अभ्यास मंडल की व्याख्यान माला

कीर्ति राणा इंदौर।अभ्यास मंडल की61 वीं व्याख्यानमाला गुरुवार को शहर की बदहाल ट्रैफिक अव्यवस्था को और सम्मान में कही गई बात को उपायुक्त पुलिस महेश जैन द्वारा हल्के में लेने को समर्पित रही।
—-बीआरटीएस की इंदौर में जरूरत नहीं, हेलमेट अनिवार्यता पर थोड़े दिन बाद अभियान
इस विषय के जानकार जीएसआईटीएस के पूर्व निदेशक प्रो जीएस भाटिया, उपायुक्त(ट्रैफिक पुलिस) महेश चंद्र जैन, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम अभय राजनगांवकर और आईएएस ( सेनि) सीबी सिंह ने इस ज्वलंत समस्या पर अपने अनुभव तो शेयर किए ही, बेहतर प्रबंधन के विकल्प भी सुझाए।मंच पर अंजना तिवारी, महेश शर्मा भी मौजूद थे।
ट्रैफिक अव्यवस्थाओं को लेकर प्रश्नों की बौछार का उपायुक्त पुलिस महेश जैन ने गोलियों की रफ्तार वाले अंदाज में जवाब देते रहे।रह रह कर बजती तालियों के बीच जब कहा गया कि आज तो जैन सा. ने महफिल लूट ली है तो गरिमापूर्ण अंदाज में व्यक् किए सम्मान पर वो तल्खी के साथ बोल पड़े मैं क्या यहां डांस कर रहा था, आप मेरा डांस देख रहे थे जो कह रहे हैं मैंने महफिल लूट ली।उनके इस कथन पर कुछ पल के लिए सभागार में सन्नाटा छा गया।उन्हें समझाने की कोशिश भी की गई कि यह बात आप के सम्मान में कही गई है लेकिन वे नहीं माने।
उनसे सवाल किया कि भोपाल में बीआरटीएस को हटाए जाने की तैयारी है, इंदौर बीआरटीएस के संबंध में आप की क्या राय है।जैन बोले मेरी व्यक्तिगत राय है बीआरटीएस की कोई जरूरत नहीं है, इसे हटा देना चाहिए।हम सबको पूर्वाग्रह से ऊपर उठ कर सोचना होगा कि बीआरटीएस लाभकारी है या नहीं।
श्रोताओं में से गौतम कोठारी, अशोक बड़जात्या, सरोज कुमार, किशोर कोडवानी, राजेश अग्रवाल, किशोर भुराड़िया, जगदीश वर्मा आदि के सवालों पर उन्होंने दावा किया कि लोग पुलिस से सारे प्रश्न करते हैं मैं सड़कें चौड़ी नहीं कर सकता, नई बना नहीं सकता अतिक्रमण हटा नहीं सकता, ई रिक्शा के लायसेंस नहीं देता इन संबंधित विभागों से सवाल नहीं पूछते।
मैं अपने संसाधनों में ही सुधार कर रहा हूं। स्कूलों के लिए बच्चों को छोड़ने के लिए ले जाने वाले पेरेंट्स ही नियम तोड़ते हैं। सात महीने और रह गया तो इन सारी अव्यवस्थाओं को बदल कर रख दूंगा। मैं इस नकारात्मकता को बदलूंगा कि इंदौर में गाड़ी चला ली तो कहीं भी चला लेंगे।उन्होंने यातायात पुलिस की कमियों को स्वीकारने के साथ ही नगर निगम, आरटी, नेशनल हाइवे अथारिटी, नियम तोड़ने वाले पेरेंट्स के साथ ही माना ट्रैफिक जवान रंजीत सिंह के व्यवहार को लेकर शिकायतें मिलती रहती हैं।जब आप किसी एक आदमी (रंजीत सिंह) को सिर पर चढ़ाएंगे वह ऐरोगेंट हो ही जाएगा।हेलमेट से होने वाली शारीरिक परेशानी को स्वीकारने के साथ ही कहा थोड़े दिन बाद हेलमेट अनिवार्यता पर भी काम करेंगे।
🔸निर्मला पाठक की स्मृति में सम्मान की घोषणा
जैन ने स्व निर्मला पाठक की स्मृति में हर साल 17 दिसंबर को श्रेष्ठतम यातायात योद्धा को सम्मान पत्र और 51 हजार रु की सम्मान निधि देने की घोषणा भी की
🔸*गाड़ी पर लालबत्ती न होने का अंतर सामान्य नागरिक होने पर समझ आया पूर्व कलेक्टर को *
