डॉ. प्रिया
कुछ लोगों द्वारा सोडा वाटर लिया जाता है। इसे पीने के बाद डकार आती है और बेहतर महसूस होता है। कुछ लोगों का मानना है कि इसमें मौजूद बुलबुले पेट में फंस जाते हैं, जिससे पेट फूल जाता है।
तो वास्तव में क्या माना जाए? कार्बोनेटेड वॉटर या सोडा वॉटर पाचन के लिए अच्छे हैं या खराब?
*कार्बोनेटेड वॉटर के स्वरूप :*
कार्बोनेटेड वॉटर कई रूपों में आता है। इसमें सोडा वॉटर, स्पार्कलिंग वॉटर, फिज्जी वाटर और सेल्टज़र वॉटर भी शामिल हैं।
दबाव के तहत पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस डाली जाती है, जिससे छोटे-छोटे बुलबुले बन जाते हैं।
इनमें से कोई भी वॉटर सादे पानी का विकल्प नहीं हो सकता। इसे हमेशा संतुलित मात्रा में लेना चाहिए। हर दिन एक ग्लास लो कैलोरी और लो शुगर वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक लिए जा सकते हैं।
*अपच से राहत दिलाता है कार्बोनेटेड वॉटर :*
गैस और ब्लोटेड महसूस करने पर कार्बोनेटेड वॉटर पीना राहत भरा हो सकता है। आमतौर पर पेट में एसिड की अधिकता और अपच के कारण दर्द, उल्टी, सूजन, कब्ज और अन्य कई समस्याएं हो सकती हैं।
कुछ लोगों के लिए एक गिलास कार्बोनेटेड पानी अपच की परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है। इससे फंसी गैस को बाहर निकालने में मदद मिलती है। यह निगलने की क्षमता में सुधार कर ऐसा कर पाता है।
एक अध्ययन में पाया गया कि कार्बोनेटेड वाटर किसी भी अन्य पेय की तुलना में खाने के लिए जरूरी नर्वस को अधिक उत्तेजित करता है।
*कम कैलोरी वाला विकल्प अपनाएं :*
शुगर और मोटापा के मरीज के लिए कार्बोनेटेड वाटर सही नहीं है। हालांकि इसमें मौजूद शुगर लेवल सभी के लिए हानिकारक है। न केवल अतिरिक्त चीनी दांतों के लिए हानिकारक है, बल्कि कार्बोनेटेड फॉर्म अवांछित वजन बढ़ने का कारण भी बन सकती है।
यह कई स्वाद विकल्पों के रूप में मौजूद होता है। ताज़ा खट्टे फलों के रस से लेकर फलों के रस या कॉर्डियल्स तक यह स्पार्कलिंग पानी अच्छा विकल्प है। इसका अत्यधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही, हमेशा लो कैलोरी ड्रिंक का चुनाव करना चाहिए।
*कब्ज से राहत :*
स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए पर्याप्त भोजन और फाइबर के साथ-साथ हाइड्रेशन भी जरूरी है। कार्बोनेटेड वाटर पानी का एक बड़ा स्रोत है, जो पाचन प्रक्रिया के माध्यम से भोजन को आंत में स्थानांतरित करने में मदद करता है।
इससे बोवेल मूवमेंट में भी मदद मिल सकती है। इसे अल्कोहल के विकल्प के रूप में भी लिया जा सकता है। अध्ययन बताते हैं कि कार्बोनेटेड वाटर आम तौर पर मीठे पेय विशेष रूप से फ़िज़ी पेय की तुलना में स्वस्थ विकल्प है।
*क्या फिज्जी ड्रिंक्स दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाती हैं?*
कार्बोनेटेड पानी में कार्बन डाइऑक्साइड मौजूद होता है। आम लोग मानते हैं कि यह दांतों के इनेमल में समा जाएगा। इससे कैविटी का खतरा बढ़ जाता है।
कार्बोनेटेड पानी अम्लीय होता है, लेकिन इसका चयापचय अम्लता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यदि संतुलित मात्रा में लिया जाए, तो इसका ओरल हेल्थ पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।
फ़िज़ी पेय में मौजूद एडेड शुगर दांतों की सड़न का कारण बन सकती है।





