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ब्रेकिंग न्यूज़:नरोदा दंगे के सभी 67 आरोपी बरी,जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला, 5 जवान शहीद

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उत्तराखंड: उत्तरकाशी के गंगोत्री धाम में ताजा हिमपात देखा गया।जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला, 5 जवान शहीद:अटैक से आर्मी ट्रक में लगी थी आग; गुजरात में नरोदा दंगे के सभी 67 आरोपी बरी:बाबू बजरंगी-माया कोडनानी पर भी इल्जाम था, 11 हत्याएं हुई थीं; 21 साल बाद फैसला,IPL में आज: राजस्थान रॉयल्‍स vs लखनऊ सुपरजाएंट्स, जयपुर में शाम 7.30 बजे से,सेम सेक्‍स मैरिज को कानूनी मान्‍यता से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई,दिल्‍ली-एनसीआर में मौसम ने ली करवट, आज आंधी के साथ बारिश होने के आसार

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकी हमले में राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के 5 जवान शहीद हो गए। वहीं गंभीर रूप से घायल एक जवान का राजौरी आर्मी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। सेना ने बताया कि भारी बारिश की वजह से विजिबिलिटी कम थी, जिसका फायदा उठाकर आतंकियों ने गोलीबारी कर दी। इन जवानों की तैनाती काउंटर टेरेरिस्ट ऑपरेशंस के लिए की गई थी।

सेना ने आशंका जताई है कि आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया था। जिस वजह से ट्रक में आग लग गई और जवान आग में झुलस गए। आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने इस हमले की जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दी है। राजनाथ सिंह ने जवानों की मौत पर दुख जताया है। सेना ने कहा है कि आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।

उधर, 2002 के गुजरात दंगों के दौरान हुए नरोदा कांड के सभी 67 आरोपियों को अहमदाबाद की सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया। 21 साल बाद आए फैसले में कोर्ट को आरोपियों का दोष साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। वहीं पीड़ित पक्ष ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है। 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद शहर के पास नरोदा गांव में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 11 लोग मारे गए थे।

1. जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमला, शहीदों में 4 पंजाब और एक उड़ीसा निवासी

आतंकी हमला भट्टा डूरियन जंगल के पास हुआ। यह जगह पुंछ से 90 किलोमीटर दूर है।

आतंकी हमला भट्टा डूरियन जंगल के पास हुआ। यह जगह पुंछ से 90 किलोमीटर दूर है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकी हमले में 5 जवान शहीद हुए हैं। शहीदों की पहचान लांस नायक देबाशीष बसवाल, लांस नायक कुलवंत सिंह, सिपाही हरकिशन सिंह, सिपाही सेवक सिंह और हवलदार मनदीप सिंह के तौर पर हुई है। इनमें लांस नायक देबाशीष बसवाल उड़ीसा के रहने वाले हैं, जबकि अन्य 4 शहीद पंजाब के निवासी हैं।

आर्मी के मुताबिक, हमला दोपहर 3 बजे हुआ, जब सेना का ट्रक राजौरी सेक्टर में भीमबेर गली और पुंछ के बीच चल रहा था। भीमबेर गली-पुंछ रोड पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। लोगों से कहा गया है कि वे मेंढर के रास्ते पुंछ जाएं। इससे पहले अक्टूबर 2020 में भट्टा डूरियन जंगल और देहरादून की गली के बीच दो आतंकी हमले हुए थे। जिसमें 9 जवान शहीद हो गए थे।

2. नरोदा दंगे के सभी आरोपी बरी, भाजपा और बजरंग दल के नेताओं पर भी इल्जाम था

2002 के गुजरात दंगों के दौरान हुए नरोदा कांड के सभी 67 आरोपियों को अहमदाबाद की सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया। घटना के 21 साल बाद गुरुवार को सुनाए फैसले में कोर्ट ने कहा- आरोपियों का दोष साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। पीड़ित पक्ष के वकील शमशाद पठान ने कहा- हम इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद शहर के पास नरोदा गांव में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 11 लोग मारे गए थे। इस केस में गुजरात सरकार की पूर्व मंत्री और भाजपा नेता माया कोडनानी, बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी और विश्व हिंदू परिषद के नेता जयदीप पटेल समेत 86 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इनमें से 18 लोगों की मौत हो चुकी है। एक आरोपी प्रदीप कांतिलाल संघवी को पहले ही सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

जज एसके बक्शी की अदालत ने 16 अप्रैल को इस मामले में फैसले की तारीख 20 अप्रैल तय की थी। सभी आरोपी जमानत पर थे। साल 2010 में शुरू हुए मुकदमे के दौरान दोनों पक्ष ने 187 गवाहों और 57 चश्मदीद गवाहों से जिरह की। लगभग 13 साल तक चले इस केस में 6 जजों ने लगातार मामले की सुनवाई की।

गोधरा कांड के अगले दिन हुआ था नरोदा में दंगा
गोधरा कांड के अगले दिन यानी 28 फरवरी को नरोदा गांव में बंद का ऐलान किया गया था। इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे लोगों की भीड़ बाजार बंद कराने लगी, तभी हिंसा भड़क उठी। भीड़ में शामिल लोगों ने पथराव के साथ आगजनी, तोड़फोड़ शुरू कर दी। देखते ही देखते 11 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।

इसके बाद पाटिया में भी दंगे फैल गए। यहां भी बड़े पैमाने पर नरसंहार हुआ। इन दोनों इलाकों में 97 लोगों की हत्याएं की गई थीं। इस नरसंहार के बाद पूरे गुजरात में दंगे फैल गए थे। इस मामले में SIT ने तत्कालीन भाजपा विधायक माया कोडनानी को मुख्य आरोपी बनाया था। हालांकि इस मामले में वे बरी हो चुकी हैं।

तत्कालीन भाजपा विधायक माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी।

तत्कालीन भाजपा विधायक माया कोडनानी और बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी।

माया कोडनानी का दावा- दंगे के वक्त वे विधानसभा में थीं
माया कोडनानी ने खुद पर लगे आरोपों पर कहा था- दंगे वाले दिन सुबह के वक्त वह गुजरात विधानसभा में थीं। दोपहर में वे गोधरा ट्रेन हत्याकांड में मारे गए कारसेवकों के शवों को देखने के लिए सिविल अस्पताल पहुंची थीं। जबकि कुछ चश्मदीद ने कोर्ट में गवाही दी थी कि कोडनानी दंगों के वक्त नरोदा में मौजूद थीं और उन्हीं ने भीड़ को उकसाया था।

नरोदा पाटिया नरसंहार के बाद पूरे गुजरात में दंगे फैल गए थे।

नरोदा पाटिया नरसंहार के बाद पूरे गुजरात में दंगे फैल गए थे।

एक अन्य मामले में हाईकोर्ट से बरी हो चुकी हैं कोडनानी
साल 2002 के दंगों के एक केस में हाईकोर्ट माया कोडनानी को बरी भी कर चुका है। बजरंग दल के नेता बाबू बजरंगी की सजा को आजीवन कारावास से कम कर 21 साल कर दिया था। इस मामले में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी माया कोडनानी के लिए बचाव पक्ष के गवाह के रूप में पेश हुए थे।

शाह ने बयान दिया था कि पुलिस उन्हें और माया को सुरक्षित जगह ले गई थी क्योंकि गुस्साई भीड़ ने अस्पताल को घेर लिया था।

गोधरा कांड में 59 की मौत, उसके बाद भड़के दंगों में एक हजार की जान गई
2002 में गुजरात के गोधरा स्टेशन पर एक दुखद घटना हुई थी। अहमदाबाद जाने के लिए साबरमती एक्सप्रेस गोधरा स्टेशन से चली ही थी कि किसी ने चेन खींचकर गाड़ी रोक दी और फिर पथराव शुरू हो गया। बाद में ट्रेन के S-6 कोच में आग लगा दी गई। कोच में अयोध्या से लौट रहे 59 तीर्थयात्री थे, सभी की मौत हो गई थी।

गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें 790 मुसलमान और 254 हिंदू थे। गोधरा कांड के एक दिन बाद 28 फरवरी को अहमदाबाद की गुलबर्ग हाउसिंग सोसाइटी में बेकाबू भीड़ ने 69 लोगों की हत्या कर दी थी। इन दंगों से राज्य में हालात इस कदर बिगड़ गए कि स्थिति काबू करने के लिए तीसरे दिन सेना उतारनी पड़ी।

3. असम-अरुणाचल के बीच सीमा विवाद सुलझा, शाह की मौजूदगी में हुआ समझौता

असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच 1972 से चल रहे अंर्तराज्यीय सीमा विवाद को सुलझा लिया है। गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में एक समझौते मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए। शाह ने समझौते को पूर्वोत्तर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

असम और अरुणाचल 804 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं। दोनों राज्यों के बीच 123 गांवों को लेकर विवाद था। ये गांव अरुणाचल के 12 और असम के 8 जिलों में फैले हुए थे। इन गांवों पर दोनों ही राज्यों का दावा था। MoU के मुताबिक, राज्य सरकारें इस बात पर सहमत हैं कि भविष्य में इन 123 गांवों के अलावा कोई नया दावा क्षेत्र या गांव नहीं जोड़ा जाएगा।

