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रणजीत हनुमान मंदिर में एक लाख भक्तों का भंडारा

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रणजीत हनुमान मंदिर में मंगलवार को भंडारा होगा। इसे लेकर पूरी तैयारियां की जा चुकी है। इस बार मंदिर के ग्राउंड में बैठकर खाने के साथ ही इस बार नई व्यवस्था की गई है। जो लोग मंदिर में खाना चाहें उनके लिए पार्किंग ग्राउंड में इंतजाम किए गए हैं। लेकिन जो श्रद्धालु साथ में ले जाना चाहें वे लाइन में लगकर पार्सल करा सकेंगे। करीब एक लाख लोगों के लिए प्रसादी तैयार की जा रही है। भंडारा शाम 6 बजे शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा।

मंदिर में इस भंडारे का मैनेजमेंट…

पहले तो आपको भंडारे का मैन्यू बता दें। इस बार भंडारे में पुड़ी, रामभाजी, लौंजी, नुक्ती और भजिए का प्रसाद मिलेगा। करीब 85 हजार से ज्यादा लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है, हालांकि उम्मीद है कि भंडारे में 1 लाख से ज्यादा लोग भोजन कर सकेंगे। भंडारे के लिए पूरा मैनेजमेंट भी मंदिर के भक्त मंडल द्वारा संभाला जाएगा। कैंटरिंग के 350 लोग रहेंगे, जो लगातार भक्तों के लिए गर्म भोजन तैयार करेंगे। वहीं दूसरी तरफ व्यवस्था संभालने वालों में 500 भक्त मंडल के सदस्य रहेंगे। जो परोसगारी के साथ अन्य व्यवस्था संभालेंगे। इसमें महिला व पुरुष शामिल हैं। बाहर की भीड़ को मैनेज करने के लिए 200 लोगों की टीम रहेगी।

भंडारे की प्रसादी के लिए नुक्ती और भजिए तैयार कर लिए गए हैं।

भंडारे की प्रसादी के लिए नुक्ती और भजिए तैयार कर लिए गए हैं।

महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था

भंडारे में महिला-पुरुषों के लिए भोजन की अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। ग्राउंड में बैठकर खाने वालों के लिए नीचे छोटे पाट लगाए जाएंगे। ताकि वे आराम से बैठ कर भोजन कर सकें। जो लोग बैठकर भोजन नहीं करना चाहेंगे उन्हें अपने साथ ले जाने का भी इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए दोनों तरफ 8-8 काउंटर बनाए गए हैं। प्रसाद की पांचों व्यंजन परोसने के लिए भी पांच लोग से ज्यादा एक काउंटर पर रहेंगे।

भंडारा प्रसादी के लिए पूड़ी बनाती महिलाएं।

भंडारा प्रसादी के लिए पूड़ी बनाती महिलाएं।

भंडारे में बड़ी संख्या में भक्त यहां आते हैं। ऐसे में मंदिर के बाहर लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता है। भोजन प्रसादी सभी को मिल सके और लोगों को दिक्कत न हो इसके लिए इस बार ये व्यवस्था की गई है। ताकि ज्यादा से ज्यादा भक्त, भगवान की इस प्रसादी को ग्रहण कर सकें। वैसे तो ग्राउंड में एक बार ढाई हजार लोग बैठकर भोजन कर सकते हैं।

पार्किंग के लिए होना पड़ सकता है परेशान

मंदिर परिसर के अंदर ही पार्किंग वाले ग्राउंड पर बैठकर भोजन कराने और पार्सल कराने के इंतजाम रहेंगे। इस वजह से पार्किंग यहां नहीं हो सकेगी। प्रसाद लेने वालों को मंदिर परिसर के आसपास के इलाकों में ही पार्किंग करना होगी। ऐसे में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। हालांकि मंदिर समिति का कहना है कि ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान भी तैनात रहेंगे। आसपास की गलियों में वाहनों की पार्किंग होने पर लोगों को जरूर समस्या आ सकती है।

मंदिर में लौंजी बनाने के लिए चल रहा कैरी काटने का काम।

मंदिर में लौंजी बनाने के लिए चल रहा कैरी काटने का काम।

भंडारे के लिए आई सब्जियों को सुधारती महिलाएं।

भंडारे के लिए आई सब्जियों को सुधारती महिलाएं।

चलिए अब जान लेते है भंडारे में कितना सामान लग रहा है…

मंदिर में 2013 से एक ही कैटरिंग वालों द्वारा भोजन तैयार किया जा रहा है। खाने में एक क्विंटल काजू, एक किलो केसर भी इस्तेमाल की जाएगी। इस बार खाने के लिए ये सामग्री होगी इस्तेमाल-

