देपालपुर। हमें प्रसन्न होना चाहिए की हम संस्कार और सभ्यता की पवित्र धरा भारत भूमि पर पैदा हुए है इस पावन धरा पर जन्म लेने के लिए देवता भी तरसते है। उक्त उदगार प्रसिद्ध कथा वाचक पण्डित प्रदीप मिश्रा ने श्री चौबीस अवतार मन्दिर में चल रही साथ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस शुक्रवार को व्यक्त किए। उन्होंने कहा की जिस प्रकार वृक्ष हमें फल देता है उसी प्रकार शिव पर जल व बिल पत्र आदि चढाने से वे हमें पुण्य फल देते है जिससे हमारा कल्याण होता। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां अपने छोटे बच्चो को पिता से मिलवाती है उसी प्रकार गुरू सृष्टि के पिता शिव से हमें मिलवाता है। दादा की गोद में जब पोता बैठता है तो कुछ ना कुछ लेकर ही उठता है उसी प्रकार सृष्टि के पिता श्री शिव की छत्रछाया में जब भक्त बैठता है तो वह बहुत कुछ पा जाता हैं। धन सम्पदा और वेभव कितना भी बना लो एक दिन सब यही रह जाएगा साथ जाएगा तो सिर्फ आपका पुण्य जाएगा। उन्होंने कहा भगवान और मनुष्य में सबसे बड़ा अंतर है यह है कि भगवान का शरीर पत्थर का है और इंसान का दिल पत्थर का है मनुष्य का दिल पत्थर की तरह कठोर हो गया है। उन्होंने कहा पहले बेटी किसी की भी हो वो पुरे गांव की बेटी होती थी लेकिन अब पड़ोसियों से ही बेटियों को डर लगता है। उन्होंने सदैव अच्छा करते रहने का प्रयास करने की बात कही भले ही जस मिले या ना मिले। उन्होंने माता पिता से बच्चो को शिक्षित करने के साथ ही संस्कार वान बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब भी दुःख की घड़ी आए तो डरना या घबराना मत उससे मुकाबला करना और हिम्मत से डटे रहना दुःख की घड़ी के सुख की घड़ी भी आती है। उनके सुंदर भजन ओ डमरू वाले ओ काशी वाले दिल मेरा हुआ तेरा दीवाना.. ले गई रे ले गई रे चित चोर.. आदि सुंदर भजनों पर पांडाल में मौजूद महिला पुरूष श्रद्धालु झूम उठे। कथा के शुरूआत में मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पूर्व विधायक मनोज पटेल सचिव चिंटू वर्मा मुख्य यजमान बब्बी दरबार ट्रस्ट उपाध्यक्ष सुलोचना पटेल आदि दानदाताओं ने व्यास पीठ का पूजन कर पण्डित श्री मिश्रा जी का स्वागत किया। कथा में पहुंचे संत महात्माओं का मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष मनोज पटेल ने शाल श्री फल भेंट कर सम्मान किया। कथा के तृतीय दिवस सांसद शंकर ललवानी भी पहुंचे। ग्यारह रूद्र मन्दिर निर्माण निमित्त हो रही शिव महापुराण कथा को सुनने देश के कई राज्यो से शिव भक्त यहां पहुंच रहे है। पण्डित श्री मिश्रा की कथा में शिव भक्ति और पूजन के बारे में भक्तो को बड़े ही सरल शब्दों में समझाया जा रहा है। कैसे भगवान शिव की भक्ति कर फल फल प्राप्त किए जाएं यह भी उनकी कथा में श्रद्धालुओं को बताया जा रहा है। उनकी कथा में शिव महिमा का मंडन बहुत ही साधारण रूप से किया जा रहा है। मन्दिर ट्रस्ट सचिव चिंटू वर्मा ने कथा के प्रारम्भ में मन्दिर की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी श्रद्धालुओं को देते हुए पूज्य गुरूदेव जय करणणदास जी महाराज की महिमा का मंडन किया।
पूर्व मंत्री निर्भय सिंह पटेल की स्मृति में उनके पोते निरल मनोज पटेल और विश्वांजय रवि पटेल ने एक मन्दिर निर्माण की नगद राशि 21 लाख नगद भेंट की
पूर्व विधायक व मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज पटेल के पुत्र निरल पटेल और रवि पटेल के पुत्र विष्वांजय ने अपने दादाजी पूर्व मंत्री स्वर्गीय निर्भयसिंह जी पटेल की स्मृति में भगवान शिव के ग्यारह रूद्र अवतार मन्दिर निर्माण में एक मन्दिर निर्माण के लिए 21 लाख की नगद दान राशि कथा के दौरान दी।
शिव पर जल व बिल पत्र आदि चढाने से वे हमें पुण्य फल देते है-पण्डित प्रदीप मिश्रा





