इंदौर
सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन के बनाए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे अमल में लाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक 255 पीड़ित सामने आए हैं, जिनसे करीब 25 करोड़ की धोखाधड़ी हुई है। इनमें 150 के करीब प्लॉट की रजिस्ट्री वाले हैं, जिन्हें 15 करोड़ से ज्यादा कीमत के प्लॉट भूमाफियाओं से जमीन लेकर किसी न किसी जगह दिए जाएंगे।
वहीं डायरी व रसीदों पर सौदे करने वालों का हिसाब 9 से 10 करोड़ के बीच बन रहा है। यह राशि भी पीड़ित और पक्षकारों को आपस में बैठाकर समझौते के तहत दिलाई जाएगी। इन सभी के लिए पहले ही यह सभी शपथ पत्र दे चुके हैं, जो सुप्रीम कोर्ट में पेश हो चुके हैं। इन्हीं शर्तों पर भूमाफिया चंपू अजमेरा, सोनाली अजमेरा, हैप्पी उर्फ जितेंद्र धवन को अंतरिम जमानत मिली है।

अब यह सभी मिलकर करेंगे सेटलमेंट
चंपू अजमेरा और उसकी पत्नी योगिता, पुत्र आर्जव अजमेरा, चिराग शाह और उसका मैनेजर साजिद खान, हैप्पी धवन की पत्नी अनुराधा और भाई लक्की धवन, कैलाश गर्ग, बेटा पवन गर्ग व सीए आरएम मंडोरा, नीतेश चुघ व पिता मोहन चुघ, अरुण डागरिया व बेटा आदित्य डागरिया, जितेंद्र पंवार, रजत वोहरा।
भूमाफिया अपनी बात से पलटे तो जेल भेजेंगे, संपत्ति कुर्क कर राशि लौटाएंगे : कलेक्टर
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पीड़ितों को राहत देने को लेकर जो निर्देश दिए गए हैं, उसका पूरा पालन होगा। जो लिखित वादे से पलटेगा, उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आवेदन लगाकर जेल भेजा जाएगा। संपत्ति चिह्नित है। उसे कुर्क कर पीड़ितों को राशि लौटाई जाएगी। – मनीष सिंह, कलेक्टर
कालिंदी गोल्ड 96 पीड़ित हैं
इसमें गोल्ड सिटी डेवलपर्स फर्म जुड़ी है। इसमें संजय जैन, महावीर जैन और निकुल कपासी डायरेक्टर हैं। कुल पीड़ित 96 हैं। पीड़ितों को इसी कॉलोनी के पीछे चंपू की पत्नी योगिता द्वारा बनाई जा रही कॉलोनी में प्लॉट दिए जा रहे हैं। बाकी को राशि दी जाएगी।
फीनिक्स डेवकान्स 88 पीड़ित हैं
यह कंपनी लिक्विडेट हो चुकी है। डायरेक्टर रजत बोहरा जेल में बंद है। इसमें 88 पीड़ित सामने आ चुके हैं। मौके पर ही प्रशासन के पास 40 से ज्यादा प्लॉट देने की स्थिति है। कुछ लोगों को एटलांटिस कॉलोनी में प्लॉट दिए जाएंगे।
सैटेलाइट हिल्स 71 पीड़ित हैं
बीडी होतवानी व प्रेमलता गर्ग डायरेक्टर हैं। 71 पीड़ित सामने आ चुके। मौके पर जमीन खाली है। नपती कर रजिस्ट्री वालों को प्लॉट देंगे। बाकी रसीद, डायरी वालों को राशि लौटाई जाएगी। आपत्ति के बाद भी जमीन पर कैलाश गर्ग ने लोन लिया है।
भूमाफिया से निपटने के लिए सोसायटी में भी चल रही इसी तरह की मुहिम
भूमाफियाओं के खिलाफ एक साल से मुहिम चला रहे जिला प्रशासन ने पुष्पविहार, अयोध्यापुरी आदि जगह पर यही तरीका अपनाया है। भूमाफियाओं से जमीन छुड़ाकर सोसायटी के कब्जे मंे कराई और तीन हजार से अधिक पीड़ितों को प्लॉट दिए गए।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त होते ही प्रस्ताव बनाने में जुटे प्रशासन के अफसर
सुप्रीम कोर्ट के 13 नवंबर को आदेश के बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर को नोडल अधिकारी बनाकर एसडीएम अंशुल खरे, पराग जैन, विशाखा देशमुख, तहसीलदार मनीष श्रीवास्तव, रितेश जोशी, लोकेश आहूजा, शैफाली अग्रवाल, प्रीति भिसे, राजेश सोनी की टीम बनाई। लगातार बैठकों के बाद यह प्रस्ताव बना, जो सुप्रीम कोर्ट में मंजूर हुआ।





