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चिंतन शिविर: कांग्रेस में छोटे दलों से गठबंधन पर रार; बड़े नेताओं ने की वकालत, बिहार ने किया विरोध

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चिंतन शिविर: कांग्रेस में छोटे दलों से गठबंधन पर रार; बड़े नेताओं ने की वकालत, बिहार ने किया विरोध

भविष्य की रणनीति का खाका तैयार के लिए कांग्रेस नव संकल्प की तैयारी में जुटी है। इसमें पार्टी नेता संगठन को मजबूत बनाने से ज्यादा चुनावी जीत पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। ज्यादातर सदस्यों की राय है कि कांग्रेस को नए सहयोगियों की तलाश करनी चाहिए। राज्य स्तर पर गठबंधन करना चाहिए।

एक नेता ने बताया कि अभिषेक मनु सिंघवी, प्रमोद तिवारी और पृथ्वीराज चव्हाण आदि ने सहित कई नेताओं की दलील थी कि ‘एकला चलो’ मॉडल अपनाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं है। इसलिए गठबंधन की संभावना तलाशनी चाहिए। हालांकि, गठबंधन पर सभी नेता एकमत नहीं है। कई नेताओं की राय थी कि अकेले चुनाव लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। नव संकल्प में सिर्फ पहले से तय विषयों पर चर्चा को लेकर भी कुछ सदस्यों ने नाराजगी जताई है। कई सदस्य हार के कारणों पर चर्चा चाहते हैं, पर उनसे कहा गया कि आगे की रणनीति पर बात करे।

गठबंधन का विरोध
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बिहार कांग्रेस के नेताओं ने गठबंधन का विरोध किया। उनकी दलील थी कि दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत है। सबसे ज्यादा मतभेद हार के कारणों पर चिंतन को लेकर है। पार्टी नेता हार के कारणों पर अपनी राय रखना चाहते हैं।

ईवीएम का मुद्दा भी उठा
राजनीतिक समिति में चर्चा के दौरान ईवीएम का मुद्दा भी उठा। पार्टी के एक नेता ने कहा कि कई सदस्यों ने कहा कि इस पर भी विचार किया जाना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी सभी समितियों की चर्चा में शामिल हो रहे हैं।

राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग
व संकल्प शिविर में हिस्सा ले रहे पार्टी के ज्यादातर नेताओं ने राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग की है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि रविवार को राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के भाषण के दौरान युवा नेता इस तरह की मांग उठा सकते हैं। शिविर में हिस्सा लेने वाले नेता पचास साल की कम उम्र के हैं।

चिंतन नहीं
कांग्रेस ने चिंतन शिविर से चिंतन शब्द हटा दिया है। पार्टी नव संकल्प शिविर के बैनर के साथ चर्चा कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि, हार के कारणों पर कोई चर्चा न हो। सभी सदस्य सिर्फ भविष्य की रणनीति पर बात करें।

कांग्रेस चिंतन शिविर का आज अंतिम दिन, आखिर कैसे G23 नेता अपनी बात मनाने में रहे सफल

कांग्रेस जी23 के नेता पार्टी के संसदीय बोर्ड में बदलाव करने की अपनी मांग को पूरा कराने में सफल रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, “कांग्रेस पार्टी संसदीय बोर्ड का गठन किया जाएगा। जी23 नेताओं ने उदयपुर चिंतन शिविर में मांग की थी कि बोर्ड का गठन किया जाए।”

पार्टी के चिंतन शिविर में एक प्रमुख कांग्रेस पैनल ने निजी क्षेत्र में आरक्षण का समर्थन किया है और जाति जनगणना की मांगों के लिए भी समर्थन जताया है। सामाजिक न्याय पर पार्टी पैनल ने कहा कि वह कांग्रेस कार्य समिति सहित कमजोर वर्गों के लिए संगठन के भीतर सभी स्तरों पर 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की सिफारिश करेगा। यह विधानसभा और संसद में ओबीसी के लिए आरक्षण की सिफारिश करने के लिए भी इच्छुक है।

पैनल की सिफारिशों पर कांग्रेस कार्य समिति करेगी विचार
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और के राजू ने मीडिया को बताया कि एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता की पुष्टि के लिए संगठनात्मक सुधारों की आवश्यकता है। अंतिम निर्णय से पहले पैनल की सिफारिशों पर कांग्रेस कार्य समिति की ओर से विचार किया जाएगा।

राहुल कश्मीर से कन्याकुमारी तक करेंगे यात्रा
इस बीच पार्टी सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगले साल कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा करेंगे, इसमें से अधिकतर पदयात्रा होगी। कांग्रेस का तीन दिवसीय चिंतन शिविर रविवार को समाप्त होना है। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के रोडमैप को लेकर छह समितियों की सिफारिशों पर विचार करेगी। 9 साल के अंतराल के बाद उदयपुर में आयोजित चिंतन शिविर में लगभग 430 नेताओं ने भाग लिया।

Ramswaroop Mantri

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