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बांग्लादेश में ताजपोशी के दिन ही ‘संविधान’ पर भिड़े BNP और जमात

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बांग्लादेश में तारिक रहमान सरकार की ताजपोशी हो गई है. तारिक के साथ-साथ उनके कई मंत्रियों ने शपथ ली. तारिक के 50 सदस्यीय मंत्रिमंडल में करीब 41 नए चेहरे हैं. बांग्लादेश में करीब 20 साल बाद बीएनपी की सत्ता में वापसी हुई है. मगर सबसे बड़ी बात ये है कि सरकार बनाने के पहले दिन ही बांग्लादेश में बीएनपी और जमात आमने-सामने हो गई.

प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनकी पार्टी के सांसद कंस्टीट्यूशन रिफॉर्म्स कमीशन के शपथ के लिए तैयार नहीं. बीएनपी की दलील है कि बांग्लादेश के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. जमात के दबाव में मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने कंस्टीट्यूशन रिफॉर्म्स कमीशन के लिए रेफरेंडम करवाया था. इलेक्शन के साथ साथ रेफरेंडम हुआ था.

ताजपोशी के दिन ही भिड़े BNP-जमात
जमात ने धमकी देते हुए कहा कि अगर संविधान सुधार आयोग में बीएनपी ने भाग नहीं लिया तो जमात सांसद बनने की शपथ नहीं लेगा. तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 209 सीटें जीतीं. वहीं, जमात ने अकेले 68 सीटें जीतीं जबकि इसके नेतृत्व वाले 11 दलीय गठबंधन ने कुल 77 सीटें हासिल कीं. जमात मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है.

बीएनपी को करीब 50 और जमात को 31 फीसदी वोट मिले. बांग्लादेश में 299 सीटों पर मतदान हुआ था. शेख हसीना की पार्टी ‘अवामी लीग’ को चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था.

क्या है कंस्टीट्यूशन रिफॉर्म्स कमीशन?
कंस्टीट्यूशन रिफॉर्म्स कमीशन यानी संविधान सुधार आयोग का गठन अंतरिम सरकार ने किया था. इसका मुख्य उद्देश्य देश के संविधान की समीक्षा करना और भविष्य में किसी भी तरह के तानाशाही शासन को रोकने के लिए आवश्यक बदलावों का सुझाव देना है. अली रियाज को इस आयोग का प्रमुख नियुक्त किया गया था. आयोग ने जनवरी 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कई बड़े बदलावों का सुझाव दिया.

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए अधिकतम दो कार्यकाल की सीमा तय करने की सिफारिशें की गई. संविधान से ‘धर्मनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ जैसे शब्दों को हटाकर ‘समानता’, ‘मानवीय गरिमा’ और ‘सामाजिक न्याय’ जैसे सिद्धांतों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया. बांग्लादेश में एक उच्च सदन और निचले सदन वाली द्विसदनीय विधायिका यानी Bicameral Parliament बनाने का सुझाव दिया गया. सांसदों के लिए न्यूनतम आयु सीमा को 25 से घटाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया गया.

Ramswaroop Mantri

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