*पत्नी और बेटी की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती*
इंदौर
शहर के नामी ऑटो मोबाइल व्यवसायी, समाजसेवी और नर्मदे युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवेश अग्रवाल की आकस्मिक मौत ने पूरे शहर को सन्न कर दिया। गुरुवार तड़के लसूड़िया थाना क्षेत्र की स्कीम नंबर 78 स्थित सौम्या महिंद्रा शोरूम में आग लगने से उनका घर और दफ्तर धुएं के समंदर में तब्दील हो गया। बताया जा रहा है घर में पांच दिन से जल रही अखंड ज्योत ही इस भीषण हादसे की वजह बनी। फर्नीचर पर सखी ज्योत से आग भड़की और कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। धुआं इतनी तेजी से फैला कि प्रवेश अग्रवाल को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सूत्रों के मुताबिक हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। प्रवेश अग्रवाल शोरूम के पेंट हाउस में सो रहे थे। नीचे शोरूम में उनके कर्मचारी रातभर की ड्यूटी पूरी कर निकल चुके
थे। जिस टेबल पर अखंड ज्योत रखी थी, वह धीरे-धीरे जलने लगी और कुछ ही मिनटों में आग ने कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। धुआं ऊपर तक पहुंच गया। परिवार में पत्नी श्वेता अग्रवाल और दो बेटियां सौम्या (14) और मायरा (12) उस वक्त घर में मौजूद थथे। तीनों भी धुएं से बेहोश हो गई। नौकरों ने किसी तरह दरवाजा तोड़कर परिवार को बाहर निकाला और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब 5000 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया। तब तक बहुत देर हो चुकी थी प्रवेश अग्रवाल की हालत गंभीर थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने
2016 में खरीदा था शोरूम
प्रवेश अग्रवाल मूल रुप से ग्वालियर के थे। उन्होंने 2016 में यह शोरुम बेटी सौम्या के नाम पर खरीदा था। परिचितों के मुताबिक प्रवेश हर वर्ष दीपावली पर पांच दिन की अखंड ज्योत जलाकर पूजा-अर्चना करते थे। हर वर्ष की तरह इस साल भी प्रवेश ने अखंड ज्योत जलाई थी। उन्हें शायद नहीं पता था जो जोत जला रहे है. वहीं उनका काल बन जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री भी रह चुके थे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। उनका सौम्या ग्रुप रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में जाना-माना नाम था। परिजनों और समर्थकों में शोक की लहर है। शवयात्रा 54, गोयल ग्रीन एमआर-11, उनके भाई कामेश अग्रवाल के घर से आज शाम 4:30 बजे सयाजी मुक्तिधाम के लिए निकलेगी।
मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ मौत दम घुटने से हुई। पुलिस का कहना है कि आग से कमरे का फर्नीचर, लकड़ी और परदे सब धुएं से जल गए। श्वेता अग्रवाल और बेटियों सौम्या और मायरा को बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
गाड़ियां सुरक्षित
घटना के वक्त शोरूम में करीब 15 से 20 वाहन थे। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई और तत्काल आग पर काबू पा लिया नहीं तो लपटें शोरुम तक पहुंचतीं तो विकराल रुप ले लेती और यह हादसा भौषण अग्निकांड के रुप में सामने आता।
घटना का सबसे बड़ा कारण हाई सिक्योरिटी
घटना का सबसे बड़ा कारण हाई सिक्योरिटी बताया जा रहा है। अंदर एसी और डिजिटल लॉक लगे थे, जो रिमोट या फिंगर टच से ही खुलते थे। सुबह धुंए के कारण लॉक नहीं खुल पाया। इसी के कारण कमरे में धुंआ भर गया।
कमलनाथ के करीबी थे, विवादों से रहा है नाता
प्रवेश अग्रवाल कांग्रेस नेता थे और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी माने जाते थे। वे कमलनाथ की कोर टीम में शामिल रहे। मूल रूप से देवास जिले की राजनीति करते थे। पिछले चुनाव में देवास शहर विधानसभा सीट से टिकट भी मांग चुके थे। उन्होंने देवास महापौर के लिए पत्नी का टिकट भी मांगा था, लेकिन एन मौके पर काट दिया गया था। उनका विवादित वीडियो भी खासी चर्चा में रहा था। 2 सितंबर को जन्मदिन पर मंडूक पुष्कर पर समर्थकों के बीच उन्होंने तलवार से केक काटा था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था।
सोम्या व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड का ओनर था मृतक प्रवेश अग्रवाल
आगजनी में मारे गए शोरूम मालिक ्प्रवेश अग्रवाल का पेंटहाउस शहर के लसुडिया थाना क्षेत्र स्थित था. मृतक प्रवेश अग्रवाल सोम्या व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड का ओनर था. पेंटहाउस तीन मंजिला बिल्डिंग के टॉप पर था. पुलिस निरीक्षक नीतू सिंह ने बताया कि पेंटहाउस में आगजनी गुरुवार सुबह पांच बजे के आस-पास आग लगी.
