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*करैरा में दो साल से चल रहे अवैध खनन का बड़ा खुलासा:BJP नेता ने पहाड़ गायब कर दिया!*

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शिवपुरी के करैरा में दो साल से चल रहे अवैध खनन का बड़ा खुलासा. बीजेपी मंडल अध्यक्ष और उनके भाइयों पर 54 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना. चंगेज पहाड़ी से खुलेआम मुरम और बोल्डर निकाले गए. सोशल मीडिया में मामला आने के बाद प्रशासन हरकत में आया. जानिए पूरा मामला, कार्रवाई और आगे क्या हो सकता है.

शिवपुरी जिले के करैरा इलाके में स्थित चंगेज पहाड़िया पर बीते दो साल से चल रहा अवैध खनन का खेल अब सामने आ गया है. आरोप है कि करैरा भाजपा मंडल अध्यक्ष वीनस गोयल और उनके दो भाई भावेश गोयल व राजेश गोयल मिलकर पहाड़ी से मुरम और बोल्डर का अवैध उत्खनन कर रहे थे. बताया जा रहा है कि इस दौरान पूरी पहाड़ी को लगभग खोद डाला गया.

मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी ने खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तीनों भाइयों पर 54 करोड़ 58 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई मध्य प्रदेश खनिज अवैध खनन, परिवहन और भंडारण निवारण नियम 2022 के तहत की गई है.

कलेक्टर के आदेश में साफ कहा गया है कि यदि तय समय सीमा में राशि जमा नहीं की गई तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यह पूरी राशि आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर खनिज खाता 0853 में जमा करनी होगी.

जुर्माना कैसे पहुंचा 54 करोड़ तक
प्रशासन के मुताबिक नियमों के तहत पहले रॉयल्टी का 15 गुना जुर्माना और पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया. इसके बाद कुल 27 करोड़ 29 लाख रुपये की राशि को नियम अनुसार दोगुना कर 54 करोड़ 58 लाख रुपये कर दिया गया.

एसडीएम को जांच के सख्त निर्देश
कलेक्टर ने करैरा एसडीएम अनुराग निंगवाल को निर्देश दिए हैं कि संबंधित भूमि की मौके पर जाकर जांच की जाए. अगर वहां अवैध कॉलोनी या छोटे भूखंडों की खरीद-फरोख्त पाई जाती है, तो मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 339-ग के तहत केस बनाकर 15 दिन में रिपोर्ट दी जाए.

खुलेआम चलता रहा खेल, सब चुप रहे
हैरानी की बात यह है कि यह अवैध खनन चोरी-छिपे नहीं, बल्कि खुलेआम चल रहा था. बताया जाता है कि मौके पर 10 से 12 हिटैची मशीनें और डंपर लगातार मुरम और बोल्डर निकाल रहे थे. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग लंबे समय तक आंखें मूंदे रहा. जब मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने लगा, तब जाकर प्रशासन को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी. चूंकि मामला सत्ता से जुड़े व्यक्ति का था, इसलिए कार्रवाई में देरी के आरोप भी लग रहे हैं.

Ramswaroop Mantri

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