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*बिजनेस:बीमा कंपनियों की उच्च लागत रणनीति ने महंगा किया प्रीमियम;इरेडा के कर्ज वितरण में 44 फीसदी की बढ़ोतरी*

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आरबीआई ने बीमा क्षेत्र में संरचनात्मक दबावों की ओर इशारा करते हुए कहा है कि बीमा प्रीमियम में वृद्धि अब संचालन दक्षता के बजाय कंपनियों की उच्च-लागत वितरण-प्रेरित रणनीतियों से संचालित हो रही है। आरबीआई ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा, हाल में देखने में आया है कि सतही स्थिरता के बावजूद मध्यम अवधि में निरंतरता और कवरेज विस्तार पर दबाव बन सकता है। मुख्य दबाव उच्च खर्च संरचना, खासकर अधिग्रहण लागत की लगातार उच्च दर के रूप में दिखाई देता है। प्रीमियम वृद्धि अब अधिकतर उच्च-लागत वितरण रणनीतियों के कारण है, परिचालन दक्षता के कारण नहीं।

रिपोर्ट कहती है कि जीवन बीमा क्षेत्र में अग्रिम अधिग्रहण लागत ने यह सुनिश्चित नहीं होने दिया कि पैमाना बढ़ने पर लाभ सीधे पॉलिसीधारक तक पहुंचे। डिजिटलीकरण से होने वाले संभावित लाभ भी अभी तक पूरी तरह से हासिल नहीं हुए हैं। यह रिपोर्ट चेतावनी अंदाज में कहती है, बीमा कंपनियों के लगातार उच्च खर्च लाभांश को कमजोर कर सकते हैं। बीमा कंपनियों की कुल प्रीमियम आय 2024-25 में 11.9 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि 2020-21 में यह 8.3 लाख करोड़ रुपये थी।

ह्यूंडई: तरुण ने संभाला एमडी-सीईओ का पदभार
तरुण गर्ग ने ह्यूंडई मोटर इंडिया के एमडी व सीईओ का पदभार बृहस्पतिवार को संभाल लिया। दक्षिण कोरियाई वाहन कंपनी की भारतीय इकाई की स्थापना के 29 साल बाद यह पहली बार है, जब कोई भारतीय इसका नेतृत्व कर रहा है। तरुण उनसू किम का स्थान लेंगे, जो ह्यूंडई मोटर कंपनी में रणनीतिक भूमिका में लौट रहे हैं। 

चार फीसदी तक बढ़ेगी प्राकृतिक गैस की खपत
देश में प्राकृतिक गैस की खपत वित्त वर्ष 2026-27 में तीन से चार फीसदी बढ़ सकती है। इक्रा ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में कहा, निकट अवधि में सुस्ती के बाद प्राकृतिक गैस की घरेलू खपत में तेजी आने की उम्मीद है। एजेेंसी ने कहा, उद्योगों की ओर से गैस की मांग बढ़ने से खपत को समर्थन मिलेगा। 2025-26 के पहले सात महीनों में प्राकृतिक गैस की खपत 4.5 फीसदी घटी थी।

दिसंबर में 4.6 फीसदी बढ़ा कोयला उत्पादन
कोल इंडिया का कोयला उत्पादन दिसंबर, 2025 में सालाना आधार पर 5.2 फीसदी बढ़कर 72.4 मीट्रिक टन पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में उत्पादन 64.9 मीट्रिक टन रहा था। हालांकि, कोयले का उठाव दिसंबर, 2024 के 68.5 मीट्रिक टन से घटकर पिछले महीने 64.9 मीट्रिक टन रह गया। वहीं, अप्रैल-दिसंबर में कोयला उत्पादन में 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इरेडा के कर्ज वितरण में 44 फीसदी की बढ़ोतरी
सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) का अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान ऋण वितरण 44 फीसदी बढ़कर 24,903 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने अप्रैल-दिसंबर, 2024 में 17,236 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया था। इस दौरान स्वीकृत कर्ज राशि 40,100 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 29 फीसदी अधिक है।

Ramswaroop Mantri

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