मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि खत्म होने से ठीक पहले बीजेपी ने नया सीएम चुन लिया है. विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह के नाम पर मुहर लग गई है. युमनाम खेमचंद सिंह की पहचान ऐसे नेता की है, जिन्हें हर समुदाय का समर्थन हासिल है. वे हर किसी समूह के साथ जाकर काम कर सकते हैं. इसीलिए शायद बीजेपी ने उन पर दांव खेला है.
युमनाम खेमचंद के प्रोफाइल में क्या देखा
- युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर बीजेपी के एक वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं. उनकी छवि एक सुलझे हुए राजनेता की है जो संगठन और सरकार दोनों का अनुभव रखते हैं.
- खेमचंद सिंह 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विधायी निर्णय लिए और सदन को सुचारू रूप से चलाने का अनुभव प्राप्त किया.
- 2022 में दोबारा बीजेपी की सरकार बनने पर उन्हें एन. बीरेन सिंह की कैबिनेट में शामिल किया गया था. उनके पास नगर प्रशासन और आवास विकास, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे भारी-भरकम मंत्रालय थे.
- वे इंफाल पश्चिम जिले की सिंगजामेई (Singjamei) विधानसभा सीट से विधायक हैं. उन्होंने 2017 और 2022, दोनों बार यहां से जीत दर्ज की है.
- राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि खेमचंद सिंह को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का समर्थन हासिल है. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके अच्छे संबंध माने जाते हैं.
- राजनीति के अलावा वे एक मार्शल आर्टिस्ट भी हैं. वे पारंपरिक ताइक्वांडो में ‘5वां डैन ब्लैक बेल्ट’ हासिल करने वाले पहले भारतीय भी बने थे, जो उनकी अनुशासित जीवनशैली को दर्शाता है.
उनके पक्ष में कई समीकरण
- मणिपुर पिछले एक साल से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है. ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन को शांति बहाली के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है. खेमचंद सिंह के पक्ष में कई समीकरण काम कर रहे हैं.
- हाल ही में खेमचंद सिंह ने कुकी बहुल इलाकों जैसे उखरुल और कामजोंग का दौरा कर शांति और बातचीत की वकालत की थी. मैतेई समुदाय से होने के बावजूद, दूसरे समुदायों तक उनकी पहुंच उन्हें मौजूदा संकट में एक स्वीकार्य चेहरा बना सकती है.
- विवादों से दूर रहने वाले नेता के तौर पर उनकी पहचान है, जो इस समय पार्टी की जरूरत है.
- मौजूदा हालात में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच अविश्वास की खाई बहुत गहरी है. माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व एक ऐसा चेहरा चाहता है जो दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर ला सके.





