अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

 बिल्किस बानो से लेकर बृजभूषण सिंह तक भाजपाई चरित्र  

Share

-सुसंस्कृति परिहार

बड़े अफसोस एवं शर्म की बात है कि भाजपाई सरकार का स्त्रियों के प्रति जो दृष्टिकोण है वह बहुत त्रासद है।यह उस बात से भी जाहिर होता है जब साहिब की जुब़ा असहजता से बोल भी जाती है  ‘बेटी बचाओ-बेटी पटाओ।’ आज जिस बृजभूषण शरण सिंह के कुकृत्यों की चर्चा आम जुबान पर है और जिसे लेकर पहलवान लड़कियां आंदोलनरत हैं उसके चर्चे देश की सीमा से बाहर भी विस्मय के साथ देखे सुने जा रहे हैं क्योंकि वह कुश्ती संघ का अध्यक्ष है हालांकि एक नाबालिग और सात महिला पहलवानों ने इस भाजपाई शख़्स के खिलाफ एफआईआर  दर्ज़ करा दी है किंतु अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है जबकि उसे पास्को एक्ट के तहत तुरंत गिरफ्तार हो जाना चाहिए था।बेटी पटाओ में माहिर इस व्यक्ति पर एक हजार के लगभग यौन शोषण और यौन हिंसा के मामले बताएं जा रहे हैं।  

 खबरों के मुताबिक महिला पहलवान यौन शोषण मामले में नया मोड़ आ गया है और ऐसा इस मामले के आरोपी बृजभूषण शरण सिंह के ट्वीट से हुआ है। जिसमें उसने कहा है कि पीएम मोदी कहेंगे तो इस्तीफा दे दूंगा, अमित शाह और नड्डा कहेंगे तो भी दे दूंगा। सिंह के इस ट्वीट के बाद ही विपक्ष के निशाने पर पीएम मोदी और अमित शाह आ गए हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बृजभूषण शरण सिंह के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी जी हां कर दीजिए न्याय को आप की हां का इंतजार है।मगर यह नामुमकिन है क्योंकि वे भाजपा की शरण में हैं।

इसके पहले एबीपी से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार दिबांग को दिए एक साक्षात्कार में बृजभूषण शरण सिंह ने इस पूरे मामले के पीछे बाबा का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि ये बाबा कौन है इसको लेकर कयासों का बाजार गर्म है। कोई कह रहा है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो सकते हैं क्योंकि उनका भी सिंह से रिश्ता खराब है। तो कुछ दूसरे लोग बाबा रामदेव की तरफ इशारा कर रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि बाबा रामदेव से भी सिंह के रिश्ते ठीक नहीं रहे हैं। पतंजलि नाम को लेकर एक दौर में दोनों के बीच काफी विवाद हो गया था।लगता है सरकार के इशारे पर इस मामले को नया रंग देने की मुहिम चल रही है।

 उधर इन दिनों जंतर मंतर पर रोजाना नामचीन खिलाड़ियों का पहुंचना और उनके प्रति व्यक्त सद्भाव महिला पहलवानों में साहस भर रहा है किंतु एक महिला पहलवान जब ये कहती है उसे अपनी ताकत पर बहुत भरोसा था वह टूट चुका है। दिल को दुखा देता है।खाप पंचायत प्रमुखों ने सबसे पहले आकर उनका हौसला बढ़ाया ।विपक्षी नेताओं का जमघट भी बराबर तसल्ली बख़्श रहा है।किसान नेता राकेश टिकैत भी इस आंदोलन के समर्थन में उतरे हुए हैं। पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का समर्थन भी मायने रखता है किंतु भाजपा सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही।काश!अवाम निर्भया कांड की तरह एक जुट होकर इन होनहार विदेशों से अपनी मेहनत की बदौलत पदक जीतने वाली महिला पहलवानों को भी हाथों-हाथ लेकर सरकार को आईना दिखा पाती।

आज के दहशतज़दा माहौल में यह एकजुटता बड़े मुश्किल काम की तरह है जबकि सरकार के चाल और चरित्र का कच्चा चिट्ठा हमारे सामने है।याद करिए बिल्किस बानो के बलात्कारियों और गोद से छीनी नन्हीं बच्ची को फेंक कर मार देने वाले जालिमों को सजा पूरी होने से पहले गुजरात सरकार अच्छे आचरण के लिए जेल से रिहा कर देती है।जिन्हें नियम विरुद्ध कई दफा पैरोल पर छोड़ा गया कुछ तो पैरोल ख़त्म हो जाने के बावजूद भी कई कई दिनों तक नहीं आए।यह अच्छा आचरण गुजरात और केंद्र की मिली भगत के बिना कैसे संभव हो सकता है।ये तमाम गुनहगार भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर छोड़े जाते हैं तथा उनका जिस तरह मान सम्मान किया जाता है वह यह सत्य उजागर करता है कि भाजपा का चरित्र कैसा है और कैसा है यह अमृतकाल? प्रधानमंत्री से सीधे शिकायत करने के बाद कार्रवाई ना होने से उनके मन में गहरा असंतोष है और यह भी डर है कि उस पर कार्रवाई नहीं होगी उनकी हत्या भी कराई जा सकती है।

कुछ लोग  बिल्किस बानो मामले को हिंदू मुस्लिम नज़रिए से देखकर खुश होते रहे हैं वे कुलदीप सेंगर और बृजभूषण सिंह जैसे अनेकों व्यभिचारियों द्वारा हिंदू बालिकाओं को शिकार बनाने वालों को क्या कहेंगे?अगर वे सब तब भी खुश हैं तो इसे भाजपाई या संघी मानसिकता का ही पर्याय कहा जाएगा। फिर बालिका सुरक्षा की बात करने वाली भाजपा क्या मुंह दिखाने लायक बचती है।जब रक्षक ही भक्षक बन जाए।मुंह सिल ले ले तो एकमात्र उम्मीद न्यायालय से ही संभव है।विदित हो बिल्किस बानो के गुनहगारों को जेल से रिहा करने वालों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है उसने तमाम फाईलें तलब की हैं जिससे उम्मीद बंधती है कि दूध का दूध और पानी का पानी़़़ं सामने आएगा।झूठ और लूट की बुनियाद पर टिके ये ठग, शोषणकर्ता शीध्र ही सींकचों में होंगे।

आंदोलनरत बहनें अपने को कमज़ोर ना समझें। इस अमूल्य निधि को देश यूं बिखरने नहीं देगा।अब वक्त करीब आ पहुंचा है जब इन पाखंडियों ,धूर्त और चालाक लोगों के दिन गिनती के बचे हैं।इस वक्त जो निडर हैं वे महत्वपूर्ण और ज़रुरी लोग है। आंदोलनरत साथी अपनी ताकत को निडर होकर और विस्तार दें। बिल्किस बानो की तरह।  बशीर बद्र का ये शेर हमेशा याद रखें –

म भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, 

जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ते बन जायेंगे ।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें