अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*अशोकनगर कलेक्टर एक बार फिर सुर्खियों में,जहां पोस्टिंग वहां दिखाया कमाल, सादगी इतनी कि सिंधिया भी कायल*

Share

मध्य प्रदेश में एक युवा IAS अधिकारी अपनी कार्यशैली और नवाचारों के दम पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. टीकमगढ़ के जतारा इलाके से लेकर अशोकनगर तक… जहां भी जिम्मेदारी मिली वहां इस अधिकारी ने विकास की नई मिसाल पेश की. उन्होंने एसआईआर सर्वे में सबसे पहले 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा कर दिखाया है. इतना ही नहीं कुछ दिन पहले इनके योग्य कार्य के लिए  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तारीफ में कसीदे पढ़े थे. ऐसे में यहां आपको बताते हैं इस अफसर के बारे में सबकुछ…

जहां पोस्टिंग वहां कर दिखाया कमाल 

यह अफसर अधिकारी कोई और नहीं बल्कि अशोकनगर के कलेक्टर आदित्य सिंह हैं. कलेक्टर आदित्य ने एसआईआर सर्वे में अशोकनगर में सबसे पहले 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा कर दिखाया. जिसके बाद वो सुर्खियों में आ गए. इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ करते हुए कहा था, ‘आपके पास ऐसे कलेक्टर हैं जो गाड़ी में बैठकर बत्ती नहीं जलाते, बल्कि साइकिल पर बैठकर अशोकनगर से चंदेरी पहुंच जाते हैं. 

अशोकनगर के कलेक्टर आदित्य सिंह 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं. ये हर दिन साइकिल से फील्ड पर उतरते हैं और लोगों से उनका हाल जानते हैं. 

न कोई दिखावा, न कोई शोर—बस सादगी से भरी एक यात्रा, जिसमें जनता के लिए समर्पण छिपा है. उनकी यह आदत सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है कि असली ताकत बड़े पद या महंगी गाड़ी में नहीं, बल्कि सरलता और सेवा भावना में होती है. जनता की भलाई उनके लिए जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जुनून है… उनकी सादगी और ईमानदारी लोगों को प्रेरित करती है.

अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह अपने तेज तर्रार अंदाज के लिए न केवल जाने जाते हैं, बल्कि किस तरह मैदानी अमले से व जनसहयोग से कैसे काम कराया जाता है उसका भी उदाहरण इनके द्वारा पेश किया जा रहा है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण पेश किया है मध्य प्रदेश में सबसे पहले अशोकनगर में  SIR का 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा कराना. खास यह कि जब एसआईआर सर्वे के दौरान प्रदेश में कई कर्मचारियों की मौत हो गई और कई जगह से काम करने में काफी परेशानी की बातें सामने आई, लेकिन अशोकनगर मध्य प्रदेश में सबसे पहले 100 प्रतिशत डिजिटिलाइजेशन का काम पूरा करने वाला जिला बना

कलेक्टर आदित्य सिंह अपनी सागदी के लिए भी मशहूर हैं. न काफिला, न दिखावा… सिर्फ एक साइकिल और जनता के लिए सच्चा समर्पण… वो अशोकनगर में लगातार साइकिल से भ्रमण करते हैं और जनता तक पहुंचते हैं. इस दौरान वो लोगों से हाल चाल और परेशानियों को जानते हैं. इसके बाद तुरंत हल भी करते हैं. 

कलेकटर आदित्य सिंह ने NDTV को बाताया कि उनके द्वारा साइकिलिंग के माध्यम से शारीरिक रूप से फिट रहने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जाता है. 

युवाओं को दिया खास संदेश

उन्होंने यंग जनरेशन को संदेश देते हुए कहा, ‘यंग जनरेशन को यही संदेश देना चाहेंगे की कड़ी मेहनत और आत्म विश्वास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है. समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना हम सब की जिम्मेदारी है, जिसको हम सबको निभाना है. उसके लिए परिश्रम कर के अपनी सहभागिता देनी है.

कलेकटर आदित्य सिंह ने खाद संकट और मध्य प्रदेश SIR में सबसे पहले सौ प्रतिशत काम पूरा करने पर कहा कि ⁠यह कार्य टीम वर्क के माध्यम से और अग्रिम योजना बना के किया गया. प्रतिदिन VC के माध्यम से प्रति मतदान केंद्र की समीक्षा की गई. मैदानी अमले के मेहनत और सतत निगरानी से इसको हासिल किया गया

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें