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असम में मिले ब्रिटिश काल के सिक्के, घर की नींव खोद रहे थे लोग

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असम के मोरीगांव जिले के दंदुवा गांव में एक पुराने घर की सफाई के दौरान ब्रिटिश काल का एक प्राचीन लोहे का संदूक मिला है. इस संदूक के अंदर 1862 की महारानी विक्टोरिया और 1918 के राजा जॉर्ज पंचम के समय के चांदी के सिक्के बरामद हुए हैं. यह घर स्वर्गीय माधराम डेका का था, जो अपने समय के प्रतिष्ठित व्यापारी थे. खजाने की खबर फैलते ही इलाके में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है.

मोरीगांव जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां दंदुवा इलाके में एक पुराने घर के मलबे की सफाई के दौरान ब्रिटिश शासन काल का एक प्राचीन खजाना मिला है. स्वर्गीय माधराम डेका के पुराने घर को तोड़ने और सफाई करने का काम चल रहा था, तभी मजदूरों को मिट्टी के नीचे दबा हुआ एक भारी लोहे का संदूक मिला. जैसे ही परिवार के सदस्यों ने इस वर्षों पुराने संदूक को खोला, उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं. संदूक के अंदर ब्रिटिश काल के दुर्लभ सिक्के और कई ऐतिहासिक वस्तुएं सुरक्षित रखी हुई थीं.

संदूक के अंदर क्या-क्या बेशकीमती सामान मिला?

लोहे के इस पुराने संदूक को खोलते ही उसमें से प्राचीन काल की कई दुर्लभ चीजें निकलीं. सबसे महत्वपूर्ण खोज 1862 की महारानी विक्टोरिया के शासनकाल के सिक्के हैं. इसके अलावा, 1918 के ब्रिटिश इंडिया के चांदी के ‘वन रूपी’ (एक रुपया) के सिक्के और राजा जॉर्ज पंचम के काल के भी कई सिक्के बरामद हुए हैं. सिक्कों के साथ-साथ संदूक में एक पुराना चश्मा और कुछ अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं भी मिली हैं. संदूक पर ‘K.C. Trunk & Bucket Factory, Fancy Bazar, Gauhati’ लिखी हुई पीतल की एक नेमप्लेट लगी है, जो उस दौर के गुवाहाटी के व्यापारिक इतिहास को दर्शाती है.

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मोरीगांव में मिला ऐतिहासिक ‘गुप्त खजाना’.

कौन थे माधराम डेका और क्या है इस खजाने का राज?

स्वर्गीय माधराम डेका के पोते ने बताया कि उनके दादा अपने समय के बहुत बड़े और प्रतिष्ठित व्यवसायी थे. उनका मुख्य रूप से पीतल की थाली और कांसे के बर्तनों का बड़ा व्यापार था. परिवार का मानना है कि व्यापार के दौरान कमाई गई इन मुद्राएं और कीमती चीजों को उनके दादा ने सुरक्षा के लिहाज से इस संदूक में रखकर जमीन के पास दबा दिया होगा. वर्षों बाद जब घर की मरम्मत और सफाई का काम शुरू हुआ, तो यह ऐतिहासिक धरोहर अचानक सबके सामने आ गई.

ऐतिहासिक संपदा को देखने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़

जैसे ही गांव में प्राचीन सिक्के मिलने की खबर फैली, पूरे इलाके में कौतूहल का विषय बन गया. मोरीगांव के दंदुवा स्थित इस घर पर सैकड़ों की संख्या में लोग इन दुर्लभ सिक्कों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं. परिवार ने तुरंत स्थानीय गांवबुढ़ा (गांव के मुखिया) और प्रशासन को इसकी सूचना दी और उनकी मौजूदगी में ही इन सामानों को सार्वजनिक किया गया. वर्तमान में यह सिक्के और संदूक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं, क्योंकि ये न केवल आर्थिक बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं.

Ramswaroop Mantri

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