4. राहुल की सजा पर रोक नहीं, सूरत कोर्ट ने याचिका खारिज की, अब हाईकोर्ट जाएंगे

सूरत कोर्ट ने मानहानि केस में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने 13 अप्रैल को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब राहुल हाईकोर्ट में अपील करेंगे। एडिशनल सेशन कोर्ट जज आरपी मोगेरा कोर्ट में आए और इस याचिका पर केवल एक शब्द कहा- डिसमिस्ड, यानी खारिज।

याचिका खारिज करते हुए जज ने कहा कि गांधी के शब्दों से पूर्णेश मोदी को मानसिक पीड़ा हुई होगी। भाषण देते समय राहुल न केवल संसद सदस्य, बल्कि दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष भी थे। ऐसे में उनकी शख्सियस की वजह से उनके शब्दों का लोगों के दिमाग पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। बयान देते समय उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए थी।

5. भारत की बढ़ी आबादी पर चीन का तंज, कहा- जनसंख्या नहीं, क्वालिटी भी जरूरी

आबादी में पिछड़े चीन ने भारत पर तंज कसा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वैंग वेनबिन ने कहा कि किसी देश की आबादी ही नहीं बल्कि उसकी क्वालिटी भी जरूरी होती है। वैंग ने ये बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में में कही। वैंग ने कहा,’ तादाद के साथ-साथ किसी भी देश में टैलेंट होना भी जरूरी है। चीन की करीब 142 करोड़ आबादी में 90 करोड़ लोग वर्किंग एज में हैं।

वैंग ने कहा,’ हमारे यहां औसतन एक व्यक्ति कम से कम 10 साल से ज्यादा समय स्कूल में पढ़ाई करता है। चीन में बुजुर्गों की बढ़ती तादाद से निपटने के लिए तीन बच्चों की पॉलिसी पर विचार किया जा रहा है।’ दरअसल, भारत में ये आंकड़ा चीन से कम है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक यहां औसतन एक व्यक्ति 5 साल ही स्कूल जा पाता है।

  • केंद्र ने राज्यों को 100 फूड स्ट्रीट बनाने का निर्देश दिया
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर देशभर के 100 जिलों में 100 फूड स्ट्रीट बनाने का निर्देश दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह पहल एक पायलट परियोजना के तहत की जा रही है, जिसका मकसद देश में स्वच्छ और सुरक्षित खाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने के वास्ते ऐसे अन्य फूड स्ट्रीट के विकास के लिए उदाहरण पेश करना और खाने से होने वाली बीमारियों में कमी लाकर लोगों का बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है।
  • पटाखों के गोदाम में आग लगने से चार मजदूरों की मौत
  • गुजरात में अरवल्ली जिले के मोडासा कस्बे के पास पटाखों के एक गोदाम में गुरुवार शाम आग लगने से कम से कम चार मजदूरों की झुलसकर मौत हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अरवल्ली के पुलिस अधीक्षक संजय खरात ने बताया कि घटनास्थल से चार मजदूरों के जले हुए शव बरामद हुए। उन्होंने बताया कि आग लगने की एक बड़ी घटना सामने आई और गांधीनगर तथा हिम्मतनगर नगरपालिकाओं की टीम की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
  • असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा विवाद सुलझा
  • असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच 1972 से सीमा विवाद था। आज हमने सभी विवादों के बातचीत कर सुलझा लिया है। गृह मंत्री के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री के आशीर्वाद से ये विवाद सुलझ गया है, ये एक मील का पत्थर साबित होगा।
  • नरोदा पाटिया दंगे के सभी आरोपी बरी
  • गुजरात के नरोदा पाटिया नरसंहार में अहमदाबाद के स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी, पूर्व मंत्री माया कोडनानी, बाबू बजरंगी और मुन्ना बजरंगी भी बरी। इस केस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी हुई थी गवाही। मामला 2002 गुजरात दंगों से जुड़ा है।
  • पुंछ में सेना की गाड़ी में लगी आग, 4 जवान शहीद
  • जम्मू-कश्मीर के पुंछ के राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेना की एक गाड़ी में आग लग गई। इस आग में चार जवान शहीद हो गए। अभी इस मामले में सेना की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।
  • गाजियाबाद में बदल गई स्कूल की टाइमिंग\
  • उत्तर प्रदेश में गर्मी के प्रकोप को देखते हुए गाजियाबाद जिले में सभी कक्षा 1 से लेकर 8 तक के स्कूल का समय बदल दिया गया है। अब दोपहर 12:30 बजे तक चलेंगी कक्षाएं। पहले यह 1:30 बजे तक होता था क्लास।
  • दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विश्व बौद्ध शिखर सम्मेलन’ के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लिया

Ramswaroop Mantri

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