हस्तरेखा शास्त्र एक प्राचीन विधा है, जिसके माध्यम से शरीर की बनावट और हाथ की रेखाओं का अध्ययन कर व्यक्ति के भविष्य और स्वभाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की जाती है, जिस तरह हस्तरेखा विज्ञान में हथेली की रेखाओं का अध्ययन किया जाता है, उसी प्रकार उंगलियों की बनावट और उनकी विशेषताओं से भी कई अहम बातें जानी जा सकती हैं। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की तीसरी उंगली, जिसे अनामिका या रिंग फिंगर कहा जाता है, व्यक्ति के स्वभाव, करियर और आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। यह उंगली कई अहम पहलुओं के बारे में बताती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अनामिका उंगली का आकार और उस पर बनी रेखाएं क्या संकेत देती हैं।

अनामिका उंगली कैसे संकेत देती है?
अनामिका उंगली पर सीधी रेखा
यदि आपकी अनामिका उंगली पर एक सीधी खड़ी रेखा हो, जो पहले पर्व तक पहुंचती हो, तो इसे भाग्यशाली संकेत माना जाता है। ऐसे व्यक्ति आर्थिक रूप से संपन्न होते हैं और जीवन में धन-धान्य प्राप्त करते हैं।

नामिका उंगली पर रेखाएं
अगर किसी व्यक्ति की अनामिका उंगली के आधार पर कुछ सीधी खड़ी रेखाएं हों, तो यह इस बात का संकेत है कि वह अपने जीवन में सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण रहेगा। वहीं यदि ये रेखाएं पहले पर्व से आगे बढ़कर उंगली के जोड़ तक पहुंचती हैं, तो ऐसा व्यक्ति अपनी वाणी से दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

उंगली का लंबा होना
उंगली का लंबा होना
यदि किसी की अनामिका उंगली तर्जनी उंगली (इंडेक्स फिंगर) से लंबी है, तो यह इस बात को दर्शाता है कि व्यक्ति आत्मसम्मान से भरपूर होता है। साथ ही ऐसे व्यक्ति अपने जीवनसाथी की ओर विशेष आकर्षण रखते हैं और उनके प्रति समर्पित रहते हैं।

अनामिका उंगली और तर्जनी उंगली
यदि किसी व्यक्ति की अनामिका और तर्जनी उंगली समान लंबाई की होती है, तो यह इस बात का संकेत देता है कि वह अपनी स्वतंत्रता को अत्यधिक महत्व देता है। ऐसे लोग न तो दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप करना पसंद करते हैं और न ही अपने निजी जीवन में किसी की दखलंदाजी स्वीकार करते हैं।
Add comment