चक्रवात बिपरजॉय के चलते राजस्थान के कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’ है। मौसम विभाग ने 17 जून को बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, पाली, सिरोही, जैसलमेर, राजसमंद, उदयपुर और डूंगरपुर जिलों में तेज बारिश का अनुमान जताया है। रेलवे के अनुसार, शनिवार के लिए कुल 13 ट्रेनों को रद्द किया गया है। चक्रवात राजस्थान में गहरे दबाव के रूप में है, आगे चलकर अवसाद में बदल जाएगा। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने के मौके पर बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा त्रिपुरा में रैली को संबोधित करेंगे। बजरंग पूनिया सहित विरोध करने वाले पहलवान शनिवार को हरिद्वार जा सकते हैं। उनके यहां भारत किसान यूनियन (बीकेयू) की बैठक के दौरान किसान नेताओं राकेश और नरेश टिकैत से मिलने की उम्मीद है। पहलवानों के आंदोलन के भविष्य पर अंतिम फैसला रविवार को होने की संभावना है जब पहलवान खाप और अन्य किसान नेताओं से मिलेंगे। उधर, बर्मिंघम में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे पहले एशेज टेस्ट का आज दूसरा दिन है।
बिपरजॉय तूफान गुजरात के बाद राजस्थान पहुंचा, जिसकी वजह से 13 ट्रेन रद्द करनी पड़ीं। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में आज और कल तूफान एक्टिव रहेगा। ऐसे में राज्य के 5 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। उधर, केंद्र सरकार ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदल दिया। कांग्रेस ने इसे तानाशाही फैसला बताया। हम आपको आगे बताएंगे कि आखिर इस म्यूजियम का नाम नेहरू पर कैसे पड़ा…।
आज के प्रमुख इवेंट्स
- बिहार में विपक्ष की साझा मीटिंग से पहले आज पटना में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक होगी। इसमें बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि शामिल होंगे। चारों ही राज्यों में गैर भाजपा सरकारें हैं। पिछली बार कोलकाता में इस मीटिंग की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। तब बंगाल की CM ममता बनर्जी, झारखंड के CM हेमंत सोरेन, बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव और ओडिशा सरकार के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
बिपरजॉय से गुजरात में 2 की मौत, 22 घायल; राजस्थान के 5 जिलों में रेड अलर्ट जारी

ये वीडियो कच्छ के रेगिस्तान में आई बाढ़ का है। यहां गुरुवार रात से लगातार बारिश हो रही है।
बिपरजॉय तूफान गुजरात के बाद शुक्रवार को राजस्थान पहुंच गया है। इसको देखते हुए राज्य के 5 जिलों में भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट, जबकि 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान में तूफान आज और कल भी एक्टिव रहेगा।
बिपरजॉय का असर गुजरात के कच्छ-सौराष्ट्र समेत 8 जिलों में रहा। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 किमी प्रति घंटे रही। गुरुवार से हो रही लगातार बारिश की वजह से कच्छ के रेगिस्तान में बाढ़ आ गई। भावनगर जिले में 2 लोगों की मौत हो गई और 22 से ज्यादा लोग घायल हुए। वहीं, 940 से ज्यादा गांवों की बिजली गुल रही।
माउंटआबू में शुक्रवार सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक 27 एमएम बारिश हो चुकी है। तापमान में भी गिरावट आई है। शाम साढ़े पांच बजे तक बाड़मेर में 30 और जोधपुर में 19 एमएम बारिश दर्ज की गई।
इधर, देर शाम अजमेर और नागौर में भी अचानक मौसम बदल गया। देर शाम अजमेर शहर समेत नागौर के डीडवाना और आस-पास के इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। सांचौर में देर रात हवा के साथ बारिश हुई। कई जगह पोल गिर गए, जिसके कारण बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।
तूफान के चलते शुक्रवार और शनिवार को मिलाकर राजस्थान के 5 जिलों में बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट, जबकि 13 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 घंटे के दौरान राजस्थान में 200 MM यानी 8 इंच या उससे ज्यादा बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान में तूफान 16, 17 और 18 जून को एक्टिव रहेगा।
सांचौर के जालबेरी में निर्माणाधीन दुकानों की छत टीनशेड की बनी है, लेकिन अभी तक शटर नहीं लगा है। तूफान में हवा के कारण छत पर लगे टीनशेड उड़ न जाए। इसलिए शटर की जगह सीमेंट की सीट लगाकर उन्हें तारों और बल्लियों से बांध दिया है।
बॉर्डर के पांच गांव से 5 हजार लोगों को निकाला
बाड़मेर कलेक्टर अरूण पुरोहित ने बताया कि अगले 36 घंटे जिले के लिए अहम हैं। पाकिस्तान बॉर्डर से सटे पांच गांव बाखासर, सेड़वा चौहटन, रामसर, धोरीमना गांव के 5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। इधर, जैसलमेर के डाबला गांव से 100 परिवारों के 450 लोगों को शिफ्ट किया गया है। नरेगा के काम और महंगाई राहत शिविर रुकवा दिए गए हैं।
परीक्षाएं स्थगित, 17 जून काे 13 ट्रेनें रद्द, फ्लाइट कैंसिल
मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के पश्चिमी और मध्य भाग में तूफान का सबसे ज्यादा खतरा है। जोधपुर यूनिवर्सिटी ने तूफान के असर वाले इलाकों में 16 और 17 जून को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। 17 से 19 जून को हाेने वाले स्टेट ओपन के एग्जाम भी स्थगित कर दिए हैं।
मंडल रेल प्रबंधक पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बिपरजॉय के कारण 17 जून को 13 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इनमें अमृतसर-गांधीधाम एक्सप्रेस, जोधपुर-भीलड़ी एक्सप्रेस, भीलड़ी-जोधपुर एक्सप्रेस,जोधपुर-पालनपुर एक्सप्रेस, पालनपुर- जोधपुर एक्सप्रेस, बाड़मेर-मुनाबाव एक्सप्रेस, मुनाबाव-बाड़मेर एक्सप्रेस, 14895 जोधपुर-बाड़मेर एक्सप्रेस, 14896 बाड़मेर-जोधपुर एक्सप्रेस, 04839 जोधपुर-बाड़मेर एक्सप्रेस, 04840 बाड़मेर-जोधपुर एक्सप्रेस (ये 18 को भी रद्द रहेगी), 04843 जोधपुर-बाड़मेर एक्सप्रेस और 04844 बाड़मेर-जोधपुर एक्सप्रेस को रद्द किया गया है।
उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट से शनिवार को उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की 2 फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है। जानकारी के अनुसार उदयपुर से दोपहर 1 बजे दिल्ली रवाना होने वाली फ्लाइट और शाम 4:30 बजे मुम्बई जाने वाली फ्लाइट को कैंसिल किया गया है।
जोधपुर में कोचिंग, जिम, पर्यटन स्थल दो दिन बंद
जोधपुर कलेक्टर और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष हिमांशु गुप्ता ने 16 और 17 को जोधपुर के सभी शैक्षणिक संस्थाओं, कोचिंग, जिम, पर्यटन स्थल और समर कैंप को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि बिपरजॉय के कारण तेज आंधी के साथ अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।
बीकानेर में बिपरजॉय के कारण तूफान और भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर सभी जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को 3 दिन तक अपने मुख्यालय पर ही रहकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
हाॅस्पिटल की बिल्डिंग का कांच टूटकर गिरा, गाड़ियां क्षतिग्रस्त
तूफान के प्रभाव से उदयपुर के महाराणा भूपाल हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग की बिल्डिंग में दूसरी मंजिल पर एलिवेशन का कांच टूट कर गिर गया। बिल्डिंग के नीचे ही दीवार के सहारे खड़ी गाड़ियों पर कांच गिरा, जिससे कारों को नुकसान पहुंचा।
12 किलोमीटर की स्पीड से आगे बढ़ रहा तूफान
गुजरात तट से टकराने के बाद तूफान की स्पीड बहुत कम हो गई है। अब यह 12KM प्रतिघंटा की स्पीड से आगे बढ़ रहा है। साइक्लोनिक स्ट्रॉर्म से डीप डिप्रेशन में बदलने के बाद इसकी इंटेंसिटी भी लगातार कम हो रही है। देर शाम या रात तक यह डिप्रेशन के रूप में और कमजोर हो जाएगा।
राजस्थान में चक्रवात के असर को मैप से समझिए…
16 जून : 9 जिले (बाड़मेर, जालोर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, सिरोही, बीकानेर, राजसमंद, उदयपुर)। बाड़मेर और जालोर जिलों में अतिभारी बारिश होने की आशंका जताते हुए इन दोनों जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 घंटे के दौरान इन जिलों में 200MM (8 इंच) या उससे ज्यादा बारिश हो सकती है। जबकि पाली, जोधपुर, जैसलमेर, उदयपुर और सिरोही जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए यहां 4 से 6 इंच तक बरसात होने का अनुमान जताया है।
17 जून : बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, जालोर, पाली, जैसलमेर, बीकानेर, अजमेर, राजसमंद, भीलवाड़ा, उदयपुर, सिरोही, जयपुर, टोंक, बूंदी, चूरू, सीकर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा।
18 जून : अजमेर, जयपुर, नागौर, टोंक, सवाईमाधोपुर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, पाली, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, अलवर, करौली।
प्रदेश में गुरुवार को कैसा दिखा असर
सिरोही से 10 किलोमीटर दूर नया सनावड़ा इलाके में तेज हवा से एक पेड़ मंदिर पर जा गिरा। इससे दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
सिरोही में 61KM की स्पीड से चली हवा
इस सिस्टम का असर देर शाम जालोर, सिरोही, उदयपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और पाली बेल्ट में देखने को मिला। सिरोही में शाम 61KM स्पीड से तेज हवाएं चली। वहीं, बाड़मेर जिले में 55, जालोर में 46 और जोधपुर में 58KM प्रतिघंटा की स्पीड से हवा चली। सिरोही के माउंट आबू में सभी प्राइवेट स्कूलों में दो दिन की छुट्टी कर दी है।
जोधपुर के लूणी में गुरुवार शाम से ही रुक रुककर बारिश हो रही है। इस तूफान का असर पूरे संभाग में देखा जा रहा है।
पाली में मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश रोका
पाली के रणकपुर का विश्व प्रसिद्ध जैन मंदिर में दो दिन श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। मन्दिर प्रबंधक जसराज माली ने बताया कि तूफान को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर 16-17 को मंदिर में सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों का प्रवेश बंद रहेगा। इस सिस्टम का असर गुरुवार शाम से पाली में देखने को मिला। यहां तेज हवा के साथ कई जगह हल्की बारिश हुई।
झालावाड़ में दो दिन के लिए मंडी बंद
झालरापाटन की हरिश्चंद्र कृषि उपज मंडी में तूफान से होने वाले प्रभाव को देखते हुए 2 दिन कारोबार बंद रखने का फैसला किया है। खाद्य एवं तिलहन व्यापार संघ सचिव विजय मूंदड़ा और प्रवक्ता हरि राठौर ने बताया कि तूफान आने की वजह से मंडी में 16 और 17 जून को अवकाश रहेगा। इन दो दिन किसानों को अपनी जींस (फसलें) लेकर नहीं आने के लिए कहा है। 18 जून को रविवार होने के कारण साप्ताहिक अवकाश के कारण मंडी को 19 जून को खोला जाएगा।
बृजभूषण ने 2 पहलवानों से छेड़छाड़ की और 1 का पीछा किया, चार्जशीट से खुलासा
WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ दायर चार्जशीट से नए खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने 6 में से 2 महिला पहलवानों के साथ छेड़छाड़ की। इसके अलावा 2012 में एक पहलवान का पीछा किया और एक टूर्नामेंट के दौरान कमरे में बुलाकर उसे कसकर गले लगाया।
बालिग पहलवानों के केस में पुलिस ने एक हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की है। पुलिस ने कहा कि पहलवानों ने जिस जगह पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, वहां आरोपियों की मौजूदगी के सबूत मिले हैं।
मणिपुर में भीड़ ने विदेश राज्य मंत्री का घर जलाया, 20 दिन में 4 विधायकों के घर पर हमला

विदेश राज्य मंत्री रंजन सिंह मैतेई समुदाय के हैं। भीड़ ने उनके घर में 15 जून की रात को आग लगाई।
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच इंफाल में कथित भीड़ ने केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह के घर में आग लगा दी। घटना के वक्त मंत्री केरल में थे। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। गनीमत है कि घर जलाने की घटना में किसी को चोट नहीं आई।
बीते 20 दिन में 4 मंत्री और विधायकों के घर पर हमला हुआ है। इससे पहले 14 जून को उद्योग मंत्री नेमचा किपजेन के सरकारी बंगले में आग लगा दी गई थी। 8 जून को भाजपा विधायक सोराईसाम केबी के घर पर बम फेंका गया था और 28 मई को कांग्रेस विधायक रंजीत सिंह के घर पर तोड़फोड़ की गई थी।
कुछ लोगों ने भाजपा सांसद और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह के इंफाल स्थित घर में आग लगा दी। घटना के वक्त मंत्री केरल में थे। सिंह मैतेई समुदाय के हैं।
राजकुमार रंजन सिंह ने कहा, कल रात जो हुआ उसे देखकर बेहद दुख हुआ। मुझे बताया गया कि 50 से अधिक लोगों ने रात करीब 10 बजे मेरे घर पर हमला किया।
सिंह ने कहा- मैं हिंसा की घटनाओं से हैरान हूं। मणिपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।
पिछले 20 दिन में मणिपुर के मंत्रियों और विधायकों के घरों पर हमले का यह चौथा मामला है।
इससे पहले 14 जून को इंफाल के लाम्फेल इलाके में उद्योग मंत्री नेमचा किपजेन के सरकारी बंगले में आग लगा दी गई थी। किपजेन उस समय घर पर नहीं थीं।
8 जून को भाजपा विधायक सोराईसाम केबी के घर IED से हमला हुआ था। दो लोग बाइक से आए और उन्होंने खुले गेट के अंदर IED बम फेंक दिया था।
28 मई को भी कांग्रेस विधायक रंजीत सिंह के घर पर हमला हुआ था। कुछ लोग सेरो गांव आए और उन्होंने विधायक रंजीत के घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।
रिटायर्ड IAS अधिकारी के गोदाम में उपद्रवियों ने आग लगाई
शुक्रवार शाम को इंफाल में उपद्रवियों ने एक रिटायर्ड IAS अधिकारी के गोदाम में आग लगी दी। इस दौरान आरएएफ के जवानों और उपद्रवियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
उधर, पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक (रिटायर्ड) ने मणिपुर की स्थिति पर पीएम, गृहमंत्री को तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया है।

केंद्रीय मंत्री राजकुमार रंजन सिंह के घर में खड़ी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया।
राहुल बोले- भाजपा की नफरत की राजनीति में जल रहा मणिपुर
मणिपुर हिंसा पर गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया। राहुल ने लिखा- भाजपा की नफरत की राजनीति ने मणिपुर को 40 से अधिक दिनों तक हिंसा की आग में जलाए रखा है, जिसमें सौ से अधिक लोग मारे गए। पीएम पूरी तरह खामोश हैं।
हिंसा खत्म करने और शांति बहाल करने के लिए राज्य में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जाना चाहिए। आइए इस ‘नफरत के बाजार’ को बंद करें और मणिपुर में हर दिल में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलें।
जब हालात बिगड़ रहे थे, तब पीएम कर्नाटक में थे: भूपेश
मणिपुर हिंसा पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि जब वहां हालात लगातार बिगड़ रहे थे, तब पीएम, गृह मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्री कर्नाटक में थे। फिर गृहमंत्री ने राज्य में 4 दिन का दौरा भी किया, लेकिन स्थिति नहीं बदली। वहां हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, राज्य जल रहा है।

भीड़ ने मंत्री के घर को पूरी तरह से आग के हवाले कर दिया। गाड़ी सहित सामान जल गया।
पांच सौ से ज्यादा सिविल सोसाइटी ने बयान जारी किया
मणिपुर में जारी हिंसा पर वरिष्ठ वकिल प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सिविल सोसाइटी का दो पन्नों का एक बयान पोस्ट किया। भूषण ने लिखा- हिंसा पर प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए और इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए। कोर्ट की निगरानी में एक ट्रिब्यूनल बनाया जाना चाहिए जो हिंसा की घटना की जांच करे और जिम्मेदारी तय करे।
लोगों को न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए। राहत-पुनर्वास के काम तेज किए जाएं। इस लेटर पर देश के करीब साढ़े 500 संस्थाओं, संगठनों, सांसदों, पूर्व नौकरशाहों ने मणिपुर में जारी हिंसा की निंदा करते हुए राज्य सरकार की बंटवारे की राजनीति पर रोक लगाने की मांग की है।

घर के अंदर घुसकर लोगों ने सामान में तोड़फोड़ भी की। काफी नुकसान पहुंचाया।
म्यांमार से मणिपुर में घुसे 300 हथियार बंद लोग
म्यांमार से राज्य के बिष्णुपर जिले में 300 हथियारबंद लोगों के घुसने की जानकारी मिली है। सूत्रों के अनुसार, तोरबुंग के जंगलों में ठिकाना बनाने के बाद हिंसा करने वालों का ये समूह चूराचांदपुर की ओर बढ़ रहा है। बताया जाता है कि इनमें चिन और कुकी शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इनका पता लगाने के लिए ड्रोन इस्तेमाल कर रही हैं। इस बीच गुरुवार दोपहर में बिष्णुपुर जिले के त्रोंग्लाओबी में कुकी हमलावरों ने पुलिस वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग की।
जिसमें पुलिस का एक कमांडो शहीद हो गया, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इस बीच, राज्य में मोबाइल इंटरनेट प्रतिबंध को 20 जून तक बढ़ा दिया गया है।

इंफाल के न्यू चेकॉन इलाके में 15 जून को प्रदर्शनकारियों ने कुछ घरों में आग लगा दी थी।
केंद्र सरकार ने गवर्नर की अध्यक्षता में शांति समिति बनाई
केंद्र सरकार ने 10 जून को मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए राज्यपाल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। कमेटी के सदस्यों में मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के कुछ मंत्री, सांसद, विधायक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता तथा बुद्धिजीवियों और कलाकारों को शामिल किया गया था।
इनमें से कुछ कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने अब शांति समिति से हटना शुरू कर दिया है। प्रख्यात नाट्यकर्मी रतन थियम के बाद अब मणिपुर के नामी अभिनेता और निर्देशक माखोनमनि मोंग्साबा ने भी शांति समिति से किनारा कर लिया है।

इंफाल की एक गली में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागते RAF के जवान।
हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत
मणिपुर में 3 मई के बाद से जारी हिंसा में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 320 घायल हैं और 47 हजार से ज्यादा लोग 272 राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। वहीं, 10 जून को राज्य के 11 अफसरों का तबादला कर दिया गया। इनमें IAS और IPS अफसर शामिल हैं।
इससे पहले गृहमंत्री अमित शाह इस महीने की शुरुआत में 4 दिन के दौरे पर यहां आए थे। इस दौरान राज्य के DGP पी. डोंगल को हटा दिया गया था। उनकी जगह राजीव सिंह को कमान सौंपी गई है।
CBI ने 6 केस दर्ज किए, जांच के लिए SIT बनाई
उधर, 9 जून को ही CBI ने मणिपुर हिंसा के संबंध में 6 केस दर्ज किए। जांच के लिए SIT बनाई है, इसमें 10 सदस्य हैं। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट की वैकेशन बेंच ने राज्य में 3 मई से लगे इंटरनेट बैन पर फौरन सुनवाई से इनकार कर दिया।
जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने कहा कि मामला पहले से हाईकोर्ट में है। इस पर सुनवाई होने दें। याचिका एडवोकेट चोंगथम विक्टर सिंह और बिजनेसमैन मायेंगबाम जेम्स ने दायर की थी।

मणिपुर के हिंसा प्रभावित जिलों में असम राइफल्स की ओर से मेडिकल कैंप लगाए गए हैं
4 पॉइंट्स में जानिए, पूरा विवाद…
1. मणिपुर में आधी आबादी मैतेई समुदाय की
मणिपुर की लगभग 38 लाख की आबादी में से आधे से ज्यादा मैतेई समुदाय के लोग हैं। मणिपुर के लगभग 10% क्षेत्रफल में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल है। हाल ही में मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने पर विचार करने के आदेश जारी किए हैं।
2. मैतेई समुदाय आरक्षण क्यों मांग रहा है
मैतेई समुदाय के लोगों का तर्क है कि 1949 में भारतीय संघ में विलय से पूर्व उन्हें रियासतकाल में जनजाति का दर्जा प्राप्त था। पिछले 70 साल में मैतेई आबादी 62 फीसदी से घटकर लगभग 50 फीसदी के आसपास रह गई है। अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए मैतेई समुदाय आरक्षण मांग रहा है।
3. नगा-कुकी जनजाति आरक्षण के विरोध में
मणिपुर की नगा और कुकी जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। राज्य के 90% क्षेत्र में रहने वाला नगा और कुकी राज्य की आबादी का 34% हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। राजनीतिक रूप से मैतेई समुदाय का पहले से ही मणिपुर में दबदबा है।
नगा और कुकी जनजातियों को आशंका है कि ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों में बंटवारा होगा। मौजूदा कानून के अनुसार मैतेई समुदाय को राज्य के पहाड़ी इलाकों में बसने की इजाजत नहीं है।
4. हालिया हिंसा का कारण आरक्षण मुद्दा
मणिपुर में हालिया हिंसा का कारण मैतेई आरक्षण को माना जा सकता है। पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की सरकार ने चूराचांदपुर के वनक्षेत्र में बसे नगा और कुकी जनजाति को घुसपैठिए बताते हुए वहां से निकालने के आदेश दिए थे। इससे नगा-कुकी नाराज चल रहे थे। मैतेई हिंदू धर्मावलंबी हैं, जबकि ST वर्ग के अधिकांश नगा और कुकी ईसाई धर्म को मानने वाले हैं।
नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का अब PM म्यूजियम से जाना जाएगा, खड़गे बोले- ये तानशाही है
राजधानी दिल्ली स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदल दिया गया है। अब इसे प्राइम मिनिस्टर म्यूजियम एंड लाइब्रेरी के नाम से जाना जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र के इस फैसले को तानाशाही बताया। उन्होंने कहा कि जिनका अपना इतिहास नहीं है, वे दूसरों के इतिहास को मिटाने पर उतारू हैं।
1929-30 में बनाया गया यह भवन पूर्व PM जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक निवास था। नेहरू इस घर में करीब 16 साल रहे। 27 मई 1964 को उनके निधन के बाद सरकार ने यहां म्यूजियम बनाने का फैसला लिया। 14 नवंबर 1964 को उनकी 75वीं जयंती पर तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का उद्घाटन किया।
जापान में बिना सहमति संबंध अब रेप होगा, मर्जी से संबंध बनाने की उम्र 16 साल हुई

2019 में जापान में बलात्कार के कई आरोपियों को बरी कर दिया गया, जिसके बाद आम लोग और सामाजिक कार्यकर्ता सेक्स क्राइम लॉ में बदलाव की मांग करने लगे। ये उस वक्त के प्रोटेस्ट की तस्वीर है।
जापान ने 116 साल बाद सेक्स क्राइम लॉ में बड़े बदलाव किए हैं। शारीरिक संबंध बनाने के लिए सहमति की उम्र 13 से बढ़ाकर 16 साल कर दी गई है। इसके साथ ही रेप की डेफिनेशन चेंज करने के लिए भी कानून पारित किया गया। अब बिना सहमति के संबंध बनाने को रेप माना जाएगा।
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जापान के सेक्स क्राइम लॉ में बड़ा बदलाव किया गया है। यहां रेप की डेफिनेशन चेंज करने और सहमति की उम्र बढ़ाने के लिए नया कानून पारित किया गया है। नए कानून के मुताबिक बिना सहमति के शारीरिक संबंध बनाने को रेप माना जाएगा। अब तक यहां सिर्फ जबरदस्ती संबंध बनाने को ही रेप के दायरे में रखा जाता था। इसके अलावा, कानूनी तौर पर सहमति की उम्र को भी अब 13 साल से बढ़ाकर 16 साल कर दिया गया है।
जापान की संसद डायट के अपर हाउस में शुक्रवार को नया कानून पारित हो गया। इसमें 8 ऐसी कंडीशन्स को शामिल किया गया है जब किसी वजह से पीड़ित अपनी असहमति दर्ज नहीं करवा पाता है। जैसे अगर पीड़ित को कोई नशीला पदार्थ दे दिया जाए, उसे मारा या धमकाया जाए या संबंध बनाने से मना करने पर उसे किसी बात का डर हो। वहीं, जापान में पिछले 116 साल में पहली बार सहमति की उम्र को बदला गया है। 1907 में जब कानून बनाया गया था तब सहमति की उम्र 13 साल रखी गई थी।

इस तस्वीर में जापान की महिलाएं रेप कानून में बदलाव के लिए कैंपेन करती नजर आ रही हैं।
अपराध के 15 साल बाद भी पीड़ित शिकायत दर्ज करवा सकेगा
इसके अलावा, इस कानून के तहत रेप से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के अंतराल को भी 10 से 15 साल कर दिया गया है। यानी क्राइम के 15 साल बाद भी पीड़ित इसकी शिकायत दर्ज करवा सकता है। साथ ही फोटो वॉयरिज्म को भी बैन कर दिया गया है। जापान अब तक विकसित देशों में शारीरिक संबंध के लिए सबसे कम सहमति की उम्र वाला देश था।
हालांकि, नए कानून के मुताबिक, अगर किसी माइनर जिसकी उम्र 13-15 साल के बीच में हो, से कोई शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे तभी अपराध माना जाएगा जब आरोपी पीड़ित से कम से कम 5 साल बड़ा हो।
2021 में सिर्फ 6% पीड़ितों ने दर्ज करवाए मामले
दरअसल, जापान में रेप के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन कमजोर कानून के चलते या तो अपराधी छूट जाते हैं या लोग अपराध दर्ज ही नहीं करवाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2022 में जापान में रेप के 1.7 हजार मामले दर्ज किए गए थे। वहीं 2021 में जापान सरकार की तरफ से किए गए एक सर्वे के मुताबिक, केवल 6% पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी।
ग्रैमी विनर संग मोदी ने लिखा गाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटे अनाज के फायदों और दुनिया में भुखमरी को कम करने की क्षमता को बताने के लिए ग्रैमी विनर भारवंशी सिंगर फालू के साथ मिलकर एक गाना लिखा है। The Abundance in Millets गाने को मुंबई में जन्मी सिंगर फाल्गुनी शाह और उनके पति सिंगर गौरव शाह ने गाया है। फाल्गुनी का स्टेज का नाम फालू है। यह गीत 16 जून को रिलीज होगा। इसमें PM मोदी भी नजर आएंगे। (पीटीआई)
यौन उत्पीड़न में IPS दोषी करार
तमिलनाडु में विल्लुपुरम की एक अदालत ने राज्य के पूर्व स्पेशल डीजी राजेश दास को एक महिला IPS अधिकारी से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में शुक्रवार को दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई। हालांकि, अदालत ने उन्हें जमानत दे दी और अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है।
गुजरात में बिपरजॉय तूफान का असर अब कम हो रहा है। शाम होने के साथ-साथ इसके और कमजोर होने की आशंका है। हालांकि अभी भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश जारी है। ताजा वीडियो भुज का है। यहां चक्रवात बिपरजॉय का प्रभाव देखने को मिल रहा है। तेज हवा और भारी बारिश के कारण पुल टूट गया। देखिए





