इंदौर
ऐसी महामारी, आपदा एवं संकट हमने पहली बार देखा है। बहुत बड़ी चुनौती हमारे सामने आई है। पिछले साल के कोरोना वायरस की तुलना में इस वर्ष आए कोरोना वायरस का प्रभाव बहुत ज्यादा है। इससे निपटने के लिए कारगर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार अपने स्तर पर तो प्रयास कर रही है, लेकिन समाज की सक्रिय सहभागिता भी जरूरी है। हमने जिले के सभी 312 ग्राम पंचायतों में कोविड केयर सेंटर बनाए हैं। 8 हजार से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था इसमें है। यह बात मंत्री तुलसी सिलावट ने कही। पहली बार रविंद्र नाट्य ग्रह में सभी विकासखंड स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में सभी जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
मंत्री ने बताया कि जिले में कोरोना से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पंचायत से लेकर जिले की सभी नगर पंचायतों और इंदौर नगर निगम के सभी वार्डों में आपदा प्रबंधन समिति का गठन कर लिया गया है। समाज के सभी वर्गों की एकजुटता इस लड़ाई से जीतने के लिए जरूरी है। सभी अपने-अपने गांव एवं परिवार को सुरक्षित रखें। गांवों को कोरोना मुक्त रखने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करें।
मरीजों के संक्रमित होते के साथ ही प्रारंभिक स्तर पर उपचार शुरू हो यही हमारा प्रयास रहे। हमारा दायित्व है कि मरीजों को यहां भर्ती कराएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर इंदौर के खंडवा रोड स्थित राधा स्वामी सत्संग परिसर में बनाया गया है। यह सर्वसुविधा युक्त है। उन्होंने कहा कि एकजुटता एवं संकल्प के साथ इस आपदा का सामना करें। समस्या है तो समाधान भी है। हम आप सबके प्रयासों से इस कोरोना की जंग से जरूर जीतेंगे।
कलेक्टर बोले – बिना काम घरों के बाहर नहीं निकलें
कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन समिति की सक्रिय भूमिका हर स्तर पर सुनिश्चित की जाए। नियमित रूप से बैठकें आयोजित हों। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। यहां कूलर, भोजन, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था रखी गई है। सर्दी, खांसी, बुखार के पीड़ित ग्रामीणों की स्थानीय स्तर पर जांच कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मरीज पॉजिटिव मिलता है, उसे तुरंत कोविड केयर सेंटर में एडमिट किया जाए। यह ध्यान रखा जाए कि वह अनावश्यक रूप से इधर-उधर नहीं घूमे और दूसरों को संक्रमित नहीं करें।





