इंदौर.. अंतर भारती. का स्थपना दिवस मानया गया. कार्यक्रम क़ी अध्यक्षता दिलीप राजपाल पूर्व मंत्री ने क़ी मुख्य अतिथि लक्षमी नारायण पाठक और हरनाम सिंह धारीवाल थे. कार्य क्रम मे जानकीलाल पटेरिया ने अंतर भारती. की विस्तृत जानकारी दी. श्री राजपाल ने अपने सम्बोधन मे कहा कि अंतर भारती के जनक साने गरु जी थे. वे एक सुवप्न दृष्ठा थे. वर्तमान मे हमें देखने मे आता है कि देश के कोने. कोने से बलत्कार. रेप. लूट. हत्या जैसी घटनाये हमें रोज अखबारों मे पढ़ ने को मिलती है जिसका मुख्य कारण हमारी संस्कारहीन युवाओ ने जो दुस्यंक्रम किया वह शर्मनाक ही नही. भारत जैसे अध्यत्मीक उन्नति वाले देश के लिय. बड़ा काला धब्बा है . ये धब्बा. केवल सजा. दण्ड से नहीं सुधर सकते इसके लिए हमें हमारे बच्चो को संस्कार की सीख देना और इसकी शुरू वात हमें हमारे घर से करनी होंगी. अंतर भारती भी इसी उद्देश्य को लेकर बालसंस्कार शिविर. बालकथा माला. राष्ट्रीय गीतों के माध्यम से बाल आनंद महोत्सव के कार्यक्रम करती है इन शिविरओ के द्वारा प्रशिक्षीत बच्चे निशचय ही अच्छे संस्कार की शिक्षा लेकर समाज मे जाते हे और बच्चों मे संस्कार का निर्माण करते है. आज हमें यह देखने मे आता है. कि टी. वी. मोबाइल. बैब साइट के दुवारा बचपन से ही भटकाव पैदा करने वाली सामग्री परोसी जा रही है. साथ ही समाज मे नशीले पेय का सेवन बच्चों. बड़ो. के साथ ही शिक्षीत वर्ग भी नशे का सेवन कर रहा है. जिसे कोई रोकने वाला नही है. इसे रोकने के लिए. हर माता –पिता की जिमेमदारी. और समाज मे समाज के गुरुओ की है. कि वे चरित्र निर्माण के साथ समाज मे संस्कारो का निर्माण करे
कार्यक्रम मे अमरचंद वर्मा. सुश्री सुशीला यादव. रास्ट्रीय कवि सत्येंन वर्मा मनोहर मेकेनिक. अजयगायकवाड. नरेंद्रभमरे. संतोष दुबे. रामलाल उसरिया. शिव प्रसाद. सुभाष डांगी, जीतू दिवान, देवी सिंह सेंगर, अनूप श्रीवास, किशन बिसे, केदारनाथ यादव, गोपाल राठौर, भी उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन जानकीलाल पटेरिया, समनव्यक मध्य प्रदेश अंतरभारती ने किया आभार देवी सिंह सेंगर ने माना




