अभिनेत्री सेलीना जेटली ने अपने दिवंगत पिता कर्नल विक्रम कुमार जेटली (एसएम) को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखी और भारत-पाकिस्तान तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. सेलीना ने अपने पिता की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “शहीद सैनिक – बीती रात मैंने अपने पिता कर्नल विक्रम कुमार जेटली का सपना देखा, जिन्हें उनके सैनिक ‘टाइगर’ कहकर पुकारते थे.”
सेलीना ने आगे लिखा, “1971 के युद्ध में 21 साल की उम्र में घायल हुए, गोलियों ने उनके पैर को चोटिल किया, छर्रे उनके शरीर में धंस गए, मगर उनका साहस अडिग रहा. वे जीवित रहे, नेतृत्व करने, सेवा करने और दहाड़ने के लिए. एक सच्चे देशभक्त. मैं बेचैनी से जागी और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खबर पढ़ी.”
उन्होंने लिखा, “मुझे आश्चर्य हुआ, क्या वे मृत्यु के बाद भी पहरा दे रहे हैं? शायद यह मेरे मन का वहम है, लेकिन एक सैनिक की बेटी के रूप में मैं जानती हूं कि शांति की कीमत खून से चुकाई जाती है.”
सैनिक का सम्मान करना है तो भारतीय बनो
सेलीना ने आगे कहा, “एक सैनिक की आत्मा जाति, रंग, नाम या धर्म नहीं जानती. वह फौलाद के पहाड़ की तरह हमारी रक्षा करता है. पिता को हर अलविदा इस डर के साथ कहा जाता था कि शायद यह आखिरी हो.”
उन्होंने लिखा, “जब आप किसी सैनिक का अपमान करें, उनके परिवार का मजाक उड़ाएं या बांटने की कोशिश करें, तो याद रखें कि आपकी नींद की रक्षा कौन करता है. पापा कहते थे, सैनिक का सम्मान करना है तो ऐसा भारतीय बनो, जिसके लिए मर सकें. हमारे सशस्त्र बल हमारी शांति और संप्रभुता के लिए बदला लेने को तैयार हैं. जय हिंद!”
एक अन्य पोस्ट में सेलीना ने लिखा, “मैं ऑस्ट्रिया में हूं, लेकिन नींद नहीं आ रही. सोना भी आज विलासिता लग रहा है, क्योंकि मेरे देश में शांति पर हमला हो रहा है. मेरा दिल बेचैन है, मैं यहां के समय में हूं, मगर भारत की खबरों में उलझी हूं. भले ही मैं दूर हूं, मेरी आत्मा और भावनाएं भारत के साथ हैं.”
चैन से सांस ले रहे हैं
उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों को धन्यवाद देते हुए लिखा, “आप अव्यवस्था और हमारे बीच ढाल बनकर खड़े हैं. आप हमें उन खतरों से बचाते हैं, जिन्हें आम लोग शायद कभी समझ न पाएं. आपका साहस न केवल युद्ध में, बल्कि ठंडी रातों में सरहद की रक्षा करने और बिना रुके देश के लिए कदम बढ़ाने में दिखता है.”
सेलीना ने लिखा, “हम आज सुरक्षित हैं, चैन से सांस ले रहे हैं, क्योंकि भारतीय सेना अडिग खड़ी है. आपका दर्द हम सब महसूस करते हैं. आपकी ताकत और साहस को कभी भुलाया नहीं जा सकता.”
अर्थ क्या है. हम आपके साथ हैं. इस मुश्किल समय से एकजुट होकर निकलेंगे और फिर से खड़े होंगे. शांति सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हर इंसान का जन्मसिद्ध अधिकार है. कोई भी हमला भारत की आत्मा को नहीं तोड़ सकता.





