इंदौर के दो महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट कन्वेंशन सेंटर और स्टार्टअप पार्क का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। सुपर कारिडोर पर तय इन दोनों प्रोजेक्ट्स में अनुमति की उलझनें आ रही हैं। एक ओर जहां कन्वेंशन सेंटर के भू-उपयोग की फाइल भी शासन ने लौटा दी है वहीं स्टार्टअप पार्क की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में कंसल्टेंसी की नियुक्ति की जा चुकी है इसके बावजूद काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
दुनियाभर के स्टार्टअप को मिलेगी जगह
इंदौर में मध्यभारत का सबसे बड़ा स्टार्टअप पार्क बनाया जा रहा है। इसमें शहर और प्रदेश के साथ देशभर के स्टार्टअप को जगह देने की योजना है। इसके ठीक सामने से मेट्रो निकलने वाली है और आसपास वन विभाग की जमीन भी आ रही है। अधिकारियों की मानें तो अभी कई विभागों से अनुमति नहीं मिली है जिस वजह से प्रोजेक्ट जमीन पर नहीं उतर पा रहा है। इसकी डिजाइन फाइनल करने के लिए दुनिया की कई प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया गया था। इसके बाद एक कंपनी तय कर इसकी डिजाइन फाइनल की गई और जमीन तय की गई। बताया जा रहा है कि इसे तीन ब्लाक में बनाया जाएगा और यह 27 मंजिला होगा। इसकी ऊंचाई बढ़ाने की अनुमति मांगी गई है लेकिन शासन स्तर पर अनुमति लंबित होने से भी काम आगे बढ़ने में परेशानी आ रही है।
कहां किसे जगह मिलेगी यह भी तय नहीं
आईडीए, नगर निगम और अन्य सभी विभाग इस प्रोजेक्ट को लेकर कई बैठकें कर चुके हैं लेकिन अभी तक यह भी तय नहीं हो पाया है कि स्टार्टअप की मंजिलों को किस कैटेगिरी में बांटा जाएगा। इसमें स्माल, मीडियम और लार्ज लेवल के स्टार्टअप रहेंगे लेकिन किसे कहां जगह मिलेगी और कितनी जगह मिलेगी यह प्लान भी अभी तक नहीं बन पाया है। इस पर अधिकारियों और स्टार्टअप कंसल्टेंट्स की अलग अलग राय हैं।