देवस्थान में रखे अखंड ज्योति के दीपक से पेंटहाउस में फैली आग
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पेंट हाउस भवन के निचले तलों पर चार पहिया वाहन निर्माता कंपनी का शोरूम है, जबकि तीसरी मंजिल पर बने पेंट हाउस में शोरूम के मालिक प्रवेश अग्रवाल अपने परिवार रहता था. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि अग्रवाल के घर में बने देवस्थान में अखंड ज्योति के दीपक के कारण घर में आग लगी.
मृतक कार शोरूम मालिक प्रवेश अग्रवाल सोम्या व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड का ओनर था. तीन मंजिला बिल्डिंग के टॉप पर बने पेंटहाउस में आगजनी की वजह अखंड ज्योति थी. पुलिस निरीक्षक नीतू सिंह ने बताया कि पेंटहाउस में आगजनी गुरुवार सुबह पांच बजे के आस-पास आग लगी.
अग्निकांड के वक्त मृतक पत्नी और नाबालिग बेटियां सो रहा था
पुलिस निरीक्षक ने बताया कि अग्निकांड के वक्त मृतक पत्नी और दो नाबालिग बेटियां घर में सो रही थीं. अखंड ज्योति के दीपक से फैली आग धीरे-धीरे पूरे घर में फैला गया. आगजनी से निकले भीषण धुएं ने पूरे घर को अपने आगोश में लिया, जिससे पेंट हाउस में सो रहे शोरूम मालिक प्रवेश अग्रवाल की दम घुटने से मौत हो गई.
अस्पताल में एडमिट है मृतक शोरूम मालिक की बड़ी बेटी
कार शोरूम मालिक प्रवेश अग्रवाल की पुष्टि करते हुए पुलिस निरीक्षक ने बताया कि अग्निकांड की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके बाद ही आगजनी की कारणों का पता लगेगा. उन्होंने बताया कि घटना में शोरूम मालिक की बड़ी बेटी अस्पताल में भर्ती है और चिकित्सक उसकी हालत पर निगाह रख रहे हैं, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सुरक्षित हैं.
आगजनी की शिकार पेंटहाउस में डिजिटल लॉक लगाए गए थे, जो रिमोट या फिंगरप्रिंट से ही खुलते थे, ऐसे में अखंड ज्योति के दीपक से लगी से आग से कमरे में धुआं भर गया. घर में सो रहे मृतक अग्रवाल समेत सभी का दम घुटने लगा. अग्रवाल ने ही छोटी बेटी और पत्नी को बाहर निकाला
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पेंटहाउस में आगजनी के बाद दम घुटने से प्रवेश अग्रवाल का रेस्क्यू गार्ड्स ने किया, लेकिन दम घुटने से उनकी मौत हो गई. दरअसल, पेंटहाउस में भरे धुंए में अपनी बड़ी बेटी को बाहर निकालने गए प्रवेश अग्रवाल खुद धुएं की चपेट में आ गए, जिससे उनका दम घुट गया और उनके प्राण निकल गए.





