पसमांदा आंदोलन में सक्रिय होने से पहले अली अनवर पत्रकारिता से जुड़े रहे। बतौर पत्रकार उन्होंने ‘जनशक्ति’ से लेकर ‘जनसत्ता’ तक काम किया। पसमांदा आंदोलन पर लिखी गई उनकी महत्वपूर्ण पुस्तकें, जैसे ‘मसावत की जंग’ (2001) और...
Category - Food & Drinks
आर एस एस – काया और माया” : हिन्दुत्व वर्चस्ववाद के अतीत का गंधाता कुआं
(पुस्तक समीक्षा : सुभाष गाताडे) धर्मान्ध लोग – जो हंसना भूल गए हैं, रोना भूल गए हैं, और करूणा भूल गए हैं – ऐसे इंसान हैं, जो एटम बम से भी ज्यादा ख़तरनाक हैं। – पी लंकेश के काॅलम ‘कहीं मैं भूल न जाऊं’ से (पेज 6, ‘आर एस...