पूर्व कलेक्टर सीबी सिंह ने माना जब मैं पद पर था, लाल बत्ती वाहन में घूमता था ट्रैफिक की दिक्कतों से जूझते आम लोगों की परेशानी समझ में नहीं आती थी। अब जब आम नागरिक के रूप में वाहन चलाता हूं तो समस्या समझ आती है और लगता है ट्रैफिक में बहुत सुधार की जरूरत है। 2011 की जनगणना में 19 लाख से अधिक आबादी थी जो अब 38 लाख के करीब है। पंजीकृत वाहनों की संख्या 6 गुना बढ़ कर अब 18 लाख से अधिक हो गई है।बढ़ती जनसंख्या के साथ ट्रैफिक दबाव, फ्लोटिंग पापुलेशन का दबाव होने से ट्रैफिक सेंस वाली व्यवस्थाएं अब उत्तेजना में बदल गई है जो पहले सॉरी कहने भर से हल हो जाती थी। वाहन चालक लेफ्ट टर्न की लाइन को घेर कर खड़े हो जाते हैं , रांग साइड ओवरटेक करना, अपने वाहन को स्टेटस सिंबल के रूप में प्रदर्शित करना, वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना इन परेशानियों से मुक्ति नागरिक की समझ पर ही निर्भर है।चाहे जितनी चौड़ी सड़कें कर दें, संसाधन बढ़ा दें लेकिन हम जब तक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, ट्रैफिक नहीं सुधरेगा।शिक्षा-सिलेबस में ट्रैफिक साइंस और सेंस को जोड़ा जाना चाहिए। कोचिंग वाले इस संबंध में जानकारी दें।बायपास के अंडरपास बेहद छोटे क्यों बनाए एनएचआई ने, वहा लाइट का अभाव है।बीआरटीएस के साथ फीडर रोड की बसों में वृद्धि की जानी चाहिए।
🔸*गोलमाल जवाब देते रहे अतिरिक्त निगम आयुक्त राजनगांवकर *
निगम के अतिरिक्त आयुक्त राजनगांवकर से अवैध अतिक्रमण, नियम विरुद्ध बन रहे स्पीड ब्रेकर, मल्टी के बैसमेंट में पार्किंग की जगह दुकानों के निर्माण, स्वर्णबाग कॉलोनी वाले अग्निकांड में मल्टी में अवैध तरीके से निर्माण, नक्शे के विपरीत बन रही इमारतों, सभी 85 वार्डों में अब तक हॉकर्स जोन नहीं बन पाने आदि प्रश्नों के वे गोलमाल जवाब देकर जिम्मेदारी से बचते रहे। कई बार तो वो यह कहते रहे कि आप मुझे वॉट्सएप कर दीजिए, मैं दिखवा लूंगा।आप नगर निगम को जानकारी दीजिए हम कार्रवाई करेंगे।
🔸प्रो भाटिया ने माना 57 साल से यातायात देख रहा पर सुधार कम
अध्यक्षता करते हुए प्रो भाटिया ने कहा 57 साल से इंदौर का यातायात करीब से देख रहा हूं।जैसा, जितना सुधार होना चाहिए नहीं हुआ है। रेफिक सरल, सुगम, सुरक्षित हो सकता है, इसके लिए सभी विभागों का तालमेल जरूरी है। इंदौर में ट्रैफिक सेल जरूरी है। पार्किंग समस्या, ब्लेक स्पॉट, आयडियल रोड इन तीन पर काम होना चाहिए।लोगों में जागृति लाना पड़ेगी। पार्किंग के सभी विषयों पर सेमिनार करें ताकि समाधान के मुद्दों पर आम सहमति बने और काम हो सके।हर महीने सभी विभागों की नियमित बैठक हो समस्याए दूर की जा सकें।
प्रारंभ में अतिथियों का परिचय-संचालन अशोक कोठारी ने किया, स्वागत किया ओपी श्रीवास्तव, मुनीर खान, किशनलाल सोमानी, प्रवीण जोशी ने।अंत में अतिथि वक्ताओं को प्रतीक चिह्न भेंट किए वीके जैन, अरविंद तिवारी, कृपा शंकर शुक्ला और श्रीवास्त ने। आभार माना अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता ने।
🔸व्याख्यान माला का आज समापन
सात दिवसीय व्याख्यान माला का समापन शुक्रवार को होगा।जाल सभागृह में पूर्व राजदूत-आयएफएस (नई दिल्ली) विवेक काटजू ‘भारत की विदेश नीति व पड़ोसी देश’ परशाम 6.30 बजे विचार व्यक्त करेंगे।




