‘नफरतें
भारत छोड़ो-ंभारत जोड़ों’’ अभियान की शुरूआत
उदयपुर, नौ अगस्त, 2022 को स्वतंत्रता आन्दोलन के अनाम -शहीदो को
श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने समाजवादी एवं मंुबई के मेयर
युसूफ मेहर अली के सु-हजयाव पर 1942 में ‘‘अंग्रेजो भारत छोड़ो’’ का
आह्वाहन किया था। उसी तरह जनक्रांति दिवस को महात्मा गांधी के पड़पौते
तु-ुनवजयाार गांधी के सु-हजयाव पर पूरे दे-रु39या के साथ-ंउचयसाथ उदयपुर में भी ‘‘नफरतें
भारत छोड़ो-ंभारत जोड़ों’’ अभियान की -रु39याुरूआत की गई है।

नौ गस्त क्रान्ति दिवस को ह-ुनवजर्याोल्लास से मनाते हुए मुख्य अतिथि इन्दौर से पधारे
समाजवादी नेता राम बाबू अग्रवाल ने समता संवाद मंच द्वारा आयोजित गो-ुनवजयठी
‘‘एक नई जनक्रान्ति की आव-रु39ययकता’’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहे।
राम बाबू ने कहा कि आज जनक्रान्ति की इसलिए जरूरत हैं क्योंकि दे-रु39या के हालात
बहुत बुरे हैं। मजदूरों, किसानों, नौजवानों, बेरोजगारों, महिलाओं,
दलितों और आदिवासियों को किसी भी तरह से न्याय नहीं मिल रहा है।

-िरु39याक्षा
का अभाव है। लेकिन सरकार स्कूल नहीं खोल रही है। आधे से ज्यादा बच्चों
को मजबूरन महंगे निजी स्कूलों में प-सजय़ने जाना पड़ता है। प-सजय़ने के बाद
भी रोजगार नहीं मिलता निजी क्षेत्र में -रु39याो-ुनवजयाण की पराका-ुनवजयटा है। दे-रु39या की
सीमा पर खतरा मण्डरा रहा है। ऐसे में एक नई जनक्रान्ति की आव-रु39ययकता है।
गो-ुनवजयठी की अध्यक्षता कर रहे प्रो. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि इस दौर में नफरते
ब-सजय़ी है। केन्द्र सरकार चुन चुन के ऐसे मुद्दे उठा रही है कि हिन्दुओं
और मुस्लमानों में घृणा का वातावरण बना, आज़ादी के समय ऐसा नहीं
था। उस समय -िरु39याक्षण संस्थानों में संस्थानों से सौहार्द्र का वातावरण
बनाया जाता था। लेकिन विद्या निकेतन, आद-रु39र्या विद्या मन्दिर जैसे स्कूलों के
खुलने के बाद स्कूलों से भी घृणा फैलाई जाने लगी और आज हम ऐसे
मुकाम पर पहुंच गये है कि लोगों का एक दूसरे पर विष्वास ही उठता जा रहा है।
भाजपा ने सम-हजय लिया है कि 50 प्रति-रु39यात वोटों से भी सरकार बनाई जा सकती है।
इसलिए हिन्दू वोटों का ध्रुवीकरण करने में लगी हुई है।

गो-ुनवजयठी का संचालन करते हुए समता संवाद मंच के संस्थापक हिम्मत सेठ ने कहा
कि दे-रु39या को आजाद कराने के लिए जिस तरह आम जन ने कुर्बानियाँ दी, पुलिस की लाठी
और गोली खाई, जेल गये, यातनाएं सही लेकिन आजादी से देखे सपने पूरे नहीं
हुए। -िरु39याक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रोटी, कपड़ा, मकान जैसी आव-रु39ययक प्राथमिकताएं
भी पूरी नहीं हुई। कहां तो नारा लगता था ‘‘भूखी जनता चुप न रहेगी
धन और धरती बंट के रहेगी और कहा जो लोगों के पास था वो भी
सेठों के अधिकार में चला गया। ऊपर से सरकार द्वारा सभी चीजों का निजीकरण।
सक्षम को ही सबकुछ मिलेगा। आमजन को कुछ नहीं नीति पर चल रहीं सरकार तो
बर्दास्त के बाहर है। हद तो तब हो गई जब किसानों को एक साल से ज्यादा समय
धरना प्रद-रु39र्यान के बाद भी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जो सरकार तय करती
है वह भी सरकार और पूंजीपति देने को तैयार नहीं है। इसी तरह मजदूरों
को न्यूनतम वेतन जो सरकार तय करती है वह भी नहीं मिल रहा तब जनक्रांति के
अतिरिक्त और क्या बचता है जो किया जाय।
गो-ुनवजयठी को सम्बोधित करते हुए प्रो. फरहत बानो ने कहा कि दे-रु39या में नफरते
केवल धर्म के आधार पर फैलाई जा रही हैं ऐसा नहीं है। साम्प्रदायिकता तो
एक बड़ा कारण है लेकिन जाति, लिंग क्षैत्र और अमीरी-ंउचयगरीबी के आधार पर भी
नफरतें फैलाई जा रही है। इसे रोकने के लिए नफरते भारत छोड़ो
अभियान चलाना और जनक्रान्ति के लिए आवाज उठाना जरूरी है। डॉ. सुधा
चौधरी ने कहा कि हमारे साथ लोग नहीं आते इसलिए कि हम लोग उनके किसी
काम के नहीं है। केवल बातों से काम नहीं चलता। सुख-ंउचयदुःख में साथ
खड़ा होना पड़ता है। लोग तैयार बैठे हैं आप बस उन्हें वि-रु39यवास दिलाओ
कि हम आपके साथ है।
गो-ुनवजयठी को मंच के उपाध्यक्ष एडवोकेट डॉ. भरत सिंह राव ने सम्बोधित
करते हुए कहा कि इस समय जनक्रान्ति की बहुत आव-रु39ययकता है। नौजवानां को इसमें
अहम भूमिका निभानी होगी। समता संवाद मंच की अध्यक्षा डॉ. सरवत खान ने
सभी आगन्तुको का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आम जन से जुड़ने और
संवाद स्थापित करने का सबसे अच्छा तरीका है यात्राएं करना। यात्रा चाहे पदयात्रा
हो या वाहन यात्रा सन्देष और संवाद दोनों से होता ही है। लोगों तक
साहित्य पहुंचाने से भी सन्दे-रु39या दे सकते है।
गो-ुनवजयठी को एच.ए. दानि-रु39या, फिरोज बसिर खान, इस्माइल अली दुर्गा, ललित लबाना
ने भी सम्बोधित किया।
इसके पहले सभी साथियों ने -रु39याहीद स्मार्क, टाउन हॉल जाकर अनाम -रु39याहीदों
को श्रद्धांजलि दी। यहां डॉ. हेमेन्द्र चण्डालिया, अ-रु39याोक मन्थन, रक्षित परमार,
नयाब कुरै-रु39याी, एन.के. -रु39यार्मा, ललित -रु39यार्मा, पीयू-ुनवजया जो-रु39याी, आदे-रु39या गौड़, डॉ.
नन्द लाल अग्रवाल, उमा अग्रवाल, राम बाबू अग्रवाल, लक्ष्मी अग्रवाल भी उपस्थित
थे।
हिम्मत सेठ
मो. 9460693560





