अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

…बेबाक..फक्कड़ राजनीतिज्ञ..आदरणीय महेश जोशी..

Share

हृदयेश दीक्षित

इंदिराजी के कट्टर समर्थक और मामा बालेश्वरदयाल जैसे फक्कड़ समाजवादी को अपना आदर्श मानने वाले मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री महेश जोशी के बारे में लाखों लोगों ने सुना बहुत ज्यादा हैं.. लेकिन क्षमा करें..उन्हें सही मायने में जानने वाले लोग कम ही हैं..विगत 26 अप्रैल यानि लगभग एक बरस पहले जब मेंरी माँ के निधन पर जोशीजी का फोन आया था.. तब बोले थे. बड़ी बाई (जीजी)के निधन पर शोक व्यक्त करने कुशलगढ़ से इंदौर नहीं आ पा रहा हूँ..बोले थे.. हृदये़श.. लेकिन बेटा मैं तुम्हारे साथ हूँ…ये शब्द आज भी कानों में गूंज रहे हैं. थोड़े अंतराल बाद एक दिन अनायास जोशीजी इंदौर स्थित घर पर आए..और मजाकिया अंदाज में कहने लगे.. हृदयेश.. तुम्हारे मामा यानि मेरे बड़े भैया रामनारायण तिवारी (मेजर) ने हमेशा मुझे राजनीति में पछाड़ने का काम किया..लेकिन वो नहीं पछाड़ पाए..(बहुत कम लोग जानते हैं कि महेश जोशी जी के सामने मेरे मामा सन 1972 में विधानसभा का चुनाव लड़े थे) इसी तरह वो ये भी कहते थे…कि मेरे अभिन्न मित्र तुम्हारे ससुर पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाश तिवारी भी मुझे कभी अपने अखाड़े में स्वीकार नहीं करते थे.. इसलिए सदैव…तुम्हें करेला (यानि भांजा) और नीम चढ़ा (यानि दामाद) बोलता था.. जोशीजी अक्सर कहते थे कि हृदयेश तुम इस लिहाज से सबसे पहले मेरे भांजे जरूर हो..लेकिन पत्रकार कभी नहीं..यह बात सुनने में अटपटी लगती थी या यूँ कहें कर्णप्रिय नही थी.. लेकिन यही स्पष्टवादिता और बेबाक रवैया उनके चरित्र को दर्शाता था, उनकी साफगोई का ये अंदाज कइयों के गले नहीं उतरता था.. लेकिन यही बेबाक अंदाज जोशीजी की असल पहचान दशकों तक रहा जिसे कांग्रेस के भी कई दिग्गज नेताओं ने स्वीकारा.. मैं सौभाग्यशाली रहा कि उन्होंने मुझे बहुत स्नेह दिया.. अभी 24 घंटे पहले उनके पारिवारिक केयरटेकर राजेश का फोन मेरे पास आया था कहने लगा दादा (जोशी जी) कुछ बोलना चाहते हैं लेकिन बोल नहीं पा रहे हैं .. आप एकबार मिलने जल्दी से आ जाओ… सच कहता हूँ.. राजेश की ये बात सुनकर मेरी आंखें भर आई.. मुझे लगा क्या ये संभव है.. कि महेश जोशीजी जैसा जबर्दस्त कद्दावर नेता इस तरह कमजोर, असहाय होकर सिर्फ बिस्तर पर मौन पड़ा रहे.. हां.. आज ऐसा ही कुछ हो गया है.. प्रदेश की राजनीति की एक बुलंद (शख्सियत) किंगमेकर हमेशा- हमेशा के लिए खामोश हो गया है.. अभी कुछ दिन पहले मेरी उनसे दिग्विजय सिंह जी की मौजूदगी में बहुत लंबी अंतरंग मुलाकात हुई.. आदरणीय मामा (जोशी जी)आपका मुझ पर ये कर्ज है..कैसे चुकाऊंगा तय नहीं कर पा रहा हूं..आप वाकई.. अद्भुत ..अद्वितीय.. बेमिसाल.. व्यक्तित्व थे है और रहेंगे… चरणों में नमन…

लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रदेश टुडे के प्रधान संपादक हैं।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें