अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

यूपी में पांचों चरण के मतदान से रिजल्ट का एनालिसिस:वोटिंग 10 साल पुराने पैटर्न पर लौटी, गांवों में शहरों से ज्यादा वोट पड़े

Share

लखनऊ

यूपी विधानसभा चुनाव के 5 चरणों की वोटिंग हो चुकी है। पश्चिम से शुरू हुआ चुनाव अवध क्षेत्र तक आ पहुंचा। मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के इस उत्सव में भागीदारी की। लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव की तरह नहीं…। पांच चरण का वोटिंग प्रतिशत यही इशारा करता है। हर चरण में औसतन 1% कम वोटिंग हुई। जबकि 2012 में पांच चरणों की इन्हीं सीटों पर इसी पैटर्न पर वोटिंग हुई थी।

इसमें भी शहरी क्षेत्र और ग्रामीण विधानसभा की तुलना करने पर भी संकेत साफ समझ आते हैं। पढ़ा-लिखा संभ्रांत तबका पोलिंग बूथ तक पूरी तरह से पहुंचा ही नहीं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों वाली विधानसभा में वोटिंग अच्छी हुई। मतदाताओं की जो कतारें सुबह नजर आई, कामोवेश शाम तक बरकरार रहीं।

ये पैटर्न 10 साल पुराने चुनाव का है। यानी 2012, आपको बताते हैं कैसे…

ग्रामीण क्षेत्रों वाली विधानसभा में वोटिंग अच्छी हुई।

ग्रामीण क्षेत्रों वाली विधानसभा में वोटिंग अच्छी हुई।

विधानसभा चुनाव 2022 के पांचों चरण की वोटिंग की तुलना 2017 से करने पर सामने आया कि पहले चरण में 1.2%, दूसरे चरण में 1.1%, तीसरे चरण में 2%, चौथे और पांचवें चरण में 1-1% वोटिंग घट गई। राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वोटिंग प्रतिशत घटने के मायने यही है कि विपक्ष यानी बसपा और सपा का कोर वोटर घर से निकला। सपा का MY फैक्टर (मुस्लिम-यादव) भी उनके पक्ष में चलने के संकेत हैं। लेकिन भाजपा का कोर वोटर घरों से कम निकला।

अब 2017 की वोटिंग की तुलना 2012 से करते हैं, तो सामने आता है कि उन्हीं सीटों पर पांचों चरण में 0.36% से लेकर 5% तक इजाफा हुआ था। फेज वाइज देखें तो वोटिंग प्रतिशत 2012 के मतदान की तरह ही चल रहा है।

फेजसीटें20222017वोटिंग (घटी)
पहला5862.4063.751.2%
दूसरा5564.4265.531.1%
तीसरा5960.0862.212%
चौथा5961.6562.551%
पांचवां6057.2258.241%
फेजसीटें20172012वोटिंग (बढ़ी)
पहला5863.7561.032%
दूसरा5565.5365.170.36
तीसरा5962.2159.792.42%
चौथा5962.5557.525%
पांचवां6058.255.123%

पढ़िए…कहां वोटिंग डे पर लोगों ने छुट्‌टी मनाई, कहां घर से निकले
अब आपको पढ़वाते हैं कि पांचवें चरण में कहां कॉलोनी की कोठियों में ही वोटिंग डे को छुट्‌टी की तरह मनाया गया और किन विधानसभाओं में खेतों में मेहनत करने वालों ने मतदान का रिकॉर्ड तोड़ा। शुरुआत प्रयागराज से करते हैं। सबसे ज्यादा वोटिंग फूलपुर में 60.40% हुई। बारा सुरक्षित विधानसभा में 58.50 और कोरांव सुरक्षित विधानसभा में 58.28% वोट पड़े। वहीं सोरांव विधानसभा में 57.56 और करछना विधानसभा में 57% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।

इसके अलावा प्रतापपुर विधानसभा में 56.02, फाफामऊ और मेजा विधानसभा में भी 56-56% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

अब शहरी क्षेत्रों की बात करते हैं। प्रयागराज पश्चिम में 51.20% वोटिंग हुई है। इसके अलावा प्रयागराज दक्षिण में 47.05% मतदान हुआ। जबकि प्रयागराज शहर उत्तरी विधानसभा में सबसे कम 39.56% लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। साफ है कि शहरी क्षेत्रों में वोट कम पड़े।

ये तस्वीर प्रयागराज के ग्रामीण क्षेत्र के पोलिंग बूथ की है।

ये तस्वीर प्रयागराज के ग्रामीण क्षेत्र के पोलिंग बूथ की है।

एक और उदाहरण अमेठी का लेते हैं। अमेठी की शहर सीट पर 54.75% वोटिंग हुई। जबकि तिलोई में 59.31% और गौरीगंज में 57.12% वोट पड़ा। अब बहराइच को लीजिए, यहां शहर सीट पर 55.61% वोटिंग हुई। जबकि बलहा सीट पर 59%, महसी सीट पर 61.73%, मटेरा में 59.78%, पयागपुर में 57.65% मतदान हुआ।

अयोध्या में अगर 54.50% वोटिंग हुई, तो उसके ग्रामीण क्षेत्र बीकापुर में 60.84%, गोसाइगंज में 58.47% और मिलकीपुर में 56.12% वोटिंग हुई। साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर तबके ने लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी सुनिश्चित की है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें