नीलम ज्योति
_खून की नलियों से फालतू शुगर निकालने में समर्थ बथुआ 30 रोगों का दुश्मन है. डायबिटीज के मरीजों को बथुआ के पत्ते फालतू ब्लड शुगर से दूर रखते हैं। ठंड में बथुआ को साग, परांठे और रोटी बनाकर खाते हैं._
*बथुआ खाने के प्रमुख फायदे :*
सभी डॉक्टर ठंड में मौसमी सब्जियों को खाने की सलाह देते हैं। इनमें ठंड की बीमारियों से बचाने वाले गुण होते हैं।
इस मौसम में पालक, सरसों, मेथी और बथुआ (Bathua Benefits in winter) हेल्दी फूड माने जाते हैं।
ब्लड शुगर बढ़ने से रोकने के लिए बथुआ खाना चाहिए। क्योंकि, आयुर्वेद डॉक्टर इसे खून साफ करने वाला फूड मानते हैं। इतना ही नहीं, बथुआ खाने से शरीर 30 रोगों से आजाद हो जाता है।
यह शक्तिवर्धक औषधि डायबिटीज में ब्लड शुगर को कंट्रोल रखती है।
डायबिटीज के घरेलू उपाय करने के लिए ऐसे फूड का सेवन करना चाहिए, जो ब्लड ग्लूकोज को बढ़ाने के बजाय कंट्रोल रखें। आयुर्वेदिक डॉक्टर अबरार मुल्तानी के अनुसार, डायबिटीज के मरीज डाइट में बथुआ की पत्तियां जोड़कर ब्लड शुगर को मैनेज कर सकते हैं।
बथुआ में फाइबर होता है। सीडीसी के मुताबिक, फाइबर के एकदम ना टूटने से ब्लड शुगर में बढ़ोतरी नहीं होती। आयुर्वेद में बथुआ को रक्त शोधक कहा जाता है। यह खून की नलियों को साफ करके ब्लड शुगर बढ़ने से बचाता है।
रक्त शोधक होने के कारण बथुआ के फायदे लिवर को भी मिलते हैं। यह हरा-पत्तेदार फूड लिवर से गंदगी निकालकर उसे साफ बनाता है, जिससे लिवर के रोगों से बचाव होता है।
बथुआ में एंटी-इंफ्लामेटरी और पेनकिलिंग इफेक्ट होते हैं। ठंड में होने वाली सूजन और दर्द से यह राहत देता है। आर्थराइटिस के मरीजों के लिए यह काफी शक्तिवर्धक फूड है।
बथुआ को डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है। आप बथुआ की रोटी, परांठा, सब्जी और साग बनाकर खा सकते हैं। आयुर्वेद में बथुआ को त्वचा के ऊपर लगाकर भी थेरेपी की जाती है।
आयुर्वेद में बथुआ को सात्विक आहार कहा गया है, जिसमें भरपूर पोषण होता है। यह आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम के साथ विटामिन ए, सी और बी6 का बेहतरीन स्रोत है। इसलिए बच्चों को बथुआ खाने की आदत जरूर डालनी चाहिए।
लिवर में दिक्कत आने से भूख घटना, पेट में दर्द, पीलिया, थकान, पेशाब का रंग गहरा होना जैसे 10 रोग होते हैं। वहीं, क्लीवलैंड क्लीनिक इंफ्लामेशन को 10-11 रोगों की जड़ मानता है। इसी तरह खून में विषाक्त पदार्थ बढ़ने से 10 से ज्यादा परेशानी होने लगती है। इन सभी रोगों को बथुआ बिल्कुल दूर रखता है।





