रामपुर: शत्रु संपत्ति मामले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ शनिवार को न्यायालय से कोई वारंट जारी नहीं हो सका. आजम खान सीतापुर जेल से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से न्यायालय में पेश हुए. इस मामले में तीन नई धाराएं जोड़ी गई हैं. आजम खान के अधिवक्ता ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश किया और शत्रु संपत्ति के तीन अलग-अलग मामलों को एक पत्रावली में मिलाने का अनुरोध किया. न्यायालय ने इस प्रार्थना पत्र की सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तिथि तय की है.
रिहाई की संभावना
यदि न्यायालय इन सभी मामलों में एक साथ रिहाई के आदेश जारी करता है तो आजम खान जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं. इससे पहले एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने उनके 53 मुकदमों में रिहाई आदेश जारी कर दिए थे. वहीं, पांच अन्य मुकदमे एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रहे हैं. इन मामलों में पिछले सप्ताह जमानतियों के सत्यापन के आदेश जारी किए गए थे और अब रिहाई के आदेश भी जल्द ही दिए जाने की संभावना है. अन्य सभी मामलों में पहले ही जमानत मंजूर हो चुकी है.
शत्रु संपत्ति मामला
शत्रु संपत्ति का यह मामला पहले लखनऊ के सैयद आफाक अहमद व अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया था. इसे कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम के सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद ने सिविल लाइंस थाने में 9 मई 2020 को दर्ज कराया था. इस मामले में अब तक कई धारा बढ़ाई जा चुकी हैं और न्यायिक प्रक्रिया चल रही है. आजम खान के पक्ष ने सभी मामलों को एक पत्रावली में मिलाने का आग्रह किया है, ताकि न्यायालय जल्दी निर्णय कर सके और रिहाई की प्रक्रिया पूरी हो.
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि न्यायिक प्रक्रिया में समय लग रहा है, लेकिन संभावित रिहाई से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. आने वाली सुनवाई के बाद यह तय होगा कि क्या आजम खान जेल से बाहर आ पाएंगे या उन्हें और समय तक न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करना होगा.





