बंगलों पर जमे हुए हैं. वहीं, भाजपा का कहना है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई हो रही है और अधिकारी जल्द ही बंगले खाली करेंगे. इधर, नए पदस्थ अधिकारियों को आवास आवंटित न हो पाने की समस्या लगातार बढ़ रही है. नियमों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद तीन महीने के भीतर बंगला खाली करना अनिवार्य है. ऐसा न करने पर पेंशन और ग्रेच्युटी रोकी जा सकती है. ट्रांसफर के बाद लंबे समय तक बंगला खाली न करने पर HRA और अन्य भत्ते भी रोक दिए जाते हैं, साथ ही पेनल्टी भी लगती है; लेकिन ये सरकारी नियम हैं.
सरकारी नियम है, लेकिन उनको लागू कराना पड़ेगा
इस मामले में राजधानी के पत्रकार सरमन नगेले का कहना है कि सरकारी नियम स्पष्ट हैं, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. अगर समय पर बंगले खाली न हों, तो नए अधिकारियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है. इन बंगलों में कई सुविधाएं हैं. सरकारी बंगलों में गार्डन और पार्किंग इतनी बड़ी है कि महानगर में कोई सोच भी नहीं सकता. गैराज और सर्वेंट क्वार्टर भी हैं. इन बंगलों की लोकेशन भी शानदार है.
कांग्रेस ने साधा निशाना तो भाजपा ने किया पलटवार
भोपाल के सरकारी बंगलों को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट ने आरोप लगाया कि अफसर वही कर रहे हैं, जो सत्ता पक्ष के हारने वाले मंत्री और विधायक करते हैं. सत्ता पक्ष के नेताओं और अफसरों से बंगले खाली कराने में सिस्टम मौन रहता है, जबकि विपक्ष के नेताओं पर तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है. उनका कहना है कि नियम कानून का पालन करना राजधानी में कठिन हो रहा है. सरकार दोहरी नीति चला रही है. वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया है. भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि सरकार नियमों के अनुसार ही आवास आवंटन करती है. जिन अधिकारियों का ट्रांसफर या रिटायरमेंट हो चुका है, उन्हें नोटिस दिए गए हैं और उम्मीद है कि सभी समय पर बंगले खाली करेंगे.





