भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहलवानों के धरने का आज रविवार को 10वां दिन है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट कर बृजभूषण, उसके 2 बेटे, दामाद और बेटे के साले के कुश्ती संघ में विभिन्न पदों पर होने पर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय ने पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या यह परिवारवाद नहीं है?
वहीं, पहलवानों की ओर से सोशल मीडिया पर एक ऑडियो सार्वजनिक किया गया है। यह ऑडियो कथित तौर पर बृजभूषण के होने का दावा किया गया है। इसमें फोन करने वाले पहलवान से सांसद बोल रहे हैं कि ‘ज्यादा हवा में मत उड़ो, पहलवान बनाना-बिगाड़ना दोनों जानता हूं’।
इस ऑडियो में पहलवान को साफ तौर पर कहा गया है कि अभी उसका एक मेडल आया है। 15 साल का लंबा करियर पड़ा है। बृजभूषण उसे अपने कहे के अनुसार चलने को बाध्य करते हुए प्रतीत हो रहे हैं। इधर, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत पहलवानों से मिलने जंतर-मंतर पर पहुंचे। SKM ने पहलवानों का समर्थन किया है।

धरना स्थल पर पहुंची पूर्व WWE महिला रेसलर कविता दलाल जंतर-मंतर धरना स्थल पहुंचकर WWE रेसलर कविता दलाल ने कहा कि देश का नाम दुनिया भर में रोशन करने वाली महिलाओं पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। उनकी सुनवाई तुरंत होनी चाहिए। क्योंकि इंडिया की जर्सी खरीदकर तो कोई भी पहन लेता है, मगर ये सम्मान के साथ हर किसी को नहीं मिलती है। इन बहन-बेटियों ने अपनी खून-पसीने की मेहनत से ये उपलब्धि हासिल की है।
खाप पंचायतों का धन्यवाद करते हुए कहा कि जब भी किसी ने भी इनसे गुहार लगाई है, ये तुरंत हाजिर हुए हैं। देश के कानून को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है। मगर, अगर बहन-बेटियों की आवाज उठाई जा रही है, या उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है तो ये सब खापों की बदोलत हुआ है।

बृजभूषण ने कहा- पहलवान कानूनी तौर पर हारे, तो करवा देंगे कत्ल
सोमवार शाम को बृजभूषण ने और भी कई बड़े दावे किए हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी कानूनी कार्रवाई में हारे तो मेरा कत्ल करवा देंगे। क्योंकि इन्होंने तय किया हुआ है कि बृजभूषण को छोड़ना नहीं है। आंदोलन में पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। उद्योगपति बड़े स्तर पर इसमें पैसा लगा रहे हैं।
कपिल सिब्बल जैसे एडवोकेट को सुनवाई के लिए खड़ा किया गया, जिनकी फीस एक सुनवाई की 50 लाख है। जो कि एक सामान्य खिलाड़ी नहीं दे सकता है। आज के समय में 5-10 लाख रुपए में मर्डर करने के लिए बहुत से लोग घूमते हैं। यह आंदोलन धीरे-धीरे शाहीन बाग आंदोलन की ओर बढ़ रहा है। यूपी और हरियाणा को बांटना चाह रहे हैं।





