रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हो सकती हैं। टीना (69) को पूछताछ के लिए दूसरा समन जारी किया गया था। उन्हें 10 फरवरी को एजेंसी के सामने पेश होने के लिए पहला समन जारी किया गया था लेकिन वह पेश नहीं हुईं।
पहले समन पर पेश नहीं होने पर टीना अंबानी को नया समन जारी कर 17 फरवरी को पेश होने को कहा गया था। हालांकि इस घटनाक्रम पर ईडी अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अधिकारियों ने कहा कि टीना अंबानी के पेश होने पर उनसे पूछताछ की जाएगी और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि टीना अंबानी को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी कॉन्डोमिनियम खरीदने से जुड़े मनी ट्रेल के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी ने हाल ही में इस मामले में आरकॉम (रिलायंस कम्युनिकेशन) के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया है।
खाद्य कीमतें बढ़ने से थोक महंगाई 10 माह में सबसे ज्यादा
खाने-पीने की वस्तुओं, गैर-खाद्य और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में मासिक उछाल के चलते थोक महंगाई जनवरी, 2026 में बढ़कर 10 महीने के उच्च स्तर 1.81 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पहले थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित महंगाई मार्च, 2025 में सबसे ज्यादा 2.25 फीसदी रही थी। अक्तूबर, 2025 के बाद यह लगातार तीसरा महीना है, जब डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति बढ़ी है। दिसंबर, 2025 में थोक महंगाई 0.83 फीसदी और जनवरी, 2025 में 2.51 फीसदी रही थी। उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को आंकड़े जारी करते हुए कहा, पिछले महीने थोक महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह मूल धातुओं के विनिर्माण, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य एवं खाद्य वस्तुओं और कपड़ों आदि की कीमतों में वृद्धि रही। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में खाने-पीने की वस्तुओं की थोक महंगाई दर बढ़कर 1.55 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जबकि दिसंबर में इसमें 0.43 फीसदी की गिरावट आई थी। सब्जियों की महंगाई दर मासिक आधार पर तेजी से बढ़कर 6.78 फीसदी पहुंच गई, जबकि दिसंबर यह शून्य से नीचे 3.50 फीसदी रही थी।
RBI के नए नियमों से एमएंडए फंडिंग को बढ़ावा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंकों की कैपिटल मार्केट एक्सपोजर (CME) से जुड़े नए नियमों से अब लेंडर्स कॉरपोरेट टेकओवर, मर्जर एंड एक्विजिशन (M&A) और लेवरेज्ड बायआउट जैसे सौदों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया फ्रेमवर्क बैंकों को अधिग्रहण से जुड़े डील्स को फंड करने की अनुमति देता है, साथ ही जोखिम पर कड़ा नियंत्रण भी सुनिश्चित करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिग्रहण के बाद डेब्ट-टू-इक्विटी रेशियो पर सीमा तय करने और कैपिटल मार्केट एक्सपोजर पर कैप लगाने से केवल मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों को ही बैंक फंडिंग मिल पाएगी। इससे जोखिम भरे कर्ज पर अंकुश लगेगा और बैंकिंग सिस्टम में स्थिरता बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सिस्टमेटिक रिस्क में कमी आएगी, यानी वित्तीय अस्थिरता की आशंका घटेगी, साथ ही कॉरपोरेट डील्स के लिए संरचित और सुरक्षित फंडिंग का रास्ता भी खुलेगा।
जापान की अर्थव्यवस्था सुस्त, 2025 की आखिरी तिमाही में महज 0.2% की बढ़त
जापान की अर्थव्यवस्था 2025 की आखिरी तिमाही में बेहद धीमी रफ्तार से बढ़ी और वार्षिक आधार पर सिर्फ 0.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, यह जानकारी सरकार ने सोमवार को जारी आंकड़ों में दी। पूरे वर्ष 2025 में आर्थिक वृद्धि मात्र 1.1 प्रतिशत रही। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में निजी खपत में 0.4 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई, लेकिन निर्यात में 1.1 प्रतिशत की गिरावट ने इस बढ़त को कमजोर कर दिया।
निर्यात पर निर्भर जापान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी टैरिफ का असर पड़ा है और पिछले कुछ वर्षों से विकास की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने हालिया आम चुनाव में बड़ी जीत के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए खर्च बढ़ाने और खाद्य पदार्थों पर बिक्री कर निलंबित करने जैसे कदम उठाने का संकेत दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नॉर्वे पहुंचीं। इस दौरान वह नॉर्वे के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगी, द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगी और व्यापार जगत के नेताओं, निवेशकों तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद करेंगी।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि ओस्लो एयरपोर्ट पर पहुंचने पर भारत की नॉर्वे में राजदूत ग्लोरिया गांगटे ने उनका स्वागत किया। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नॉर्वे के ओस्लो हवाई अड्डे पर आगमन पर भारतीय राजदूत द्वारा औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरे को भारत-नॉर्वे आर्थिक सहयोग, निवेश संबंधों को मजबूत करने और द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






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