  • – 90 क्विंटल आटा
  • – 200 डिब्बे तेल
  • – 80 डिब्बे शुद्ध घी
  • – 26 क्विंटल बेसन
  • – 80 क्विंटल सब्जियां
  • – 10 क्विंटल केरी
  • – 1 किलो केसर
  • – 5 किलो इलायची
  • – 100 किलो काजू
  • – 100 किलो किशमिश
  • – एक हजार किलो मसाला
  • – 22 क्विंटल शक्कर
  • – 400 किलो नमक

भोजन तैयार करने के लिए 350 लोगों की टीम रहेगी। 7 लकड़ी वाली भट्टी और 5 गैस टंकी वाली भट्टियों पर भोजन तैयार किया जाएगा। 20 बड़े कडाव में रामभाजी तैयार होगी। एक कड़ाव सब्जी में 5 हजार से ज्यादा लोग भोजन कर सकते हैं। नुक्ती बनाने का काम सोमवार को भट्टी पूजन के साथ ही शुरू कर दिया गया है। जन सहयोग से भोजन की व्यवस्था की जा रही है।

नुक्ती में डालने के लिए एक किलो केसर का किया जा रहा इस्तेमाल

नुक्ती में डालने के लिए एक किलो केसर का किया जा रहा इस्तेमाल

इतना भोजन होगा तैयार

मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि 85 हजार लोगों का भोजन तैयार किया जा रहा है, जिसमें 1 लाख भक्त भोजन कर सकेंगे। अगर क्वांटिटी की बात करें तो 100 क्विंटल सब्जी, 20 क्विंटल लोंजी, 30 क्विंटल भजिए, 200 क्विंटल पुड़ी और 55 क्विंटल नुक्ती तैयार की जा रही है।

55 क्विंटल नुक्ती तैयार करते कारीगर

55 क्विंटल नुक्ती तैयार करते कारीगर

2 साल से 51 मंदिरों को पहले लगता है भोग

भंडारे की परंपरा मंदिर में 135 सालों से चली आ रही है। 2013 के बाद से बड़ी संख्या में भक्त यहां भंडारे में जुटने लगे है। दो साल पहले तक 31 मंदिरों में भोग पहुंचाया जाता है। पिछले दो साल से मंदिरों की संख्या बढ़ाकर 51 कर दी गई है। दोपहर 2 बजे भगवान रणजीत बाबा तो भोग अर्पित करने के बाद दो अलग-अलग टीमें 51 मंदिरों में भोग अर्पित करने जाएगी। इसमें एक टीम 31 मंदिर तो दूसरी टीम 20 मंदिरों में जाएगी।

ऐसे शुरू होगा भंडारा

पं. दीपेश व्यास के मुताबिक 2 बजे रणजीत बाबा को भोग अर्पित करने के बाद 51 मंदिरों में भोग पहुंचाया जाएगा। शाम को 6 बजे 251 बटुक ब्राह्मणों को भोजन कराया जाएगा। इसके साथ ही भंडारे की शुरुआत होगी। शाम को शुरू होने वाला भंडारा रात करीब 2 बजे तक अंतिम व्यक्ति आने तक जारी रहेगा।

एसडीएम ने देखी पूरी व्यवस्था, दिए सुझाव

सोमवार को एसडीएम विकास कुमार मंडलोई भी दोपहर में मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने मंदिर के पुजारी पं.दीपेश व्यास और भक्त मंडल के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने भक्तों के भोजन करने के स्थान, भोजन तैयार होने वाली जगह के साथ ही पूरे मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एक काउंटर से भक्त कितने देर में भोजन लेकर बाहर हो सकता है, इसका कैलकुलेशन भी उन्होंने किया। इसके साथ ही उन्होंने भोजन व्यवस्था को लेकर कुछ जरुरी सजेश्न भी दिए। वे काफी देर मंदिर में रुके और भोजन तैयार होने से लेकर वेस्ट मैनेजमेंट के बारे की पूरी व्यवस्था देखी।

एसडीएम ने देखी भंडारे की पूरी व्यवस्था, जरुरी दिशा-निर्देश भी दिए।

एसडीएम ने देखी भंडारे की पूरी व्यवस्था, जरुरी दिशा-निर्देश भी दिए।

Ramswaroop Mantri

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