बुधवार सुबह इंदौर के राजवाड़ा से कलेक्टर कार्यालय तक कांग्रेसियों द्वारा राजनीतिक रैलियों को छूट और धार्मिक जुलूस पर प्रतिबंध के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया गया। मामले में रावजी बाजार थाने में विधायक सहित 200 कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया गया है।
वहीं कांग्रेस के 10 कार्यकर्ताओं पर शासकीय कार्य में बाधा में चिंटू चौकसे, रमेश खान, दौलत पटेल, अनवर कादरी, अनवर दस्तक, निखिल वर्मा सहित अन्य 200 पर धारा 353 का मामला दर्ज किया है। वहीं विधायक पर धारा 188 के तहत संजय शुक्ला जीतू पटवारी सहित नगर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल सदाशिव यादव देवेंद्र यादव सुजीत चड्ढा व पंकज संघवी पर मामला दर्ज हुआ है। प्रदेश में कोविड-19 चलते किसी भी धार्मिक आयोजन व रैली प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी
विरोध में प्रदर्शन करने गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, फिर वाटर कैनन से पानी मारा गया था जिसमें विधायक संजय शुक्ला समेत 10 कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। इसके बाद प्रशासन ने नेताओं को ज्ञापन देने बुलाया। कांग्रेस की मौन रैली को प्रशासन से अनुमति नहीं मिली थी। मामले में एडीएम ने संबंधितों पर कार्रवाई की बात कही है।
कांग्रेस की बैठक में तय हुआ था कि वे राजबाड़ा से चार-चार लोगों की लाइन में काले कपड़े और मास्क लगाकर मौन रैली निकालेंगे और कोई गड़बड़ी नहीं होने देंगे। यह भी बताया गया कि नारेबाजी के बजाय तख्तियां लेकर हाथ में चलेंगे। अपनी मांगें ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। सुबह करीब 10 बजे सभी विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेसी गांधी भवन पर एकत्र हुए। इनमें से अधिकांश ने काले कपड़े और काले मास्क पहने थे। इसके साथ ही हाथों में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तख्तियां थी।




