रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा में पिछले दिनों से खाद मिलने की आस में खड़े किसानों पर पुलिसने बल प्रयोग कर दिया. जिन किसानों को खाद और टोकन नसीब नहीं हुआ था वे किसान मंडी रात में कतार लगा कर सुबह होने का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान किसानों की तबियत बिगड़ने लगी तो प्रशासन ने बिस्किट पानी का इंतजाम किया. रात में पुलिस घर जाने के लिए एनाउंस कर दिया. जब किसानों ने विरोध जताया तो पुलिस ने लाठियां मार कर खदेड़ दिया.
शहर की करहिया मंडी स्थित खाद गोदाम का यह मामला है. रविवार को जैसे ही यूरिया बंटने की खबर मिली हजारों किसान मंडी में कतार लगा कर खड़े हो गए. यूरिया की आस में दिन रात किसान, महिलाएं और बच्चे भूखे प्यासे डटे रहे. इस दौरान मौसम की मार पड़ी, बारिश हुई और पानी से किसान तर बतर हो गए.
इसके अलावा, भूख-प्यास से कई किसानों को चक्कर आ गए. न तो भोजन का ठिकाना और ना ही पानी मिल रहा था. बावजूद इसके किसान लाइन छोड़कर जाने को तैयार नहीं थे. मजबूरन प्रशासन ने किसानों को धूप पानी से बचाने के लिए तिरपाल लगाई, बिस्किट, पानी आदि का इंतजाम किया.
यह सुनकर किसान आक्रोशित हो गए. जैसे ही किसानों ने विरोध जताया, पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठियां चला दीं. किसानों को खदेड़ कर गोदाम से दूर भगा दिया.
प्रशासन का कहना है कि यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है. बावजूद इसके किसानों को लग रहा है कि उन्हें खाद नहीं मिलेगा और इस वजह से काफी सांख्य में एक साथ पहुंच रहे हैं. जिससे वितरण की व्यवस्था बिगड़ रही है. प्रशासन की इस हरकत से किसानों में काफी रोष देखने को मिल रहा है.
भारी बारिश में भीगते-ठिठुरते खड़े रहे, भूखे-प्यासे 5 घंटे तक लाइन में लगे रहे किसान, यूरिया के लिए संघर्ष
अशोकनगर: मध्य प्रदेश में इन दिनों झमामझ बारिश हो रही है। अच्छी बरसात से किसानों के चेहरों पर खुशी है लेकिन खाद नहीं मिलने के कारण वह परेशान हैं। अशोकनगर जिले में किसान यूरिया के लिए परेशान है। मूसलाधार बारिश के बीच लंबे समय से यूरिया के इंतजार में बैठे किसानों को जैसे ही जानकारी मिली की यूरिया की खेप आई है वह भीगते हुए लाइन में घंटों खड़ा रहा।
यूरिया आने की जानकारी मिलते ही भीड़ सरकारी वेयरहाउस पर टूट पड़ी। जहां तेज बारिश के बीच किसान लाइनों में घंटा तक भीगता और ठिठुरता रहा। जिले में यूरिया की कमी के चलते किसान काफी परेशान था। सोमवार को जिले के लिए 2965 मैट्रिक टन यूरिया की सप्लाई की गई है जिसके बाद किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा।
देर रात से हो रही तेज बारिश के बाद किसानों खाद लेने के लिए पहुंच गए। मजबूरी में किसान तेज बारिश के बीच यूरिया के लिए पहले टोकन लेने के लिए लाइन में खड़ा रहा उसके बाद यूरिया लेने के लिए लंबी कतार में खड़ा रहा। कुछ किसानों ने बताया कि वह खाद लेने के लिए सुबह 3 बजे ही गोदाम में आकर लाइन में लग गए थे। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के बीच टोकन और खाद के लिए हम घंटों खड़े रहे।
कोई छाता तो कोई पन्नी के सहारे खड़ा रहा
तेज बारिश से बचने के लिए किसान अपने साथ छाता और पन्नी ओढ़कर खड़े थे। कुछ किसान बिना किसी सहारे के भीगते हुए ठिठुरते रहे लेकिन लाइन से नहीं हटे। किसानों का कहना था कि लाइन से एक बार हटे तो फिर कब नंबर आएगा। इसलिए बारिश में भीगते हुए हम खड़े रहे।
लंबी-लंबी कतारें घंटों का इंतजार
किसानों को यूरिया कितनी जरूरी है यह इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान बारिश के बीच भी हजारों की संख्या में पहुंचे। लाइनों में अपनी बारी के लिए 5 से 6 घंटे तक भूखे प्यासे खड़े रहे।





